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यूनियन का काम-काज और परिवार का भी साथ, उज्जैन पहुंची ‘यूनियन स्पेशल’
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राजन राय जी की यूनियन एक्सप्रेस वाली खबर के लिए फोटो ।
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यूनियन का काम-काज और परिवार का भी साथ, उज्जैन पहुंची ‘यूनियन स्पेशल’
राजन राय
गोरखपुर। यूनियन का काम-काज और परिवार का भी साथ। नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन (एनएफआईआर) के 29वें राष्ट्रीय अधिवेशन के लिए रविवार को ‘यूनियन स्पेशल’ ट्रेेन उज्जैन के लिए चली तो कुछ ऐसा अभिनव नजारा दिखा। किसी बोगी में यूनियन के मुद्दों पर चर्चा गरम थी, तो दूसरी बोगी में रेलकर्मियों के परिवारी जन महाकाल के पूजन-दर्शन की चर्चा में व्यस्त थे। ऐसा नजारा, इससे पहले 2016 में एनएफआईआर के राष्ट्रीय अधिवेशन में गुवाहाटी भाग लेने के लिए गई ‘यूनियन स्पेशल’ ट्रेन में दिखा था, जब यूनियन के पदाधिकारियों के साथ उनके परिवारवाले भी थे।
इस अभिनव मौके को यादगार बनाने के लिए अमर उजाला ‘यूनियन स्पेशल’ यात्रा को लाइव कवर कर रहा है। इसमें हमारा साथ चल टिकट निरीक्षक मनोज द्विवेदी, मनोज मिश्रा, जेपी सिंह, प्रभात यादव, डीके मिश्रा, टिकट परीक्षक मनीष पांडेय आदि दे रहे हैं। तो सुनिए उनकी जुबानी, बीते 15 वर्षों से ट्रेन में ड्यूटी कर रहा हूं। कई स्पेशल ट्रेन में भी सफर किया, लेकिन ‘यूनियन स्पेशल’ वाकई अद्भुत है। ऐसा पहली बार हुआ कि ट्रेन में अकेलेपन का अहसास नहीं हुआ। पत्नी और बच्चे साथ, दूसरी जगहों पर तैनात मित्रों और सहकर्मियों से मिलना-जुलना। एक दूसरे के साथ नाश्ता-भोजन का आनंद। किसी के चेहरे में तनाव नहीं। इन सबके बीच ट्रेन में ही दफ्तरी कामकाज, मीटिंग का दौर। पहिए पर घर, दफ्तर लेकर रवाना हुई ‘यूनियन स्पेशल’ में माहौल गांव-मोहल्ले जैसा था।
सोमवार को दोपहर बाद महाकाल की नगरी उज्जैन, मध्यप्रदेश पहुंची स्पेशल ट्रेन का सफर हम सब के लिए यादगार बन गया। ट्रेन गोरखपुर से रविवार भोर में चली थी। उज्जैन में एनएफआईआर (नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन) का 29 वां राष्ट्रीय अधिवेशन 17 व 18 सितंबर को होना है। ट्रेन में 13 एसी बोगियां लगीं हैं। बी-7 को कार्यालय बनाया गया। एक तरह से ट्रेन का कंट्रोल रूम भी है। किसी को कोई सूचना, कोई दिक्कत-परेशानी है तो यहीं आकर बताना था। पूरे दिन पूर्वोत्तर रेलवे के अलग-अलग मंडल की शाखाओं से पदाधिकारियों को एक-एक कर बुलाया गया। महामंत्री विनोद राय, प्रवक्ता एके सिंह समेत अन्य जोनल पदाधिकारी उनके साथ मीटिंग ले रहे थे। अधिवेशन के मुद्दे और मान्यता के लिए होने वाले चुनाव पर चर्चाएं थीं।
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महिलाओं को बतकही का सुख तो बच्चों को मिला मस्ती का माहौल
यात्रा शुरू होने के थोड़ी देर बाद बगल के कोच में पहुंचा तो बहुत सारी महिलाएं एकत्र थीं। अमूमन, जैसे मोहल्लों में देखने को मिलता है। मुझे देख कर कुछ पल सन्नाटा पसरा। महिला मुझे पहचानती थीं, बोली अरे कोई बात नहीं ये तो मेरे पति के मित्र हैं। यह सुनकर मैं थोड़ा झिझका पर उनकी बतकही शुरू चुकी थी। वहीं, अलग-अलग बोगियों में बैठे बच्चे थोड़ी ही देर में दोस्त बन गए। उनके लिए तो यह सफर पिकनिक था। कहीं मोबाइल पर गेम तो कहीं लूडो। एक दो कूपे में शतरंज की बिसात भी बिछी थी।
