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हाईवे के अतिक्रमण ने पांच माह में लील ली 150 लोगों की जान
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भरुआसुमेरपुर। इंगोहटा से लेकर कुंडौरा गांव तक कानपुर-सागर हाईवे किनारे हुए अतिक्रमण ने पिछले पांच माह में 150 लोगों की जान ले ली। जबकि 250 को अपाहिज बना दिया है। सीओ सदर ने कहाकि पांच दिन में हाईवे की पटरी से अतिक्रमण हटा लें। इसके बाद बुलडोजर चलेगा
हाईवे में इंगोहटा से कुंडौरा की दूरी तकरीबन 18 किमी है, लेकिन अतिक्रमण से यह अपना मूल स्वरूप खो बैठा है। कस्बे के अंदर नवीन गल्ला मंडी से लेकर उद्योग नगरी तक अतिक्रमण अधिक है। थाना चौराहा से लेकर नगर पंचायत कार्यालय के सामने तक दुकानों का सामान बाहर पटरी पर रहता है। इससे लोगों का चलना फिरना दूभर है।
गुरुवार को देर शाम थाने में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। सीओ सदर रविप्रकाश सिंह ने बताया कि कुंडौरा से लेकर इंगोहटा तक दुर्घटनाओं का डेंजर जोन है। सर्वाधिक घटनाएं इसी क्षेत्र में होती हैं। पिछले पांच माह में 150 लोग जान से हाथ धो बैठे हैं। जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल होकर अपाहिज हो गए। अतिक्रमण से हाईवे की पटरी गायब है।
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भरुआसुमेरपुर। डग्गामार वाहनों व आटो टैक्सी स्टैंडों के खिलाफ अभियान चलाने के मुख्यमंत्री के आदेश का पालन फिलहाल यहां होता नजर नहीं आ रहा है। अन्य दिनों की तरह अभी भी डग्गामार वाहन बेखौफ होकर फर्राटा भर रहे हैं। डग्गामार वाहनों के खिलाफ मुख्यमंत्री के आदेश को 60 घंटे गुजर गए हैं, लेकिन इनके खिलाफ यहां पर कोई अभियान नहीं चलाया गया है। कस्बे से लेकर ब्लॉक क्षेत्र के सभी मार्गों में डग्गामार वाहन बेखौफ होकर फर्राटा भर रहे हैं। अवैध आटो टैक्सी स्टैंड भी पूर्व की तरह अभी भी संचालित हो रहे हैं और यहां पर वसूली का दौर जारी है। संवाद
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हाईवे में इंगोहटा से कुंडौरा की दूरी तकरीबन 18 किमी है, लेकिन अतिक्रमण से यह अपना मूल स्वरूप खो बैठा है। कस्बे के अंदर नवीन गल्ला मंडी से लेकर उद्योग नगरी तक अतिक्रमण अधिक है। थाना चौराहा से लेकर नगर पंचायत कार्यालय के सामने तक दुकानों का सामान बाहर पटरी पर रहता है। इससे लोगों का चलना फिरना दूभर है।
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गुरुवार को देर शाम थाने में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। सीओ सदर रविप्रकाश सिंह ने बताया कि कुंडौरा से लेकर इंगोहटा तक दुर्घटनाओं का डेंजर जोन है। सर्वाधिक घटनाएं इसी क्षेत्र में होती हैं। पिछले पांच माह में 150 लोग जान से हाथ धो बैठे हैं। जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल होकर अपाहिज हो गए। अतिक्रमण से हाईवे की पटरी गायब है।
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भरुआसुमेरपुर। डग्गामार वाहनों व आटो टैक्सी स्टैंडों के खिलाफ अभियान चलाने के मुख्यमंत्री के आदेश का पालन फिलहाल यहां होता नजर नहीं आ रहा है। अन्य दिनों की तरह अभी भी डग्गामार वाहन बेखौफ होकर फर्राटा भर रहे हैं। डग्गामार वाहनों के खिलाफ मुख्यमंत्री के आदेश को 60 घंटे गुजर गए हैं, लेकिन इनके खिलाफ यहां पर कोई अभियान नहीं चलाया गया है। कस्बे से लेकर ब्लॉक क्षेत्र के सभी मार्गों में डग्गामार वाहन बेखौफ होकर फर्राटा भर रहे हैं। अवैध आटो टैक्सी स्टैंड भी पूर्व की तरह अभी भी संचालित हो रहे हैं और यहां पर वसूली का दौर जारी है। संवाद