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एमएमएमयूटी में रिकार्ड स्तर पर हुए अकादमिक कार्य : प्रो. एचपी खिंचा
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एमएमएम यूटी के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कर्यक्रम में जापानी छात्रों ने गीत गाकर कार्यक्र?
एमएमएमयूटी में रिकार्ड स्तर पर हुए अकादमिक कार्य : प्रो. एचपी खिंचा
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) का छठवां स्थापना दिवस समारोह रविवार को बड़े ही उल्लास के साथ मनाया गया। आर्यभट्ट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को सराहा और शाम को विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से जमकर धमाल मचाया।
समारोह में ‘एनर्जी, एनवायरनमेंट, एंड मटेरियल साइंसेज’ विषयक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि विश्वेसरैया प्राविधिक विश्वविद्यालय, बेलगाम (कर्नाटक) के पूर्व कुलपति प्रो. एचपी खिंचा ने कहा कि यह विश्वविद्यालय अन्य तकनीकी विश्वविद्यालयों के लिए अनुकरणीय बनता जा रहा है।
बीते छह वर्ष में विश्वविद्यालय में रिकार्ड स्तर पर अकादमिक कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान को सर्वोत्तम बनाने के लिए छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों, सरकार और समाज के आपसी सहयोग की जरूरत पड़ती है। विश्वविद्यालय इसे लेकर तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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विशिष्ट अतिथि नगर विधायक डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल रहे। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक की दुनिया के लोगों को इस गलतफहमी से बाहर निकलना होगा कि जो कुछ वैज्ञानिक प्रगति हुई है वह पश्चिम में है। इसके लिए उन्होंने एम विश्वेसरैया का उदाहरण दिया। विधायक ने कहा कि यही कामना है एमएमएमयूटी मूलभूत अनुसंधान का केंद्र और देश का शीर्षस्थ तकनीकी विश्वविद्यालय बने।
इटली से आए प्रो. विनोद कुमार शर्मा ने विश्वविद्यालय में शोध पर जोर देने की वकालत की। कहा कि अनुसंधान केवल शोध पत्र प्रकाशित होने के लिए ही न किए जाएं बल्कि वह जनोपयोगी भी हों। एनआइटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. केके शुक्ल ने कहा कि नौकरी के पीछे भागने की बजाय विद्यार्थी अनुसंधान पर फोकस करें।
आईआईटी खड़गपुर के प्रो. बीएन सिंह ने विद्यार्थियों ने जनोपयोगी अनुसंधान के लिए जोश भरा। कुलपति प्रो. श्रीनिवास सिंह ने कहा कि यह अवसर केवल अपनी उपलब्धियों पर गौरवान्वित होने का नहीं है बल्कि ठहरकर विचार करने का है कि हम किन नई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। यह भी देखना होगा कि उनसे निपटने के लिए हमें क्या करने की जरूरत है?
अधिष्ठाता प्रो डीके द्विवेदी ने सभी का स्वागत किया। संचालन डॉ अभिजीत मिश्र और आभार ज्ञापन डॉ स्वाती गंगवार ने किया। इस अवसर पर प्रो. केजी उपाध्याय, प्रो. केडी सिंह, प्रो. सुनील श्रीवास्तव, प्रो. गोविंद पांडेय आदि मौजूद रहे।
40 विद्यार्थियों को मिला टेबलेट
मालवीय एंट्रेंस टेस्ट 2019 के 40 टॉपरों को टैबलेट दिया गया। अतिथियों ने 20 छात्र और 20 छात्राओं को टैबलेट दिया। इस अवसर पर अतिथियों ने स्थापना दिवस की स्मारिका और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की प्रोसीडिंग्स का लोकार्पण भी किया।
सम्मेलन में प्रस्तुत होंगे 100 से ज्यादा शोधपत्र
गोरखपुर। एमएमएमयूटी एवं इटालियन शोध संस्थान की ओर से ओएनजीसी एवं आईइइइ यूपी सेक्शन के सहयोग से आयोजित ‘एनर्जी, एनवायरनमेंट, एंड मटेरियल साइंसेज’ विषयक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वानों और शोधार्थियों की ओर से 100 से ज्यादा शोध पत्र पढ़े जाएंगे। जिनमें ऊर्जा, पर्यावरण एवं पदार्थ विज्ञान के विभिन्न पहलुओं पर विचार विमर्श होगा। कुलसचिव डॉ जीऊत सिंह ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत किया।
