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स्वाट

Sat, 27 Jul 2019 11:57 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jul 2019 11:57 PM IST
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transfer of swat team
transfer of swat team - फोटो : BASTI
फोटो
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हीरोगीरी में स्वाट टीम पर कार्रवाई, सभी का तबादला
वीडियो वायरल होते ही सभी लाइनहाजिर
- डीजीपी के आदेश पर जोन से बाहर भेजे गए सभी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जिले की क्राइम ब्रांच की स्वाट (स्पेशल वेपन एंड टैक्टिस) टीम को सोशल मीडिया में दबंग स्टाइल में वीडियो शेयर करना भारी पड़ गया। पुलिस मुख्यालय के संज्ञान लेते ही एसपी पंकज कुमार ने शनिवार को स्वाट प्रभारी सहित पूरी टीम को लाइनहाजिर कर दिया। बाद में डीजीपी ओपी सिंह के आदेश पर सभी का तबादला जोन के बाहर कर दिया गया। यह पहला मौका है जब पूरी स्वाट टीम के खिलाफ कार्रवाई हुई है। सीओ सिटी आलोक सिंह को मामले की जांच का आदेश दिया गया है।
स्वाट प्रभारी विक्रम सिंह को कन्नौज, कांस्टेबल अमित पाठक को ललितपुर, सुरेंद्र यादव को इटावा, छोटेलाल को एटा व सतानंद को झांसी स्थानांतरित किया गया है। एसपी ने बताया कि सभी को तत्काल प्रभाव से रिलीव कर दिया गया है। वीडियो में प्रभारी विक्रम सिंह के अलावा स्वाट के हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल को पिस्टल और अन्य ऑटोमैटिक असलहे लेकर कॉम्बिंग का अभिनय करते दिखाया गया है। इससे पहले असलहों के सौदागर को हिरासत से छोड़ने के लिए स्वाट प्रभारी विक्रम के रिश्वत मांगने की ऑडियो क्लिप वायरल हो चुकी है। प्रभारी पर कई जांच चल रही है।
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आपसी खींचतान का नतीजा है प्रकरण
- स्वाट जैसी पुलिस की सबसे भरोसेमंद और अटैकिंग स्ट्राइकिंग टीम में गुटबाजी का परिणाम ही टीम को ले डूबा। ऐसा पहली बार हुआ जब पूरी क्राइम ब्रांच न केवल लाइन हाजिर कर दी गई, बल्कि गैर जोन ट्रांसफर कर तत्काल रिलीव कर दिया गया।
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विक्रम के करतूतों की लिस्ट
बस्ती। 2001 बैच के दरोगा विक्रम सिंह पर गोरखपुर मुख्यालय के इंजीनियरिंग कालेज पुलिस चौकी पर 2006-07 में तैनाती के दौरान एक मोबाइल दुकान से चोरी की गई सैकड़ों मोबाइल गबन का आरोप है। जांच में दोषी पाए जाने पर तत्कालीन एसएसपी बीबी बख्शी ने उन्हें निलंबित कर दिया था। वहीं महराजगंज जिले के श्यामदेव ऊरुवा थाने पर 2011 में तैनाती के दौरान इनके विरुद्ध अपराध संख्या 1174- 2011 धारा 342, 348, 218, 194 आईपीसी व किशोर न्याय अधिनियम 23 का जुर्म प्रमाणित होने पर आरोप पत्र संख्या तीन सी- 2014 दिनांक 16 मई 2016 को प्रेषित किया जा चुका है।
गैंगरेप के आरोपी के कांबिंग के दौरान हुई शूटिंग
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सोनहा क्षेत्र में गैंगरेप के आरोपी को पकड़ने के लिए 22 जुलाई को कांबिंग के दौरान सोशल मीडिया पर लाइक कमेंट का चस्का स्वाट टीम की साख को ले डूबा। दुष्कर्मी को एनकाउंटर में दबोचकर महकमे और पब्लिक की नजर में हीरो बनी स्वाट टीम का यह हश्र सबकी नजर में हैरान करने वाला है। वीडियो टिकटॉक एप से बनवाया गया था।
स्वाट प्रभारी रहे विक्रम सिंह ने वैसे तो कुछ भी बोलने से इनकार करते हैं लेकिन सूत्रों का कहना है कि आपस में मजाकिया लहजे में काम्बिंग के दौरान टीम के ही किसी सदस्य ने वीडियो बनाया था। विक्रम सिंह अपने करीबियों से इसे साजिशन एडिटिंग करना बता रहे हैं। करीब एक वर्ष पूर्व लालगंज-मुंडेरवा मार्ग पर कानपुर से कार चुराकर भाग रहे गोरखपुर के बादमाश को मार गिराने वाली टीम के सदस्य रहे अमित पाठक भी कांबिंग टीम में शामिल रहे हैं। लालगंज थाना क्षेत्र में एनकाउंटर में अमित पाठक को बदमाशों की गोली लगी थी। अमित पाठक का कहना है कि टीम के सदस्यों ने ही क्लिप बना ली और परसों यानी बुधवार को मजाक मजाक में अपलोड कर दिया।
फेसबुक पर बड़बोला कैप्शन लिखना भी विक्रम सिंह और उनके साथियों पर भारी पड़ा। नाम न उजागर करने की शर्त पर सजा पाए स्वाट सदस्यों ने साफ कहा कि इसमें कोई तूल देने वाली बात थी ही नहीं। वैसे भी मुठभेड़ के वक्त टीम घेराबंदी करती है। सभी असलहे सरकारी थे और सभी को मालखाने से अलाट भी थे। लेकिन फिल्मी अंदाज में फेसबुक पर पोस्ट डालना पतन का कारण बन गया।

चार अगस्त की मुठभेड़ में हीरो बन गए थे विक्रम
बस्ती। चार अगस्त 2018 को जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के पगारे चौराहे के पास दोपहर डेढ़ बजे कार लुटेरे पुलिस पर फायर करते हुए गन्ने के एक खेत में छिप गए थे। बदमाशों की फायरिंग में स्वाट टीम के सिपाही अमित पाठक घायल हुए थे। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। जवाबी फायरिंग में एक बदमाश मारा गया। जिसकी पहचान गगहा थाने के हिस्ट्रीशीटर प्रदीप पांडेय के रूप में हुई। काफी देर की घेराबंदी के बाद खेत में छिपा दूसरा बदमाश पुलिस से बचकर भागने में सफल रहा। तत्कालीन एसपी दिलीप कुमार ने पुरस्कृत किया था। जिसके बाद कचहरी में अधिवक्ता की हत्या करने वाले 50 हजार के इनामी की मुठभेड़ में गिरफ्तारी की थी। पिछले वर्ष नगर थाने के प्रतापपुर बाग में पिता के साथ आम बीनने गई बालिका से गैंगरेप के अभियुक्तों की गिरफ्तारी और 22 जुलाई को सोनहा की छात्रा से रेप के आरोपी का बडेवन के पास मुठभेड़ में गिरफ्तारी जैसी उपलब्धियां विक्रम के खाते में रही हैं।
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