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मनरेगा घोटाला : 29 गाड़ियों के रिकॅार्ड नहीं मिले
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 02 Nov 2015 01:41 AM IST
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मनरेगा घोटाला : 29 गाड़ियों के रिकॅार्ड नहीं मिले
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मनरेगा घोटाले की जांच कर रही सीबीआई को परिवहन विभाग ने रिपोर्ट भेज दी है। सीबीआई ने 57 गाड़ियों की जानकारी मांगी थी। इनमें 29 गाड़ियों के रिकॉर्ड जांच में नहीं मिले हैं। 28 गाड़ियों में बाइक, स्कूटर, ट्रैक्टर और ट्रक मालिकों का नाम, पता मिलने के बाद परिवहन विभाग ने इसकी रिपोर्ट बनाकर भेजी है।
14 अक्टूबर को परिवहन दफ्तर में सीबीआई का पत्र आने के बाद गाड़ियों की पड़ताल शुरू हो गई थी। मनरेगा में हुए घोटाले की जांच कई सालों से चल रही है। जिन गाड़ियों की लिस्ट सीबीआई की ओर से परिवहन विभाग को दी गई है उनका इस्तेमाल मनरेगा के कार्यों में किया गया है। माल ढुलाई से लेकर अन्य कार्यों में इस्तेमाल की र्गइं गाड़ियों का ब्योरा परिवहन विभाग ने निकालना शुरू किया तो कर्मचारी भी दंग रह गए थे। 57 गाड़ियों में 13 बाइक, तीन स्कूटर, 11 ट्रैक्टर और एक ट्रक का नंबर मिला है। जिन गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है उनका रिकॉर्ड फाइलों के ढेर में दब गया है। जिसे कई दिनों की मशक्कत के बाद भी परिवहन विभाग के कर्मचारी खोज नहीं सके हैं।
कोट
वाहन के नंबरों की जांच में परिवहन विभाग को एक नंबर ट्रक का भी मिला है। इसका नंबर यूपी 53 ए 7617 है। ट्रक का रजिस्ट्रेशन बेलीपार के बहरामपुर निवासी सियाराम के पुत्र ओम प्रकाश गुप्ता के नाम पर है। इसके साथ ही गोरखपुर के अलावा बलिया के सिकंदरपुर निवासी खुर्शीद आलम की बाइक का नंबर भी जांच में मिला है। सीबीआई की ओर से दिए गए नंबरों की खोजबीन करने के बाद जांच रिपोर्ट भेज दी गई है। 29 गाड़ियों की जानकारी नहीं मिल पाने के बाद सीबीआई इंस्पेक्टर को अवगत करा दिया गया है।
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-संदीप कुमार जायसवाल, एआरटीओ प्रशासन।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मनरेगा घोटाले की जांच कर रही सीबीआई को परिवहन विभाग ने रिपोर्ट भेज दी है। सीबीआई ने 57 गाड़ियों की जानकारी मांगी थी। इनमें 29 गाड़ियों के रिकॉर्ड जांच में नहीं मिले हैं। 28 गाड़ियों में बाइक, स्कूटर, ट्रैक्टर और ट्रक मालिकों का नाम, पता मिलने के बाद परिवहन विभाग ने इसकी रिपोर्ट बनाकर भेजी है।
14 अक्टूबर को परिवहन दफ्तर में सीबीआई का पत्र आने के बाद गाड़ियों की पड़ताल शुरू हो गई थी। मनरेगा में हुए घोटाले की जांच कई सालों से चल रही है। जिन गाड़ियों की लिस्ट सीबीआई की ओर से परिवहन विभाग को दी गई है उनका इस्तेमाल मनरेगा के कार्यों में किया गया है। माल ढुलाई से लेकर अन्य कार्यों में इस्तेमाल की र्गइं गाड़ियों का ब्योरा परिवहन विभाग ने निकालना शुरू किया तो कर्मचारी भी दंग रह गए थे। 57 गाड़ियों में 13 बाइक, तीन स्कूटर, 11 ट्रैक्टर और एक ट्रक का नंबर मिला है। जिन गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है उनका रिकॉर्ड फाइलों के ढेर में दब गया है। जिसे कई दिनों की मशक्कत के बाद भी परिवहन विभाग के कर्मचारी खोज नहीं सके हैं।
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वाहन के नंबरों की जांच में परिवहन विभाग को एक नंबर ट्रक का भी मिला है। इसका नंबर यूपी 53 ए 7617 है। ट्रक का रजिस्ट्रेशन बेलीपार के बहरामपुर निवासी सियाराम के पुत्र ओम प्रकाश गुप्ता के नाम पर है। इसके साथ ही गोरखपुर के अलावा बलिया के सिकंदरपुर निवासी खुर्शीद आलम की बाइक का नंबर भी जांच में मिला है। सीबीआई की ओर से दिए गए नंबरों की खोजबीन करने के बाद जांच रिपोर्ट भेज दी गई है। 29 गाड़ियों की जानकारी नहीं मिल पाने के बाद सीबीआई इंस्पेक्टर को अवगत करा दिया गया है।
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-संदीप कुमार जायसवाल, एआरटीओ प्रशासन।