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जिले में शौचालय निर्माण की स्थिति खराब
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Sun, 24 Jul 2016 08:37 PM IST
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खुले में शौच
- फोटो : file photo
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को खुले में शौच से आजादी दिलाने की स्थिति बहुत खराब है। इससे खफा डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए 31 जुलाई तक गांवों में बन रहे शौचालयों को पूरा करने की हिदायत दी है। इसमें लापरवाही बरतने वालों को विभागीय कार्रवाई के लिए तैयार रहने को भी कहा गया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के 50 से अधिक गांवों को पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया है। इन गांवों के सभी घरों में शौचालयों का निर्माण किया जाना है, जिसके लिए बजट भी जारी किया जा चुका है। बाजवूद इसके इन शौचालयों के निर्माण की प्रगति बहुत धीमी है। इस पर डीपीआरओ ने जिले के सभी एडीओ पंचायत को पत्र लिखकर अल्टीमेटम दिया है कि 31 जुलाई तक चयनित सभी गांवों में शौचालयों का निर्माण हो जाना चाहिए। इसकी फोटो खींचकर 31 जुलाई को मुख्यालय की बैठक में लोग आएंगे।
जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) आरके भारती ने बताया कि स्वच्छता अभियान को लेकर शासन बहुत गंभीर है। निर्धारित समयावधि तक शौचालयों को पूरा करना है। इस काम में अगर लापरवाही पाई गई तो कर्मचारी सेवा नियमावली के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के 50 से अधिक गांवों को पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया है। इन गांवों के सभी घरों में शौचालयों का निर्माण किया जाना है, जिसके लिए बजट भी जारी किया जा चुका है। बाजवूद इसके इन शौचालयों के निर्माण की प्रगति बहुत धीमी है। इस पर डीपीआरओ ने जिले के सभी एडीओ पंचायत को पत्र लिखकर अल्टीमेटम दिया है कि 31 जुलाई तक चयनित सभी गांवों में शौचालयों का निर्माण हो जाना चाहिए। इसकी फोटो खींचकर 31 जुलाई को मुख्यालय की बैठक में लोग आएंगे।
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जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) आरके भारती ने बताया कि स्वच्छता अभियान को लेकर शासन बहुत गंभीर है। निर्धारित समयावधि तक शौचालयों को पूरा करना है। इस काम में अगर लापरवाही पाई गई तो कर्मचारी सेवा नियमावली के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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