Gyanvapi: छह महीने तक चला सर्वे का काम, दो बार अलग-अलग वजह से आई रुकावट, 250 से अधिक सामग्रियां सुरक्षित
ज्ञानवापी में सर्वे करने वाली टीम में एएसआई के देश भर के विशेषज्ञ शामिल हुए। डिप्टी डायरेक्टर डॉ. आलोक कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में सारनाथ, प्रयागराज, पटना, कोलकाता और दिल्ली के पुरातत्व विशेषज्ञों ने सर्वे का काम किया।
विस्तार
साल 1991 के प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ के मुकदमे में एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) विभाग ने ज्ञानवापी की सर्वे रिपोर्ट सफेद सीलबंद पैकेट में प्रशांत सिंह की अदालत में दाखिल की थी। एएसआई को ज्ञानवापी सर्वे की रिपोर्ट की प्रति दाखिल करने के लिए 25 जनवरी तक का समय मिला था। अब सर्वे की नकल हिंदू पक्षकारों समेत पांच लोगों को दी गई है। नकल 839 पेज की है। रिपोर्ट में कई ऐसी बातें लिखी हैं जो बता रही हैं कि वहां हिंदू मंदिर था। सर्वे का काम करीब छह महीने तक चला, इस बीच इसमें रुकावटें भी आईं।
देशभर के पुरातत्व विशेषज्ञ सर्वे में हुए शामिल
ज्ञानवापी में सर्वे करने वाली टीम में एएसआई के देश भर के विशेषज्ञ शामिल हुए। डिप्टी डायरेक्टर डॉ. आलोक कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में सारनाथ, प्रयागराज, पटना, कोलकाता और दिल्ली के पुरातत्व विशेषज्ञों ने सर्वे का काम किया है। जीपीआर तकनीक से अध्ययन के लिए हैदराबाद से विशेषज्ञों का दल आया था।
दो बार रुका ज्ञानवापी सर्वे
- 24 जुलाई - ज्ञानवापी में सर्वे का काम शुरू हुआ व कोर्ट के आदेश के बाद रोक दिया गया
- 4 से 14 अगस्त तक- सर्वे का काम हुआ
- 7 सितंबर - मसाजिद कमेटी के विरोध के कारण ज्ञानवापी में सर्वे का काम नहीं हुआ
- 8 सितंबर - कोर्ट द्वारा सर्वे की समय सीमा चार हफ्ते बढ़ाया गया
- 6 अक्तूबर - ज्ञानवापी में सर्वे की समय सीमा चार हफ्ते और बढ़ाई गई
- 2 नवंबर- एएसआई ने बताया सर्वे पूरा हुआ। कोर्ट का 17 नवंबर तक रिपोर्ट देने का आदेश
कोषागार में रखी गईं 250 सामग्रियां
21 जुलाई के अदालत के आदेशानुसार एएसआई को अपनी रिपोर्ट के माध्यम से यह बताना है कि क्या ज्ञानवापी में मंदिर को ध्वस्त कर उसके ऊपर मौजूदा संरचना बनाई गई है? या नही। सर्वे रिपोर्ट की नकल सार्वजनिक होने के बाद इस सवाल का जवाब करीब-करीब मिल चुका है। वहीं, सर्वे के दौरान साक्ष्य के रूप में मिली 250 सामग्रियां अदालत के आदेश से छह नवंबर को एडीएम प्रोटोकॉल की देख-रेख में कोषागार के डबल लॉक में रखी हैं।