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हजरत मुबारक खां शहीद के दर पर मिला मुहब्बत का पैगाम
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गोरखपुर। हजरत मुबारक खां शहीद अलैहिर्रहमां के सालाना उर्स के दूसरे दिन सोमवार को नार्मल स्थित उनकी दरगाह पर बाबा से निस्बत रखने वालों का हुजूम जुटा। उर्स में शिरकत कर रहे विभिन्न मजहबों के बुद्धिजीवियों ने आपसी भाईचारे और मुहब्बत का पैगाम दिया। कारी शराफत हुसैन कादरी ने कहा कि हम पैगंबर-ए-आजम के तरीके और वाकयात को सुनकर खुश हो लेते हैं, उसे अपनी जिंदगी में नहीं उतारते। ऐसा होना नहीं चाहिए।
दूसरे दिन के आयोजनों की शुरूआत तिलावत से हुई। नात शरीफ पढ़ी गई। अंत में कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। सलातो सलाम पढ़कर मुल्क में अमन, सलामती, मोहब्बत व भाईचारे की दुआ मांगी गई। इस दौरान दरगाह के सदर इकरार अहमद, मंजूर आलम, सैयद शहाब अहमद, शमशीर अहमद शेरु, कुतुबुद्दीन, रमजान, अब्दुल्लाह, खैरुल बशर, हाजी कलीम फरजंद, उमर कादरी, एजाज, कारी नूरुल ऐन कारी, मो. हुजैफ, हाफिज शहादत, मो. अली, हाजी नियाज, हाजी ईशा मोहम्मद, शाबान अली, अलाउद्दीन निजामी, कारी अफजल बरकाती आदि मौजूद रहे। उधर, मेले में लगी खानपान झूलों का लुत्फ बच्चों के साथ बड़ों ने भी उठाया।
चादर और गागर का जुलूस निकाला, पूरी रात हुई कव्वाली
गोरखपुर। हजरत मुबारक खां शहीद के सालाना उर्स के दूसरे दिन नार्मल स्थित दरगाह पर अकीदतमंदों ने चादर पेश कर फातिहा पढ़ी। इमामचौक मुतवल्ली एक्शन कमेटी अध्यक्ष अब्दुल्लाह के बहरामपुर स्थित आवास से सरकारी चादर व गागर का जुलूस अदबो एहतराम से साथ निकाला गया। नातिया कव्वाली के बीच जुलूस बहरामपुर, नरसिंहपुर, निजामपुर, घासीकटरा, बक्शीपुर, नखास, रेती चौक, घंटाघर, पांडेहाता, तुर्कमानपुर होते हुए नार्मल टैक्सी स्टैंड दरगाह पर पहुंचा। कई चौराहों पर लोगों ने स्वागत किया। रात में बदायूं के कव्वाल जुनेद सुल्तानी और मुंबई के कव्वाल सुल्तान नाजा ने साथियों ने एक से बढ़कर एक कव्वाली पेश कर खूब वाहवाही पाई। कलाकारों को इनामों से भी नवाजा गया।
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लंगर के साथ होगा उर्स-ए-पाक का समापन
गोरखपुर। मंगलवार को सुबह 11 बजे से आखिरी कुल शरीफ का कार्यक्रम होगा। नमाज के बाद जोहर लंगर बांटेगा। फिर कव्वाली का मुकाबला होगा।
दूसरे दिन के आयोजनों की शुरूआत तिलावत से हुई। नात शरीफ पढ़ी गई। अंत में कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। सलातो सलाम पढ़कर मुल्क में अमन, सलामती, मोहब्बत व भाईचारे की दुआ मांगी गई। इस दौरान दरगाह के सदर इकरार अहमद, मंजूर आलम, सैयद शहाब अहमद, शमशीर अहमद शेरु, कुतुबुद्दीन, रमजान, अब्दुल्लाह, खैरुल बशर, हाजी कलीम फरजंद, उमर कादरी, एजाज, कारी नूरुल ऐन कारी, मो. हुजैफ, हाफिज शहादत, मो. अली, हाजी नियाज, हाजी ईशा मोहम्मद, शाबान अली, अलाउद्दीन निजामी, कारी अफजल बरकाती आदि मौजूद रहे। उधर, मेले में लगी खानपान झूलों का लुत्फ बच्चों के साथ बड़ों ने भी उठाया।
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चादर और गागर का जुलूस निकाला, पूरी रात हुई कव्वाली
गोरखपुर। हजरत मुबारक खां शहीद के सालाना उर्स के दूसरे दिन नार्मल स्थित दरगाह पर अकीदतमंदों ने चादर पेश कर फातिहा पढ़ी। इमामचौक मुतवल्ली एक्शन कमेटी अध्यक्ष अब्दुल्लाह के बहरामपुर स्थित आवास से सरकारी चादर व गागर का जुलूस अदबो एहतराम से साथ निकाला गया। नातिया कव्वाली के बीच जुलूस बहरामपुर, नरसिंहपुर, निजामपुर, घासीकटरा, बक्शीपुर, नखास, रेती चौक, घंटाघर, पांडेहाता, तुर्कमानपुर होते हुए नार्मल टैक्सी स्टैंड दरगाह पर पहुंचा। कई चौराहों पर लोगों ने स्वागत किया। रात में बदायूं के कव्वाल जुनेद सुल्तानी और मुंबई के कव्वाल सुल्तान नाजा ने साथियों ने एक से बढ़कर एक कव्वाली पेश कर खूब वाहवाही पाई। कलाकारों को इनामों से भी नवाजा गया।
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गोरखपुर। मंगलवार को सुबह 11 बजे से आखिरी कुल शरीफ का कार्यक्रम होगा। नमाज के बाद जोहर लंगर बांटेगा। फिर कव्वाली का मुकाबला होगा।