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कबीर हॉस्टल के 44 कमरे खाली कराए
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Jan 2016 08:22 PM IST
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लंबे समय से लंबित चल रहे गोरखपुर यूनिवर्सिटी के हॉस्टल के कमरों से अवैध कब्जे हटाने का अभियान सोमवार से शुरू हो गया। पुलिस और पीएसी बल के साथ हॉस्टल पहुुंची यूनिवर्सिटी प्रशासन की टीम ने कुल 44 कमरे खाली कराए। साथ ही उन पांच छात्रों को कब्जा भी दिलाया गया, जो फीस जमा करने के बाद भी लंबे समय से कमरे पर काबिज नहीं हो सके थे।
तय कार्यक्रम के तहत सुबह 11 बजे यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर सीओ कैंट के नेतृत्व में पुलिस व पीएसी के जवान और गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर सतीश चंद्र पांडेय, संत कबीर हॉस्टल के वार्डेन प्रो. संजय बैजल और अधीक्षक डॉ. एके दीक्षित इकट्ठा हुए। पूरी तैयारी के साथ करीब साढ़े 11 बजे यह टीम हॉस्टल पहुंची और वहां कमरों से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
पहले से चिह्नित कमरों में बारी-बारी से यूनिवर्सिटी के अधिकारी पुलिस टीम के साथ पहुंचते गए और उनके दरवाजे पर यूनिवर्सिटी का ताला जड़ते गए। करीब दो घंटे में 44 कमरे यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिए। इन कमरों में मौजूद सामान को एक कमरे में रख उसे सील कर दिया और उसकी जिम्मेदारी इस्टेट अफसर को दे दी। इस दौरान दो छात्रों के कमरों का नवीनीकरण भी किया गया।
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लंबे समय बाद हॉस्टल से अवैध कब्जा खाली कराने को लेकर अचानक यूनिवर्सिटी की सक्रियता दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने आ रहे केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को लेकर रही। जो यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र रह चुके हैं और गौतमबुद्घ हॉस्टल के वासी भी। यूनिवर्सिटी प्रशासन को इस बात की चिंता है कि यदि गृह मंत्री ने हॉस्टल जाने की इच्छा जता दी तो उन्हें हॉस्टल दुरुस्त मिले।
कई बार कहने के बाद भी अवैध कब्जाधारी कमरा खाली नहीं कर रहे थे। ऐसे में इनके लिए सख्त कदम उठाना पड़ा। पहले से चिह्नित कमरों को खाली कराने की कार्रवाई की गई है। जल्द ही खाली कराए गए कमरे अर्ह छात्रों को आवंटित कर दिए जाएंगे।
- प्रो. संजय बैजल, वार्डेन, संत कबीर हॉस्टल
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तय कार्यक्रम के तहत सुबह 11 बजे यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर सीओ कैंट के नेतृत्व में पुलिस व पीएसी के जवान और गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर सतीश चंद्र पांडेय, संत कबीर हॉस्टल के वार्डेन प्रो. संजय बैजल और अधीक्षक डॉ. एके दीक्षित इकट्ठा हुए। पूरी तैयारी के साथ करीब साढ़े 11 बजे यह टीम हॉस्टल पहुंची और वहां कमरों से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
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पहले से चिह्नित कमरों में बारी-बारी से यूनिवर्सिटी के अधिकारी पुलिस टीम के साथ पहुंचते गए और उनके दरवाजे पर यूनिवर्सिटी का ताला जड़ते गए। करीब दो घंटे में 44 कमरे यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिए। इन कमरों में मौजूद सामान को एक कमरे में रख उसे सील कर दिया और उसकी जिम्मेदारी इस्टेट अफसर को दे दी। इस दौरान दो छात्रों के कमरों का नवीनीकरण भी किया गया।
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लंबे समय बाद हॉस्टल से अवैध कब्जा खाली कराने को लेकर अचानक यूनिवर्सिटी की सक्रियता दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने आ रहे केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को लेकर रही। जो यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र रह चुके हैं और गौतमबुद्घ हॉस्टल के वासी भी। यूनिवर्सिटी प्रशासन को इस बात की चिंता है कि यदि गृह मंत्री ने हॉस्टल जाने की इच्छा जता दी तो उन्हें हॉस्टल दुरुस्त मिले।
कई बार कहने के बाद भी अवैध कब्जाधारी कमरा खाली नहीं कर रहे थे। ऐसे में इनके लिए सख्त कदम उठाना पड़ा। पहले से चिह्नित कमरों को खाली कराने की कार्रवाई की गई है। जल्द ही खाली कराए गए कमरे अर्ह छात्रों को आवंटित कर दिए जाएंगे।
- प्रो. संजय बैजल, वार्डेन, संत कबीर हॉस्टल