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बाल स्कूल में ओवरऑल छात्रों की संख्या में हुई वृद्धि
Updated Fri, 09 Jun 2017 11:03 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। जिला मुख्यालय में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल में इस वर्ष छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई। पिछले वर्ष 2016-17 के 373 छात्रों के मुकाबले इस वर्ष 384 छात्रों ने स्कूल में दाखिला लिया है। जिससे स्कूल सरकारी स्कूलों में घटती छात्रों की संख्या की लिस्ट से बाहर हो गया है। स्कूल में 15 जून तक दाखिले चलेंगे। इस दौरान कोई भी छात्र स्कूल में दाखिला ले सकता है। हालांकि मेडिकल विषय में स्कूल में छात्रों का दाखिला बहुत कम हुआ है। बच्चों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में इस वर्ष चलाए गए विभिन्न नए शैक्षणिक कार्यक्रमों का प्रभाव छात्रों व अभिभावकों पर पड़ा है। नए कार्यक्रमों के तहत स्कूल में हर माह टेस्ट, हर माह पीटीए मीटिंग, बच्चों की प्रत्येक माह की शैक्षणिक रिपोर्ट अभिभावकों को सौंपना, नौवीं कक्षा तक के छात्रों को भी प्रेक्टिकल विषय पढ़ाना आदि कार्यक्रमों के कारण स्कूल में छात्रों की संख्या बढ़ी है। उधर, प्रधानाचार्य मंजू ठाकुर का कहना है कि शैक्षणिक सत्र 2016-17 के मुकाबले इस सत्र में स्कूल में छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। मेडिकल विषय में कम छात्रों ने प्रवेश लिया है। स्कूल का स्टाफ शिक्षा गुणवत्ता के लिए व स्कूल में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देने में प्रयासरत है।
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हमीरपुर। जिला मुख्यालय में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल में इस वर्ष छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई। पिछले वर्ष 2016-17 के 373 छात्रों के मुकाबले इस वर्ष 384 छात्रों ने स्कूल में दाखिला लिया है। जिससे स्कूल सरकारी स्कूलों में घटती छात्रों की संख्या की लिस्ट से बाहर हो गया है। स्कूल में 15 जून तक दाखिले चलेंगे। इस दौरान कोई भी छात्र स्कूल में दाखिला ले सकता है। हालांकि मेडिकल विषय में स्कूल में छात्रों का दाखिला बहुत कम हुआ है। बच्चों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में इस वर्ष चलाए गए विभिन्न नए शैक्षणिक कार्यक्रमों का प्रभाव छात्रों व अभिभावकों पर पड़ा है। नए कार्यक्रमों के तहत स्कूल में हर माह टेस्ट, हर माह पीटीए मीटिंग, बच्चों की प्रत्येक माह की शैक्षणिक रिपोर्ट अभिभावकों को सौंपना, नौवीं कक्षा तक के छात्रों को भी प्रेक्टिकल विषय पढ़ाना आदि कार्यक्रमों के कारण स्कूल में छात्रों की संख्या बढ़ी है। उधर, प्रधानाचार्य मंजू ठाकुर का कहना है कि शैक्षणिक सत्र 2016-17 के मुकाबले इस सत्र में स्कूल में छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। मेडिकल विषय में कम छात्रों ने प्रवेश लिया है। स्कूल का स्टाफ शिक्षा गुणवत्ता के लिए व स्कूल में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देने में प्रयासरत है।