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पट्टाधारकों के लाइसेंस सरेंडर पत्र को डीएम ने लौटाया
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हमीरपुर। मौरंग खनन में सीबीआई की जांच चलने से जिला सुर्खियों पर है। वहीं खनन में ई-टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू होने और प्रशासनिक सख्ती से कारोबारी विचलित हैं। बेतवा और केन नदियों पर चल रहे छह खनन पट्टों का फर्मों ने लाइसेंस सरेंडर करने को आवेदन पत्र डीएम को दिया, लेकिन डीएम ने उसे अस्वीकार कर दिया है।
नदियों से निकाली गई बेतहाशा मौरंग से अब खदान जैसी स्थित नहीं है। मौरंग के भारी भरकम डंप नहीं दिखाई दे रहे हैं। वहीं नदियों में कभी बाढ़ की स्थित बनने से मौरंग भी बहकर कम आ रही है। बालू की आवक कम होने का असर नदियों में स्पष्ट देखा जा रहा है। वहीं जिले में संचालित खदानों से प्रतिदिन करीब 1500 ट्रक मौरंग लोड कर निकल रहे हैं। प्रशासन की सख्ती के बीच ताबड़तोड़ कार्रवाई से पट्टा धारकों में हड़कंप मचा है।
खनिज विभाग पिछले दिनों 14 पट्टा धारकों से 23.18 करोड़ की धनराशि वसूले जाने की आरसी जारी कर राजस्व विभाग को भेज चुका है। इसी के साथ आए दिन खदानों पर छापेमारी कर विभिन्न फर्मों पर कार्रवाई की जा रही है। अवैध रूप से अस्थायी पुल तोड़ने के साथ प्रमुख मार्गों पर अस्थायी चौकियां बनाकर ओवरलोड ट्रकों की चेकिंग हो रही है। वहीं जलधारा से पोकलैंड मशीनों के जरिये मौरंग निकालने की मनाही है।
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इसी को देखते खंड संख्या 11-5 पर खनन करने वाली इंडस माइंस एंड मिनरल, खंड संख्या 23-28 व खंड संख्या 23-10 के मे. सिल्वर मिस्ड, खंड 29-2 के मे. सीताराम राठी बक्छा खादर, खंड 19-13 के मे. ठाकुर कंस्ट्रक्शन टीकापुर व खंड 16-1 के एनएचएआई कंपनी ने खदान न करने का आवेदन डीएम को दिया। जिसे डीएम ने अस्वीकार कर उन्हें खंड संचालन करने को कहा है।
खनन अधिकारी एसके सिंह ने बताया जिले में कुल 78 खंडों पर कार्रवाई प्रचलित है। 41 खंडों से मौरंग की निकासी हो रही है। इधर छह पट्टा धारकों ने सरेंडर प्रार्थना दिया है, लेकिन इसे डीएम ने अस्वीकार कर दिया है। तीन खनन पट्टे स्वीकृत हुए पर प्रक्रिया पूरी नहीं की। वहीं पांच नए खनन पट्टों कार्रवाई चल रही है। बताया अभी 29 पट्टों पर प्रक्रिया पूरी की जानी है।
सरेंडर करने वाले छह पट्टों पर हर तिमाही देना होगा 14 करोड़
छह पट्टाधारकों ने खंडों से मौरंग की निकासी बंद कर रखी है। ऐसे में इनके सरेंडर प्रार्थना पत्र के अस्वीकार होने पर इन पट्टाधारकों को तिमाही एग्रीमेंट के तहत किस्त के रूप में 14 करोड़ खनिज विभाग को देना होगा। खंड संख्या 11-5 के संचालक को हर तिमाही तीन करोड़ जमा करना है। वहीं खंड संख्या 23-28 व 23-10, खंड 19-13, खंड 16-1 को डेढ़ - डेढ़ करोड़ जमा करना होगा। जबकि खंड 29-2 को पांच करोड़ रुपये जमा करने होंगे।
चार अस्थायी चौकियों पर लगाए 20 अधिकारी
हमीरपुर। डीएम अभिषेक प्रकाश ने अवैध मौरंग के साथ ओवर लोडिंग रोकने को चार स्थानों पर अस्थायी चौकियां स्थापित कराने के साथ 20 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। प्रत्येक चौकी पर आठ-आठ घंटे तीन अधिकारी गुजरने वाले ट्रकों की चेकिंग करेंगे। वहीं दो-दो अधिकारी पर्यवेक्षक के रूप में लगाए गए हैं।
