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रात में सड़क जाम तो दिन में अस्पताल कर्मियों ने दिया धरना, नर्स के पति को डॉक्टर समझकर पीटा
Mon, 21 Oct 2019 06:22 PM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महाराजगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महाराजगंज
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 21 Oct 2019 06:22 PM IST
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स्वास्थ्य कर्मियों ने जताया विरोध
- फोटो : अमर उजाला
महराजगंज के समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा में रविवार की रात को हृदय रोग के मरीज की इलाज में लापरवाही से नाराज लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की। साथ ही एक स्टाफ नर्स के पति की जमकर पीटाई कर दी। इसके बाद रात में ही सड़क जाम कर लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। कुछ लोगों के समझाने के बाद करीब 12 बजे के बाद सड़क जाम समाप्त हुआ।
सोमवार को घटना से नाराज स्वास्थ्य कर्मियों ने काम काज ठप कर सीएचसी परिसर में धरना दिया। मौके पर पहुंचे एसीएमओ ने मामले में कारगर कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों का धरना समाप्त हुआ।
बता दें कि रविवार की रात में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा में समसुन निशा अपने बेटे के साथ इलाज के लिए पहुंचीं। आरोप है कि करीब दो घंटे बाद तक इलाज नहीं किया गया। समसुन का इलाज शुरू करने के लिए उनके बेटे ने अस्पताल स्टाफ से कई बार अनुरोध भी किया। लेकिन उसकी बात पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इससे नाराज होकर उसके साथ आए लोगों ने हो हल्ला शुरू कर दिया।
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इस दौरान अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स राधिका के पति अविनाश बाहर टहल रहे थे। आक्रोशित लोग उन्हें डॉक्टर समझकर जमकर पीटने लगे। इसके बाद निचलौल महराजगंज मार्ग को जाम कर दिया। रात करीब 12 बजे स्थानीय लोगों के समझाने पर जाम समाप्त हुआ।
सोमवार को घटना से नाराज स्वास्थ्य कर्मियों ने अस्पताल परिसर में धरना देकर कसूरवारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अस्पताल खुलने के बाद डॉक्टर समेत अन्य स्टाफ ने कामकाज ठप कर दिया। अस्पताल आए लोग वापस लौट गए। करीब 10 बजे एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद अस्पताल पहुंचे।
उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को समझाया। साथ ही आश्वासन दिया कि इस प्रकरण में कारगर कार्रवाई कराई जाएगी। इसके बाद कर्मियों ने काम काज शुरू किया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. श्याम बाबू ने कहा कि अस्पताल में रात में कुछ लोगों ने खिड़की एवं कुर्सी को तोड़ दिया। साथ ही रजिस्टर भी फाड़ने का प्रयास किया।
निचलौल थाने में तहरीर देकर कसूरवारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। थानाध्यक्ष निचलौल बिहागड़ सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित सलाऊद्दीन ने बताया कि मां के इलाज में जानबूझकर कर देरी की जा रही थी। विरोध करने पर स्टाफ द्वारा खरीखोटी सुनाया गया। उन्होंने कहा कि इलाज में लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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सोमवार को घटना से नाराज स्वास्थ्य कर्मियों ने काम काज ठप कर सीएचसी परिसर में धरना दिया। मौके पर पहुंचे एसीएमओ ने मामले में कारगर कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों का धरना समाप्त हुआ।
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बता दें कि रविवार की रात में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा में समसुन निशा अपने बेटे के साथ इलाज के लिए पहुंचीं। आरोप है कि करीब दो घंटे बाद तक इलाज नहीं किया गया। समसुन का इलाज शुरू करने के लिए उनके बेटे ने अस्पताल स्टाफ से कई बार अनुरोध भी किया। लेकिन उसकी बात पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इससे नाराज होकर उसके साथ आए लोगों ने हो हल्ला शुरू कर दिया।
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इस दौरान अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स राधिका के पति अविनाश बाहर टहल रहे थे। आक्रोशित लोग उन्हें डॉक्टर समझकर जमकर पीटने लगे। इसके बाद निचलौल महराजगंज मार्ग को जाम कर दिया। रात करीब 12 बजे स्थानीय लोगों के समझाने पर जाम समाप्त हुआ।
सोमवार को घटना से नाराज स्वास्थ्य कर्मियों ने अस्पताल परिसर में धरना देकर कसूरवारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अस्पताल खुलने के बाद डॉक्टर समेत अन्य स्टाफ ने कामकाज ठप कर दिया। अस्पताल आए लोग वापस लौट गए। करीब 10 बजे एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद अस्पताल पहुंचे।
उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को समझाया। साथ ही आश्वासन दिया कि इस प्रकरण में कारगर कार्रवाई कराई जाएगी। इसके बाद कर्मियों ने काम काज शुरू किया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. श्याम बाबू ने कहा कि अस्पताल में रात में कुछ लोगों ने खिड़की एवं कुर्सी को तोड़ दिया। साथ ही रजिस्टर भी फाड़ने का प्रयास किया।
निचलौल थाने में तहरीर देकर कसूरवारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। थानाध्यक्ष निचलौल बिहागड़ सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित सलाऊद्दीन ने बताया कि मां के इलाज में जानबूझकर कर देरी की जा रही थी। विरोध करने पर स्टाफ द्वारा खरीखोटी सुनाया गया। उन्होंने कहा कि इलाज में लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।