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शाम को परिवार संग महाकाल का दर्शन
गोरखपुर स्टेशन से ‘यूनियन स्पेशल’ रविवार की सुबह करीब 4.15 बजे चली और सोमवार की शाम करीब 4 बजे उज्जैन पहुुंच गई। ज्यादातर रेलकर्मियों ने परिवार के साथ सबसे पहले महाकाल का दर्शन किया। रेलकर्मियों को मीनाक्षी होटल एवं एटलस होटल में ठहरने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा दो गेस्ट हाउस भी बुक है।
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कहां, कितने चढ़े रेलकर्मी
स्टेशन संख्या
गोरखपुर 725 (125 वाराणसी से)
बस्ती 65
गोंडा 60
लखनऊ 225 (152 इज्जतनगर से)
प्रमुख मांगें
नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) को रद्द किया जाए
न्यूनतम वेतन को पूर्व प्रभाव से संशोधित करके 26000 रुपये प्रतिमाह हो।
रेलवे में निजीकरण, निगमीकरण और आउटसोर्सिंग बंद किया जाए।
संशोधित शैक्षिक योग्यता के आधार पर जीपी 1800 प्रति लेवल-वन को रद्द करें।
वेतन आयोग द्वारा की गई अनियमितताओं को दूर करें।
सेफ्टी स्टाफ श्रेणियों के कर्मचारियों को रिस्क एवं हार्डशिप भत्ता।
पीएल बोनस पर वेतन की सीलिंग समाप्त किया जाए।
सभी रेलवे प्रिंटिंग प्रेस को चालू किया जाए।
12 घंटे की ड्यूटी रद्द कर 8 घंटे ड्यूटी का आदेश तत्काल जारी हो।
कामन श्रेणी कर्मचारियों (स्टेनोग्राफर्स, रेडियाग्राफर्स, फार्मासिस्ट आदि) को केंद्रीय कर्मचारियों के समान वेतनमान मिले।
जोन स्तर पर उत्पादन इकाइयों में महाप्रबंधकों को 20 प्रतिशत रिक्तयों पर रेलवे अप्रेंटिस की सीधी भर्ती का अधिकार मिले।
सेफ्टी पदों पर क्वासी एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ को समाहित करने के आदेश जारी करें।
ग्रुप सी के उच्चतम ग्रेड पे के पदों को राजपत्रित करें।
टेक्नीशियन-2 को टेक्नीशियन-1 में मर्ज करें।
प्रस्तुति : राजन राय
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राजन राय
गोरखपुर। यूनियन का काम-काज और परिवार का भी साथ। नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन (एनएफआईआर) के 29वें राष्ट्रीय अधिवेशन के लिए रविवार को ‘यूनियन स्पेशल’ ट्रेेन उज्जैन के लिए चली तो कुछ ऐसा अभिनव नजारा दिखा। किसी बोगी में यूनियन के मुद्दों पर चर्चा गरम थी, तो दूसरी बोगी में रेलकर्मियों के परिवारी जन महाकाल के पूजन-दर्शन की चर्चा में व्यस्त थे। ऐसा नजारा, इससे पहले 2016 में एनएफआईआर के राष्ट्रीय अधिवेशन में गुवाहाटी भाग लेने के लिए गई ‘यूनियन स्पेशल’ ट्रेन में दिखा था, जब यूनियन के पदाधिकारियों के साथ उनके परिवारवाले भी थे।
इस अभिनव मौके को यादगार बनाने के लिए अमर उजाला ‘यूनियन स्पेशल’ यात्रा को लाइव कवर कर रहा है। इसमें हमारा साथ चल टिकट निरीक्षक मनोज द्विवेदी, मनोज मिश्रा, जेपी सिंह, प्रभात यादव, डीके मिश्रा, टिकट परीक्षक मनीष पांडेय आदि दे रहे हैं। तो सुनिए उनकी जुबानी, बीते 15 वर्षों से ट्रेन में ड्यूटी कर रहा हूं। कई स्पेशल ट्रेन में भी सफर किया, लेकिन ‘यूनियन स्पेशल’ वाकई अद्भुत है। ऐसा पहली बार हुआ कि ट्रेन में अकेलेपन का अहसास नहीं हुआ। पत्नी और बच्चे साथ, दूसरी जगहों पर तैनात मित्रों और सहकर्मियों से मिलना-जुलना। एक दूसरे के साथ नाश्ता-भोजन का आनंद। किसी के चेहरे में तनाव नहीं। इन सबके बीच ट्रेन में ही दफ्तरी कामकाज, मीटिंग का दौर। पहिए पर घर, दफ्तर लेकर रवाना हुई ‘यूनियन स्पेशल’ में माहौल गांव-मोहल्ले जैसा था।
