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सहजनवां थाने से नहीं गायब हुई थी शराब, खत्म होगा थानेदारों पर दर्ज केस

Thu, 26 Dec 2019 02:39 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2019 02:39 AM IST
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sahjanwa police station alcohal matter
सहजनवां थाने से नहीं गायब हुई थी शराब, खत्म होगा थानेदारों पर दर्ज केस
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गोरखपुर। पकड़ी गई शराब की खेप में से 557 बोतल शराब सहजनवां थाने से गायब नहीं थी, बल्कि दूसरे कमरे में मौजूद थी। सहजनवां थाने में केस दर्ज होने के बाद जांच कर रहे सीओ ने इसकी पुष्टि की है। जांच में पता चला है कि दूसरे कमरे की चाबी ना होने की वजह से एसडीएम की जांच के दौरान शराब नहीं मिली थी। तब शराब के गायब होने की बात सामने आई थी। डीएम के आदेश पर इस मामले में 14 दिसंबर को पुलिस ने केस दर्ज किया था। पुलिस अब इस केस को खत्म करने की तैयारी में जुटी है।
सहजनवां थाने में जमा तस्करी की शराब गायब होने के मामले में जून 2017 से जून 2019 के बीच सहजनवां थाने पर तैनात रहे थानेदारों व मालखाना प्रभारियों के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज किया गया था। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन को इसकी शिकायत मिली थी कि सहजनवां थाने में जब्त कर रखी गई तस्करी की शराब थानेदार ने गायब कर दी है। इसके बाद डीएम ने जांच के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सहजनवां सरनीत कौर ब्रोका के नेतृत्व में स्पेशल टीम बनाई। जिसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट टीम के साथ सहजनवां थाने पहुंची थीं और जांच में मौके पर शराब नहीं मिली थी।
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सीओ कैंपियरगंज और विवेचक दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि जांच में शराब दूसरे कमरे में मिली है। सारे तथ्यों की जांच कर सभी रिकॉर्ड मिलाए गए हैं। कहीं भी शराब गायब नहीं पाया गया। दर्ज केस को खत्म किया जाएगा।
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यह था मामला
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने मालखाना खोल कर जब्त शराब, नष्ट की गई शराब और शराब जब्त करने के मामले में दर्ज प्राथमिकी की जांच की थी। शराब जब्ती अभियान के दौरान छापे की कार्रवाई में शामिल टीम, पुलिस अधिकारी, जवान और वाहन चालक आदि की बिंदुवार जानकारी ली। पता चला कि जून 2017 से जून 2019 के बीच जब्त की गई तस्करी की शराब की 557 बोतलें गायब हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने तत्कालीन थानेदार व मालखाना प्रभारी को दोषी बताते हुए कार्रवाई के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद केस दर्ज किया गया है।

जांच में यह आया सामने
मामले की विवेचना सीओ कैंपियरगंज को सौंपी गई थी। उनकी जांच में सामने आया कि मालखाने में जगह ना होने की वजह से थानों के अन्य कमरों में शराब रख दी गई थी। जिस वक्त एसडीएम पहुंची थीं, एक कमरे की चाबी नहीं थी, क्योंकि उसके प्रभारी का देवरिया स्थानांतरण हो गया था और वह चार्ज दूसरे को सौंप नहीं पाए थे। उनके आने पर शराब दूसरे कमरे में मिली है।
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