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पीएफ घोटाला: जोन के कर्मियों के ही सवा दो अरब रुपये फंसे
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पीएफ घोटाला: जोन के कर्मियों के ही सवा दो अरब रुपये फंसे
गोरखपुर। बिजली निगम में कार्यरत गोरखपुर जोन के कर्मचारियों की पीएफ गड़बड़ी में करीब सवा दो अरब रुपए फंसे हैं। जोन में कुल 1129 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें तकनीकी कर्मचारी से लेकर बाबू, जेई, एसडीओ, अधिशाषी अभियंता, अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता शामिल हैं। इन सभी ने पीएफ की तय रकम दस प्रतिशत (अनिवार्य) बेसिक सैलरी से कटवाया, साथ ही जीपीएफ मद में मूल वेतन से अधिक रकम कटवाई थी।
पूरे प्रदेश में बिजली निगम के कुल 45 हजार कर्मियों की पीएफ/ जीपीएफ की रकम फंसी हुई है। इसे लेकर कर्मचारी लगातार आंदोलित हैं। अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि सभी 1129 कर्मचारियों में प्रति कर्मचारी बेसिक सैलरी से अगर औसत पीएफ (10 प्रतिशत) की रकम 20 लाख रुपये भी मान लें तब भी सवा दो अरब के आस पास की रकम फिलहाल फंसी नजर आ रही है। सभी को अपनी गाढ़ी कमाई के डूबने की चिंता सताने लगी है। लगातार प्रदर्शन के बाद भी सरकार की तरफ से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिल सका है। अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि सरकार रकम वापसी करती भी है, तो बेसिक सैलरी से पीएफ मद में कटी रकम ही लौटाएगी। खुद से जीपीएफ मद में कटवाने वाली रकम डूब जाएगी।
जोन में कर्मचारियों की संख्या
गोरखपुर - 604
कुशीनगर - 182
देवरिया - 251
महाराजगंज- 156
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गोरखपुर। बिजली निगम में कार्यरत गोरखपुर जोन के कर्मचारियों की पीएफ गड़बड़ी में करीब सवा दो अरब रुपए फंसे हैं। जोन में कुल 1129 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें तकनीकी कर्मचारी से लेकर बाबू, जेई, एसडीओ, अधिशाषी अभियंता, अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता शामिल हैं। इन सभी ने पीएफ की तय रकम दस प्रतिशत (अनिवार्य) बेसिक सैलरी से कटवाया, साथ ही जीपीएफ मद में मूल वेतन से अधिक रकम कटवाई थी।
पूरे प्रदेश में बिजली निगम के कुल 45 हजार कर्मियों की पीएफ/ जीपीएफ की रकम फंसी हुई है। इसे लेकर कर्मचारी लगातार आंदोलित हैं। अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि सभी 1129 कर्मचारियों में प्रति कर्मचारी बेसिक सैलरी से अगर औसत पीएफ (10 प्रतिशत) की रकम 20 लाख रुपये भी मान लें तब भी सवा दो अरब के आस पास की रकम फिलहाल फंसी नजर आ रही है। सभी को अपनी गाढ़ी कमाई के डूबने की चिंता सताने लगी है। लगातार प्रदर्शन के बाद भी सरकार की तरफ से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिल सका है। अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि सरकार रकम वापसी करती भी है, तो बेसिक सैलरी से पीएफ मद में कटी रकम ही लौटाएगी। खुद से जीपीएफ मद में कटवाने वाली रकम डूब जाएगी।
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जोन में कर्मचारियों की संख्या
गोरखपुर - 604
कुशीनगर - 182
देवरिया - 251
महाराजगंज- 156