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कई कॉलेजों में फिर फंसेगा बीएड सीटों का पेंच

Sat, 27 Feb 2016 01:10 AM IST
गोरखप़ुर। अमर उजाला ब्यूरो
गोरखप़ुर। अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 27 Feb 2016 01:10 AM IST
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गोरखपुर। पिछले सत्र के तर्ज पर इस सत्र में भी कई कॉलेजों में बीएड सीटों के फंसने की पृष्ठभूमि तैयार हो रही है। गोरखपुर यूनिवर्सिटी से सम्बद्ध 57 बीएड कॉलेजों में अभी तक केवल 27 कॉलेजों ने अपने अनुमोदित शिक्षकों का ब्यौरा दिया है। यूनिवर्सिटी की ओर से दी जा रही चेतावनी के बाद भी तीस कॉलेजों ने अनुमोदित शिक्षकों की स्थिति नहीं बताई। यूनिवर्सिटी ने ऐसे सभी कॉलेजों को अंतिम चेतावनी की चिट्ठी भेज दी है।
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यूनिवर्सिटी से संबद्ध 57 बीएड कॉलेज हैं। एनसीटीई के नए नियमों के अनुसार ही इन कॉलेजों में शिक्षकों की संख्या मानक के अनुरूप होनी चाहिए, तभी इनको बीएड सीटें आवंटित की जा सकती हैं। नए नियम के मुताबिक 50 विद्यार्थियों पर आठ फेकेल्टी मेंबर (7 शिक्षक और एक अध्यक्ष)होने चाहिए और अब जबकि कोर्स दो वर्ष का हो गया है तो फेकेल्टी की संख्या 16 (15 शिक्षक और एक अध्यक्ष) होनी चाहिए।
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बता दें कि पिछले सत्र में वर्तमान सत्र में गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एनसीटीई के नियमों का हवाला देते हुए वित्तपोषित कॉलेजों की बीएड सीटों को शून्य कर दिया था। स्ववित्तपोषित कॉलेजों को मान्य सीटों की संख्या की आधी संख्या पर प्रवेश लेने की इजाजत दी थी। कई स्व-वित्त पोषित कॉलेज भी प्रवेश लेने से वंचित कर दिये गये थे।
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तो फिर नहीं होंगे एडेड कॉलेजों मे प्रवेश
गोरखपुर। वित्तपोषित कॉलेजों में शासन शिक्षक पद सृजित करता है। चूंकि हर कॉलेज में पद सृजित है इसलिए वह इसके अतिरिक्त शिक्षक नहीं रख सकता। और इस बीच नये पदसृजन को लेकर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई, ऐसे में इस बार भी इन कॉलेजों प्रवेश न होने का अंदेशा बढ़ गया है।
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