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जिला सहकारी बैंक के बोर्ड की बैठक में हंगामा
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नगर सहकारी बैंक के बोर्ड बैठक में हंगामा
गोरखपुर। नगर सहकारी बैंक के बोर्ड की बैठक में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। दो सदस्यों को नामित करने के प्रस्ताव पर हंगामा बढ़ता देख अध्यक्ष सचिव के साथ बैठक से उठकर चली गईं।
शनिवार को आयोजित नगर सहकारी बैंक की बैठक में अध्यक्ष पल्लवी सिंह सहित 10 सदस्य मौजूद थे। बैठक के दौरान जब दो सदस्यों ने नामित करने का प्रस्ताव रखा गया तो 4 सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया। कहा कि जिनको नामित करने की बात हो रही है वह नियम विरुद्ध है। इस पर अध्यक्ष के समर्थक सदस्यों ने इसे नियम सम्मत बताया। पांच सदस्य समर्थन में हैं तो यह प्रस्ताव पास माना जाएगा और पूरी कार्यवाही नियम से की गई मानी जाएगी। इसको लेकर हंगामा होने लगा। एक सदस्य के पति जो बैंक के कर्मचारी रह चुके हैं ने बैंक में धन के गबन का आरोप लगाया। कहा कि फर्जी एफडीआर पर ऋण बांटा गया था। इस मुद्दे पर चर्चा हुई तो अध्यक्ष और सचिव उठकर चले गए। बैंक के सचिव अजय कुमार सिंह का कहना है कि बैंक के संचालक सत्यभामा शाही के पति राकेश शाही बैंक के पूर्व कर्मचारी हैं। कुछ संचालकों के साथ मिलकर बैंक प्रबंधन पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। बैंक से जो भी धन निकला है वह लोगों को ऋण के रूप में दिया गया है। कुछ खाता एनपीए हुआ है पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। धन जनता का है इसे किसी को भी लूटने नहीं दिया जाएगा। उन्हें बैंक का रुपया हर हाल में लौटाना होगा।
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गोरखपुर। नगर सहकारी बैंक के बोर्ड की बैठक में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। दो सदस्यों को नामित करने के प्रस्ताव पर हंगामा बढ़ता देख अध्यक्ष सचिव के साथ बैठक से उठकर चली गईं।
शनिवार को आयोजित नगर सहकारी बैंक की बैठक में अध्यक्ष पल्लवी सिंह सहित 10 सदस्य मौजूद थे। बैठक के दौरान जब दो सदस्यों ने नामित करने का प्रस्ताव रखा गया तो 4 सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया। कहा कि जिनको नामित करने की बात हो रही है वह नियम विरुद्ध है। इस पर अध्यक्ष के समर्थक सदस्यों ने इसे नियम सम्मत बताया। पांच सदस्य समर्थन में हैं तो यह प्रस्ताव पास माना जाएगा और पूरी कार्यवाही नियम से की गई मानी जाएगी। इसको लेकर हंगामा होने लगा। एक सदस्य के पति जो बैंक के कर्मचारी रह चुके हैं ने बैंक में धन के गबन का आरोप लगाया। कहा कि फर्जी एफडीआर पर ऋण बांटा गया था। इस मुद्दे पर चर्चा हुई तो अध्यक्ष और सचिव उठकर चले गए। बैंक के सचिव अजय कुमार सिंह का कहना है कि बैंक के संचालक सत्यभामा शाही के पति राकेश शाही बैंक के पूर्व कर्मचारी हैं। कुछ संचालकों के साथ मिलकर बैंक प्रबंधन पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। बैंक से जो भी धन निकला है वह लोगों को ऋण के रूप में दिया गया है। कुछ खाता एनपीए हुआ है पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। धन जनता का है इसे किसी को भी लूटने नहीं दिया जाएगा। उन्हें बैंक का रुपया हर हाल में लौटाना होगा।
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