{"_id":"698e1b168f376dd3f702536a","slug":"50-subsidy-will-be-given-on-cultivation-of-vine-vegetables-using-scaffolding-method-hamirpur-news-c-223-1-hmp1028-136043-2026-02-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: मचान विधि से बेल वाली सब्जी की खेती पर मिलेगा 50 फीसदी अनुदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: मचान विधि से बेल वाली सब्जी की खेती पर मिलेगा 50 फीसदी अनुदान
Thu, 12 Feb 2026 11:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Thu, 12 Feb 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। अगर आप किसान हैं और बेल वाली सब्जी की खेती कर रहे हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। एकीकृत बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत मचान विधि अपनाने के लिए 50 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। प्रति हेक्टेयर 20 हजार रुपये की लागत पर 10 हजार रुपये की धनराशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
जिले में लौकी, तरोई, कद्दू समेत अन्य बेल वाली सब्जियों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए उद्यान विभाग ने मचान विधि (ट्रेलिस सिस्टम) से उत्पादन बढ़ाने की योजना शुरू की है। इस पद्धति से खेती करने वाले किसानों को 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाएगा। योजना के लिए शासन स्तर से लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया गया है। सामान्य वर्ग के किसान के लिए 10 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है, जबकि अनुसूचित वर्ग के लिए 5 हेक्टेयर लक्ष्य विभाग के पास है।
उद्यान निरीक्षक सौभाग्य सोनी ने बताया कि मचान विधि से बेलदार सब्जियों की खेती करने पर पौधों को पर्याप्त धूप और हवा मिलती है, यही वजह है कि मचान विधि पर तैयार होने वाली फसल में रोग कम लगते हैं और फल की गुणवत्ता बेहतर होती है। जमीन के सीधे संपर्क से बचाव होने के कारण सड़न भी कम होती है, जिससे उत्पादन अच्छा होता है। जिले में यह योजना पहली बार लागू की गई है, जिससे सब्जी उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी। यह कार्यक्रम ऐड-ऑन कंपोनेंट के रूप में संचालित किया जा रहा है। इसका लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने उद्यान विभाग में शंकर सब्जी (शाक-भाजी) कार्यक्रम के अंतर्गत आवेदन किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में लौकी, तरोई, कद्दू समेत अन्य बेल वाली सब्जियों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए उद्यान विभाग ने मचान विधि (ट्रेलिस सिस्टम) से उत्पादन बढ़ाने की योजना शुरू की है। इस पद्धति से खेती करने वाले किसानों को 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाएगा। योजना के लिए शासन स्तर से लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया गया है। सामान्य वर्ग के किसान के लिए 10 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है, जबकि अनुसूचित वर्ग के लिए 5 हेक्टेयर लक्ष्य विभाग के पास है।
विज्ञापन
उद्यान निरीक्षक सौभाग्य सोनी ने बताया कि मचान विधि से बेलदार सब्जियों की खेती करने पर पौधों को पर्याप्त धूप और हवा मिलती है, यही वजह है कि मचान विधि पर तैयार होने वाली फसल में रोग कम लगते हैं और फल की गुणवत्ता बेहतर होती है। जमीन के सीधे संपर्क से बचाव होने के कारण सड़न भी कम होती है, जिससे उत्पादन अच्छा होता है। जिले में यह योजना पहली बार लागू की गई है, जिससे सब्जी उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी। यह कार्यक्रम ऐड-ऑन कंपोनेंट के रूप में संचालित किया जा रहा है। इसका लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने उद्यान विभाग में शंकर सब्जी (शाक-भाजी) कार्यक्रम के अंतर्गत आवेदन किया है।
विज्ञापन