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सोमवार को दोपहर बाद महाकाल की नगरी उज्जैन, मध्यप्रदेश पहुंची स्पेशल ट्रेन का सफर हम सब के लिए यादगार बन गया। ट्रेन गोरखपुर से रविवार भोर में चली थी। उज्जैन में एनएफआईआर (नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन) का 29 वां राष्ट्रीय अधिवेशन 17 व 18 सितंबर को होना है। ट्रेन में 13 एसी बोगियां लगीं हैं। बी-7 को कार्यालय बनाया गया। एक तरह से ट्रेन का कंट्रोल रूम भी है। किसी को कोई सूचना, कोई दिक्कत-परेशानी है तो यहीं आकर बताना था। पूरे दिन पूर्वोत्तर रेलवे के अलग-अलग मंडल की शाखाओं से पदाधिकारियों को एक-एक कर बुलाया गया। महामंत्री विनोद राय, प्रवक्ता एके सिंह समेत अन्य जोनल पदाधिकारी उनके साथ मीटिंग ले रहे थे। अधिवेशन के मुद्दे और मान्यता के लिए होने वाले चुनाव पर चर्चाएं थीं।
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महिलाओं को बतकही का सुख तो बच्चों को मिला मस्ती का माहौल
यात्रा शुरू होने के थोड़ी देर बाद बगल के कोच में पहुंचा तो बहुत सारी महिलाएं एकत्र थीं। अमूमन, जैसे मोहल्लों में देखने को मिलता है। मुझे देख कर कुछ पल सन्नाटा पसरा। महिला मुझे पहचानती थीं, बोली अरे कोई बात नहीं ये तो मेरे पति के मित्र हैं। यह सुनकर मैं थोड़ा झिझका पर उनकी बतकही शुरू चुकी थी। वहीं, अलग-अलग बोगियों में बैठे बच्चे थोड़ी ही देर में दोस्त बन गए। उनके लिए तो यह सफर पिकनिक था। कहीं मोबाइल पर गेम तो कहीं लूडो। एक दो कूपे में शतरंज की बिसात भी बिछी थी।
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शाम को परिवार संग महाकाल का दर्शन
गोरखपुर स्टेशन से ‘यूनियन स्पेशल’ रविवार की सुबह करीब 4.15 बजे चली और सोमवार की शाम करीब 4 बजे उज्जैन पहुुंच गई। ज्यादातर रेलकर्मियों ने परिवार के साथ सबसे पहले महाकाल का दर्शन किया। रेलकर्मियों को मीनाक्षी होटल एवं एटलस होटल में ठहरने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा दो गेस्ट हाउस भी बुक है।
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कहां, कितने चढ़े रेलकर्मी
स्टेशन संख्या
गोरखपुर 725 (125 वाराणसी से)
बस्ती 65
गोंडा 60
लखनऊ 225 (152 इज्जतनगर से)
प्रमुख मांगें
नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) को रद्द किया जाए
न्यूनतम वेतन को पूर्व प्रभाव से संशोधित करके 26000 रुपये प्रतिमाह हो।
रेलवे में निजीकरण, निगमीकरण और आउटसोर्सिंग बंद किया जाए।
संशोधित शैक्षिक योग्यता के आधार पर जीपी 1800 प्रति लेवल-वन को रद्द करें।
वेतन आयोग द्वारा की गई अनियमितताओं को दूर करें।
सेफ्टी स्टाफ श्रेणियों के कर्मचारियों को रिस्क एवं हार्डशिप भत्ता।
पीएल बोनस पर वेतन की सीलिंग समाप्त किया जाए।
सभी रेलवे प्रिंटिंग प्रेस को चालू किया जाए।
12 घंटे की ड्यूटी रद्द कर 8 घंटे ड्यूटी का आदेश तत्काल जारी हो।
कामन श्रेणी कर्मचारियों (स्टेनोग्राफर्स, रेडियाग्राफर्स, फार्मासिस्ट आदि) को केंद्रीय कर्मचारियों के समान वेतनमान मिले।
जोन स्तर पर उत्पादन इकाइयों में महाप्रबंधकों को 20 प्रतिशत रिक्तयों पर रेलवे अप्रेंटिस की सीधी भर्ती का अधिकार मिले।
सेफ्टी पदों पर क्वासी एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ को समाहित करने के आदेश जारी करें।
ग्रुप सी के उच्चतम ग्रेड पे के पदों को राजपत्रित करें।
टेक्नीशियन-2 को टेक्नीशियन-1 में मर्ज करें।
प्रस्तुति : राजन राय