फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   political news

पिपराइच विधानसभा क्षेत्र: योगी की ‘माया’, पिपराइच में विकास की छाया

Thu, 28 Nov 2019 02:21 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2019 02:21 AM IST
विज्ञापन
political news
पिपराइच विधानसभा क्षेत्र: योगी की ‘माया’, पिपराइच में विकास की छाया
विज्ञापन

गोरखपुर। ‘पिपराइच में विकास का असली मोर्चा तो गोरक्षपीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभाल रखा है’ पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में विकास के बाबत किसी से पूछिए, फटाक से यही जवाब मिलेगा। क्षेत्रीय भाजपा विधायक महेंद्र पाल सिंह बस इसी का फायदा उठा ले जाते हैं। हालांकि विधायक इस बात को मानने से गुरेज भी नहीं करते। वे क्षेत्र के विकास का सारा श्रेय मुख्यमंत्री को देते हैं। बस योगी की यही ‘माया’ पिपराइच विधान सभा क्षेत्र के रहवासियों के सिर चढ़कर बोलती है। विधायक की तर्ज पर वे भी गिनाते हैं, भाई, मुख्यमंत्री ने 412 करोड़ की लागत से तैयार पिपराइच चीनी मिल का लोकार्पण किया। इसका फायदा क्षेत्र के गन्ना किसान उठा रहे हैं। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी बढ़ा है। चीनी मिल के जरिए बिजली उत्पादन की व्यवस्था की गई है। 300 करोड़ रुपये की डिस्टिलरी यूनिट स्थापित की जा रही है। इसकी मदद से एथेनॉल तैयार किया जाएगा। उत्साहित विधायक भी कहते हैं कि हमारे क्षेत्र में जाएं, ढाई साल के कार्यकाल का हिसाब मांगिए, तब आपको सही जानकारी मिलेगी। क्षेत्र की जनता पूर्णांक देने को तैयार बैठी है।
जनता की बात
समस्याएं कई, मगर विधायक सुन लेते हैं
देखिए, जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी खासियत क्षेत्र में रहने की होती है। वह सहज और सरल तरीके से जनता को मिल जाए। फोन उठाकर बात कर लें, यही बड़ी बात है। विधायक में यह गुण हैं। समस्याएं हमेशा रहेंगे, इनका समाधान एक बार में संभव नहीं है। पेंशन से संबंधित तमाम समस्याएं आ रही हैं। यह मामला विधायक तक पहुंचा है। विधायक ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा भी दिया है। जनप्रतिनिधि को नंबरों में बांधना ठीक नहीं है।
विज्ञापन

जगदंबा प्रसाद दूबे, जंगल पकड़ी
चीनी मिल चली, अब धुआं बना समस्या
आपको बताएं। विधायक जी मिलनसार जरूर हैं, लेकिन कोई खास काम नहीं कर सके। क्षेत्र में तमाम समस्याएं हैं। चीनी मिल चली तो सबने तारीफ की। अब चिमनी से निकलने वाला धुआं समस्या बन गया है। आसपास का वातावरण प्रदूषित हो रहा है। चीनी मिल में नौकरी के नाम पर तमाम युवाओं से ठगी हुई। मामला जनप्रतिनिधि और थानाध्यक्ष तक पहुंचा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोग रोजगार की तलाश में बाहर जा रहे हैं। नंबर-वंबर की बात न करेें, जो कहना था कह दिया। आप आप ही समझ लीजिए कितने नंबर देने हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