बेतवा और केन नदियों पर 41 मौरंग खंडों से मौरंग निकासी का विभिन्न फर्मों को मिला काम
अमर उजाला ब्यूरो
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नदियों से निकाली गई बेतहाशा मौरंग से अब खदान जैसी स्थित नहीं है। मौरंग के भारी भरकम डंप नहीं दिखाई दे रहे हैं। वहीं नदियों में कभी बाढ़ की स्थित बनने से मौरंग भी बहकर कम आ रही है। बालू की आवक कम होने का असर नदियों में स्पष्ट देखा जा रहा है। वहीं जिले में संचालित खदानों से प्रतिदिन करीब 1500 ट्रक मौरंग लोड कर निकल रहे हैं। प्रशासन की सख्ती के बीच ताबड़तोड़ कार्रवाई से पट्टा धारकों में हड़कंप मचा है।
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खनिज विभाग पिछले दिनों 14 पट्टा धारकों से 23.18 करोड़ की धनराशि वसूले जाने की आरसी जारी कर राजस्व विभाग को भेज चुका है। इसी के साथ आए दिन खदानों पर छापेमारी कर विभिन्न फर्मों पर कार्रवाई की जा रही है। अवैध रूप से अस्थायी पुल तोड़ने के साथ प्रमुख मार्गों पर अस्थायी चौकियां बनाकर ओवरलोड ट्रकों की चेकिंग हो रही है। वहीं जलधारा से पोकलैंड मशीनों के जरिये मौरंग निकालने की मनाही है।
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इसी को देखते खंड संख्या 11-5 पर खनन करने वाली इंडस माइंस एंड मिनरल, खंड संख्या 23-28 व खंड संख्या 23-10 के मे. सिल्वर मिस्ड, खंड 29-2 के मे. सीताराम राठी बक्छा खादर, खंड 19-13 के मे. ठाकुर कंस्ट्रक्शन टीकापुर व खंड 16-1 के एनएचएआई कंपनी ने खदान न करने का आवेदन डीएम को दिया। जिसे डीएम ने अस्वीकार कर उन्हें खंड संचालन करने को कहा है।
खनन अधिकारी एसके सिंह ने बताया जिले में कुल 78 खंडों पर कार्रवाई प्रचलित है। 41 खंडों से मौरंग की निकासी हो रही है। इधर छह पट्टा धारकों ने सरेंडर प्रार्थना दिया है, लेकिन इसे डीएम ने अस्वीकार कर दिया है। तीन खनन पट्टे स्वीकृत हुए पर प्रक्रिया पूरी नहीं की। वहीं पांच नए खनन पट्टों कार्रवाई चल रही है। बताया अभी 29 पट्टों पर प्रक्रिया पूरी की जानी है।
सरेंडर करने वाले छह पट्टों पर हर तिमाही देना होगा 14 करोड़
छह पट्टाधारकों ने खंडों से मौरंग की निकासी बंद कर रखी है। ऐसे में इनके सरेंडर प्रार्थना पत्र के अस्वीकार होने पर इन पट्टाधारकों को तिमाही एग्रीमेंट के तहत किस्त के रूप में 14 करोड़ खनिज विभाग को देना होगा। खंड संख्या 11-5 के संचालक को हर तिमाही तीन करोड़ जमा करना है। वहीं खंड संख्या 23-28 व 23-10, खंड 19-13, खंड 16-1 को डेढ़ - डेढ़ करोड़ जमा करना होगा। जबकि खंड 29-2 को पांच करोड़ रुपये जमा करने होंगे।
चार अस्थायी चौकियों पर लगाए 20 अधिकारी
हमीरपुर। डीएम अभिषेक प्रकाश ने अवैध मौरंग के साथ ओवर लोडिंग रोकने को चार स्थानों पर अस्थायी चौकियां स्थापित कराने के साथ 20 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। प्रत्येक चौकी पर आठ-आठ घंटे तीन अधिकारी गुजरने वाले ट्रकों की चेकिंग करेंगे। वहीं दो-दो अधिकारी पर्यवेक्षक के रूप में लगाए गए हैं।
बेतवा और केन नदियों पर 41 मौरंग खंडों से मौरंग निकासी का विभिन्न फर्मों को मिला काम
अमर उजाला ब्यूरो