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जलभराव के लिए हम भी कम जिम्मेदार नहीं
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 04 Jul 2016 09:00 PM IST
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बरसात के बाद सड़कों पर भरा पानी
- फोटो : amar ujala
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रविवार की मानसून की पहली अच्छी बारिश के बाद शहर के तकरीबन आधे इलाके में पानी भर गया। इसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी भी झेलनी पड़ी। अभी तो मानसून की शुरुआत है। जब जमकर बारिश होगी तो शहर के बहुत से इलाकों में पानी भर जाएगा। निश्चित तौर पर नगर निगम इसके लिए जिम्मेदार है, लेकिन इसके लिए हम भी कम जिम्मेदार नहीं हैं।
शहर के 40 प्रतिशत नालों पर लोगों ने स्थायी रूप से कब्जा कर मकान एवं दुकानें बनवा ली हैं। ऐसे में इन नालों की सफाई मशीन से नहीं हो पाती है और इनमें गाद भरा रहता है। परिणाम बरसात के दौरान नालों के उफनाने के रूप में नजर आता है।
शहर में 230 नाले हैं। विभाग के अधिकारियों के अनुसार इनमें से लगभग 40 प्रतिशत नालों पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। इससे नाले की सफाई बेहतर ढंग से नहीं हो पाती है। मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक पीएन गुप्ता ने बताया कि डोमिनगढ़ से मोहनलालपुर मस्जिद तक, दाउदपुर से साहबगंज तक, तुर्कमानपुर, जिला अस्पताल से अलहदादपुर तक, सुमेर सागर, चक्सा हुसैन से नौतनवां समेत अन्य कई इलाकों में नालों पर अतिक्रमण है। इस वजह से नालों की सफाई सही ढंग से नहीं हो पाती है। इन अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर आयुक्त को पत्र लिखा गया है।
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इन नालों पर बन गए हैं मकान एवं दुकान
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शहर के 40 प्रतिशत नालों पर लोगों ने स्थायी रूप से कब्जा कर मकान एवं दुकानें बनवा ली हैं। ऐसे में इन नालों की सफाई मशीन से नहीं हो पाती है और इनमें गाद भरा रहता है। परिणाम बरसात के दौरान नालों के उफनाने के रूप में नजर आता है।
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शहर में 230 नाले हैं। विभाग के अधिकारियों के अनुसार इनमें से लगभग 40 प्रतिशत नालों पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। इससे नाले की सफाई बेहतर ढंग से नहीं हो पाती है। मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक पीएन गुप्ता ने बताया कि डोमिनगढ़ से मोहनलालपुर मस्जिद तक, दाउदपुर से साहबगंज तक, तुर्कमानपुर, जिला अस्पताल से अलहदादपुर तक, सुमेर सागर, चक्सा हुसैन से नौतनवां समेत अन्य कई इलाकों में नालों पर अतिक्रमण है। इस वजह से नालों की सफाई सही ढंग से नहीं हो पाती है। इन अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर आयुक्त को पत्र लिखा गया है।
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इन नालों पर बन गए हैं मकान एवं दुकान
- बक्शीपुर हाइडिल कार्यालय के पीछे से होकर कप्तानगंज पुलिया होकर टीन घर पुलिया तक एवं डान बास्को स्कूल से पुलिस लाइन तक
- धर्मशाला बाजार कैलाश होटल के पीछे का नाला
- एचएन सिंह चौराहे से एल्यूमिनियम फैक्ट्री होकर पुलिस चौकी तक कुछ स्थानों पर
- रसूलपुर चौराहा से लोहार गली होकर अशरफ कालोनी तक एवं सूर्य विहार कालोनी के पीछे का नाला
- गोरखनाथ मंदिर से डीआर केमिकल तक कुछ स्थानों पर
- जटेपुर रेलवे लाइन के पास से काली मंदिर के पीछे होकर डोमखाना तक अधिकांश स्थान पर
- राप्तीनगर चौराहा से हाइडिल कालोनी राप्तीनगर का नाला
- दाउदपुर और बिलंदपुर का नाला