राम किशुन सिंह, यादवपुर
छोटे स्तर के कामकाज भी जरूरी
विधायक व्यक्तिगत तौर पर अच्छे इंसान हैं। योगी जी की कृपा से क्षेत्र में बड़ा काम हुआ, लेकिन छोटे स्तर का कामकाज उतना नहीं हुआ। रमवापुर से रजहीं होते हुए, एयरफोर्स जाने वाली सड़क बेहद खराब है। कई गांवों में जलनिकासी की समस्या है। अब जरूरत सर्वे कराके विकास कराने की है। विधायक जी को पूर्णांक तो नहीं दे सकता हूं। हां, सात नंबर से कम देना ठीक नहीं रहेगा।
निखिल पांडेय, नैयापार
क्षेत्र में राशन माफिया पर कोई अंकुश नहीं
देखो भइया। विधायक जी का कामकाज तो ठीक है, लेकिन राशन माफिया पर किसी तरह का अंकुश नहीं लग सका है। सरकारी राशन की खुलेआम कालाबाजारी की जा रही है। इससे निपटने का खाका तैयार करना पड़ेगा। काम तो अच्छा ही है।
अंबरीश कुमार तिवारी, रतनपुर
पिपराइच में जाम की समस्या बड़ी है। रेलवे क्रासिंग पर ओवर ब्रिज बनाने की मांग लंबे समय से प्रस्तावित है। पिपराइच विद्युत उपकेंद्र के विस्तार व आधुनिकीकरण, पिपराइच से गोरखपुर की सड़क को फोरलेन बनाने और पिपराइच बाईपास के लिए प्रयास और तेज किए जाने चाहिए। सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की नीति पर चलकर बहुत कुछ बदला जा सकता है। विधायक को 7 नंबर तो दे सकते हैं।
वीरेंद्र पाठक, रिठीया पटखौली टोला
छोटी समस्याओं पर भी ध्यान देते
मौलाखोर में अंडरपास बन रहा है। आम जनता को आसानी होगी, यह खुशी की बात है लेकिन, बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाएगा। अब मौलाखोर से कपूरी नाला होते हुए गोनरहा, कैथवलिया और रमवापुर से कुसम्ही की सड़क को पिच कराने की जरूरत है, तभी समस्या का समाधान होगा। विधायक को चाहिए कि वह क्षेत्रवासियों को समस्याओं से निजात दिलाने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। अभी तक जो काम हुआ है, उसपर मार्किंग करना ठीक नहीं है। पांच साल का कार्यकाल पूरा हो जाए, तब नंबर देने में अच्छा लगेगा।
गजेंद्र चौरसिया, मौलाखोर
विधायक की बात
सवाल- जनता की मानें तो आपके इलाके में असली विकास मुख्यमंत्री करा रहे है, आप क्या कहेंगे?
जवाब- हमारे मुख्यमंत्री हैं। बसपा सरकार ने जिस चीनी मिल को बंद कर दिया था, वह किसानों को समर्पित कर दी गई है। विधानसभा क्षेत्र में 87 किलोमीटर लंबी नई सड़कें बनी हैं। 250 किलोमीटर लंबी सड़कों की मरम्मत कराई गई। जो कुछ लेटर पैड पर लिखकर दिया, उसे महराज जी (मुख्यमंत्री) ने तत्काल स्वीकृत कर दिया। यह सही है कि क्षेत्र की जनता को मुख्यमंत्री का विशेष स्नेह मिल रहा है।
सवाल: विधायक निधि से आपने क्या काम कराया, बता सकते हैं ?
जवाब: जी, जरूर। सब कुछ पानी की तरह साफ है। विधायक निधि से जो काम कराया है, उसकी सूची सार्वजनिक कर दी है। जो चाहे, मौके की पड़ताल कर सकता है। जनता के पैसे का हिसाब देने में किसी तरह की दिक्कत नहीं है। क्षेत्र की जनता को बेहतर सुविधा-संसाधन मिले, इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। ढाई साल के कार्यकाल में विकास की गंगा बही है। अपने विधायक के कामकाज से जनता पूरी तरह से संतुष्ट है।
सवाल: ढाई साल में आपको क्षेत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या नजर आती है ?
जवाब- चीनी मिल, पावर प्लांट और डिस्टिलरी यूनिट की स्थापना को बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जाना चाहिए। आप देखिए, बहुत काम हुआ है। विधानसभा क्षेत्र को जोड़ने वाली गोरखपुर-पिपराइच, कप्तानगंज, सोनबरसा से पिपराइच, कुसम्ही से पिपराइच और मोहरीपुर सहित अन्य सहित सारी सड़कें सात लेन की हो गई हैं। 1995 से लटका कोल्हुआ घाट पुल बनकर तैयार है। जल्द ही लोकार्पण कराया जाएगा।
सवाल: विकास की बात तो ठीक, विधायी जिम्मेदारियों का निर्वहन कितना किया?
जवाब: अपनी सरकार है, फिर भी वन विभाग और लोक निर्माण विभाग से जुड़े मामले विधानसभा में उठाए हैं। मेरा कहना था कि जंगल के किनारे से आरा मशीनें हटाई जाएं। इससे अवैध कटान रुकेगा। टिकरिया जंगल में अवैध कटान होता है। इसी तरह सड़क बनाने से पहले लोक निर्माण विभाग को बिजली के पोल लगवाने की सही रणनीति बनानी चाहिए। ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान दोबारा पोल न हटाना पड़े। पोल हटाने में बड़ा खर्च आता है।

विपक्ष की बात
विकास का ढिंढोरा, जमीनी हकीकत अलग
चीनी मिल खुल गई अच्छी बात, लेकिन स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के वादे का क्या हुआ। बाहर से अधिकारी, कर्मचारी और मजदूर रख दिए गए। किसानों को गन्ना पहुंचाने में आसानी जरूर हुई है पर भुगतान तुरंत नहीं मिल रहा। समस्या जस की तस है। छुट्टा पशुओं ने फसलें बर्बाद कर दी हैं। गांवों में जाकर देखिए, स्वच्छता अभियान की हकीकत सामने आ जाएगी। सफाई कर्मियों को अलग-अलग काम में लगा जा रहा है। पिपराइच को तहसील बनाने की मांग लंबे समय से चल रही है। इसपर कोई प्रयास नहीं किया गया। नगर में ही भूमि खाली पड़ी है, जहां बड़े प्रोजेक्ट लाकर रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। किसान धान काटकर परेशान हैं। सरकारी केंद्रों पर धान की खरीद नहीं हो पा रही है। इसका फायदा बिचौलिया उठाते हैं। निजी खरीदारों के पास जाते ही धान की कीमत कम हो जाती है। विकास का ढिंढोरा भले ही पीटा जा रहा है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है।
आफताब आलम, पूर्व प्रत्याशी व बसपा नेता
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed