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गेहूं खरीद केंद्रों पर व्यापारियों का बोलबाला
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भरुआसुमेरपुर। सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों में किसानों के बजाए व्यापारियों का बोलबाला है। केंद्र प्रभारी नियम कानून ताक में रखकर व्यापारियों का गेहूं खरीद रहे हैं। यूपी एग्रो एवं पीसीएफ के केंद्रों में सरकारी कर्मियों की जगह प्राइवेट कर्मी खरीद कर रहे हैं।
कस्बे में किसानों का गेहूं खरीद के चार केंद्र हैं। तीन केंद्र नवीन गल्ला मंडी में हैं, जबकि एक केंद्र क्रय विक्रय सहकारी समिति में चल रहा है। गुरुवार को इन केंद्रों में किसानों की बजाए व्यापारियों का बोलबाला नजर आया। व्यापारियों ने मंडी में संचालित पीसीएफ एवं यूपी एग्रो केंद्रों पर सैकड़ों क्विंटल के भारी भरकम गेहूं के ढेर लगा रखे हैं।
किसानों के छोटे छोटे ढेरों की जगह बड़े बड़े ढेरों की तौल कराई जा रही थी। शासनादेश के अनुसार 100 क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने पर एसडीएम की अनुमति जरूरी है। किसान को लेखपाल से प्रमाणित खसरा भी लेना होगा। प्रभारी ने बड़े ढेर संयुक्त परिवार के किसानों के होना बताए। उन्होंने खतौनी उपलब्ध कराई है।
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पीसीएफ केंद्र प्रभारी किसी किसान का खसरा नहीं ले रहे हैं और बगैर खसरा के ही गेहूं के तौलने में जुटे पाए गए। यूपी एग्रो केंद्र में प्राइवेट कर्मियों से ही काम करवाया जा रहा है। इन केंद्रों में मौजूद किसान रामस्वरूप, गया प्रसाद, रामजीवन, सुरेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, नवीन कुमार आदि ने बताया कि केंद्रों पर दलालों के माध्यम से गेहूं खरीदा जा रहा है। पीसीएफ केंद्र प्रभारी शिव सिंह ने किसानों के आरोपों को निराधार बताया।
महिला किसान ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत
मौदहा। गेहूं खरीद में किसानों से धन उगाही का आरोप लगा महिला किसान ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है। इस मामले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। अछरेला गांव की नीलम पत्नी चंद्रशेखर ने बताया 6 दिन से 150 क्विंटल गेहूं बेचने को मार्केटिंग विभाग खरीद केंद्र लाई थी।
प्रभारी उससे गेहूं खरीद के लिए 15000 रुपये की मांग कर रहे हैं। बामुश्किल तमाम प्रयासों के बाद उसने पुत्र ने पांच हजार रुपये एकत्र कर दिए। लेकिन उसने यह रुपये लेने के बाद वापस कर दिए और कहा कि प्रति क्विंटल 100 रुपये के हिसाब से दे। केंद्र प्रभारी पर मनमानी करने का आरोप लगाया। महिला किसान ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल में की है। केंद्र प्रभारी बाबूराम ने कहा किसानों से पैसे नहीं लिए जाते हैं।
केंद्र प्रभारी किसानों के बजाय व्यापारियों का अनाज खरीद रहे
अमर उजाला ब्यूरो
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कस्बे में किसानों का गेहूं खरीद के चार केंद्र हैं। तीन केंद्र नवीन गल्ला मंडी में हैं, जबकि एक केंद्र क्रय विक्रय सहकारी समिति में चल रहा है। गुरुवार को इन केंद्रों में किसानों की बजाए व्यापारियों का बोलबाला नजर आया। व्यापारियों ने मंडी में संचालित पीसीएफ एवं यूपी एग्रो केंद्रों पर सैकड़ों क्विंटल के भारी भरकम गेहूं के ढेर लगा रखे हैं।
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किसानों के छोटे छोटे ढेरों की जगह बड़े बड़े ढेरों की तौल कराई जा रही थी। शासनादेश के अनुसार 100 क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने पर एसडीएम की अनुमति जरूरी है। किसान को लेखपाल से प्रमाणित खसरा भी लेना होगा। प्रभारी ने बड़े ढेर संयुक्त परिवार के किसानों के होना बताए। उन्होंने खतौनी उपलब्ध कराई है।
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पीसीएफ केंद्र प्रभारी किसी किसान का खसरा नहीं ले रहे हैं और बगैर खसरा के ही गेहूं के तौलने में जुटे पाए गए। यूपी एग्रो केंद्र में प्राइवेट कर्मियों से ही काम करवाया जा रहा है। इन केंद्रों में मौजूद किसान रामस्वरूप, गया प्रसाद, रामजीवन, सुरेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, नवीन कुमार आदि ने बताया कि केंद्रों पर दलालों के माध्यम से गेहूं खरीदा जा रहा है। पीसीएफ केंद्र प्रभारी शिव सिंह ने किसानों के आरोपों को निराधार बताया।
महिला किसान ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत
मौदहा। गेहूं खरीद में किसानों से धन उगाही का आरोप लगा महिला किसान ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है। इस मामले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। अछरेला गांव की नीलम पत्नी चंद्रशेखर ने बताया 6 दिन से 150 क्विंटल गेहूं बेचने को मार्केटिंग विभाग खरीद केंद्र लाई थी।
प्रभारी उससे गेहूं खरीद के लिए 15000 रुपये की मांग कर रहे हैं। बामुश्किल तमाम प्रयासों के बाद उसने पुत्र ने पांच हजार रुपये एकत्र कर दिए। लेकिन उसने यह रुपये लेने के बाद वापस कर दिए और कहा कि प्रति क्विंटल 100 रुपये के हिसाब से दे। केंद्र प्रभारी पर मनमानी करने का आरोप लगाया। महिला किसान ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल में की है। केंद्र प्रभारी बाबूराम ने कहा किसानों से पैसे नहीं लिए जाते हैं।
केंद्र प्रभारी किसानों के बजाय व्यापारियों का अनाज खरीद रहे
अमर उजाला ब्यूरो