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गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) का छठवां स्थापना दिवस समारोह रविवार को बड़े ही उल्लास के साथ मनाया गया। आर्यभट्ट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को सराहा और शाम को विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से जमकर धमाल मचाया।
समारोह में ‘एनर्जी, एनवायरनमेंट, एंड मटेरियल साइंसेज’ विषयक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि विश्वेसरैया प्राविधिक विश्वविद्यालय, बेलगाम (कर्नाटक) के पूर्व कुलपति प्रो. एचपी खिंचा ने कहा कि यह विश्वविद्यालय अन्य तकनीकी विश्वविद्यालयों के लिए अनुकरणीय बनता जा रहा है।
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बीते छह वर्ष में विश्वविद्यालय में रिकार्ड स्तर पर अकादमिक कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान को सर्वोत्तम बनाने के लिए छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों, सरकार और समाज के आपसी सहयोग की जरूरत पड़ती है। विश्वविद्यालय इसे लेकर तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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विशिष्ट अतिथि नगर विधायक डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल रहे। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक की दुनिया के लोगों को इस गलतफहमी से बाहर निकलना होगा कि जो कुछ वैज्ञानिक प्रगति हुई है वह पश्चिम में है। इसके लिए उन्होंने एम विश्वेसरैया का उदाहरण दिया। विधायक ने कहा कि यही कामना है एमएमएमयूटी मूलभूत अनुसंधान का केंद्र और देश का शीर्षस्थ तकनीकी विश्वविद्यालय बने।
इटली से आए प्रो. विनोद कुमार शर्मा ने विश्वविद्यालय में शोध पर जोर देने की वकालत की। कहा कि अनुसंधान केवल शोध पत्र प्रकाशित होने के लिए ही न किए जाएं बल्कि वह जनोपयोगी भी हों। एनआइटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. केके शुक्ल ने कहा कि नौकरी के पीछे भागने की बजाय विद्यार्थी अनुसंधान पर फोकस करें।
आईआईटी खड़गपुर के प्रो. बीएन सिंह ने विद्यार्थियों ने जनोपयोगी अनुसंधान के लिए जोश भरा। कुलपति प्रो. श्रीनिवास सिंह ने कहा कि यह अवसर केवल अपनी उपलब्धियों पर गौरवान्वित होने का नहीं है बल्कि ठहरकर विचार करने का है कि हम किन नई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। यह भी देखना होगा कि उनसे निपटने के लिए हमें क्या करने की जरूरत है?
अधिष्ठाता प्रो डीके द्विवेदी ने सभी का स्वागत किया। संचालन डॉ अभिजीत मिश्र और आभार ज्ञापन डॉ स्वाती गंगवार ने किया। इस अवसर पर प्रो. केजी उपाध्याय, प्रो. केडी सिंह, प्रो. सुनील श्रीवास्तव, प्रो. गोविंद पांडेय आदि मौजूद रहे।
40 विद्यार्थियों को मिला टेबलेट
मालवीय एंट्रेंस टेस्ट 2019 के 40 टॉपरों को टैबलेट दिया गया। अतिथियों ने 20 छात्र और 20 छात्राओं को टैबलेट दिया। इस अवसर पर अतिथियों ने स्थापना दिवस की स्मारिका और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की प्रोसीडिंग्स का लोकार्पण भी किया।
सम्मेलन में प्रस्तुत होंगे 100 से ज्यादा शोधपत्र
गोरखपुर। एमएमएमयूटी एवं इटालियन शोध संस्थान की ओर से ओएनजीसी एवं आईइइइ यूपी सेक्शन के सहयोग से आयोजित ‘एनर्जी, एनवायरनमेंट, एंड मटेरियल साइंसेज’ विषयक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वानों और शोधार्थियों की ओर से 100 से ज्यादा शोध पत्र पढ़े जाएंगे। जिनमें ऊर्जा, पर्यावरण एवं पदार्थ विज्ञान के विभिन्न पहलुओं पर विचार विमर्श होगा। कुलसचिव डॉ जीऊत सिंह ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत किया।