फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Mafia Atiq Ahmed decorated court in barrack number seven of district jail Deoria

देवरिया जेल के बैरक नंबर सात में सजता था अतीक का ‘दरबार’, रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

Tue, 14 May 2019 11:06 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवरिया Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 14 May 2019 11:06 AM IST
विज्ञापन
Mafia Atiq Ahmed decorated court in barrack number seven of district jail Deoria
अतीक अहमद (फाइल फोटो)
देवरिया जिला जेल के बैरक नंबर सात में माफिया अतीक अहमद का दरबार सजता था। जेल मैनुअल के विपरीत रोजाना आठ-दस अनधिकृत लोग बैरक में मौजूद रहते थे। मोहित की पिटाई के दिन भी बैरक में 13 बाहरी लोग मौजूद रहे। 
विज्ञापन


उनके जाने के बाद जेल प्रशासन के अफसरों ने सीसीटीवी फुटेज में छेड़छाड़ कर इसे मिटाने की भी कोशिश की। बैरक जेल कांड की प्रशासन स्तर से हुई जांच में खुलासा हुआ है।
विज्ञापन


लखनऊ के रीयल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल का अपहरण कर 26 दिसंबर को जिला जेल में पिटाई की गई थी। पिटाई से उनके हाथ की अंगुली टूट गई थी। 

जानकारी होने पर 31 दिसंबर को डीएम अमित किशोर ने एडीएम प्रशासन राकेश पटेल व एएसपी शिष्यपाल सिंह के नेतृत्व में छह सदस्यों टीम गठित की थी। जांच में यह बात सामने आई है कि रीयल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को लग्जरी वाहन से देवरिया जेल लाया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

यहां माफिया अतीक अहमद और उसके गुर्गों ने जेल के अंदर उसकी पिटाई की। मुलाकाती रजिस्टर में उनका नाम अतीक से मिलने वालों की सूची में है। अधिकारियों को जेल के सिपाही अनुपम ने बताया है कि अतीक से मिलने अक्सर चार-पांच लोग आते थे। 

इसके लिए जेल अधीक्षक मौखिक आदेश देते थे। जांच में यह भी बात सामने आई है कि शाम 4.13 से 4.21 बजे तक 13 लोग अंदर-बाहर आते-जाते दिख रहे हैं। मजिस्ट्रेटियल जांच में इसके लिए जेल अधीक्षक, अन्य अधिकारी और कर्मचारियों को दोषी बताया गया है।

सगों को बचाने में लगे जेल प्रशासन के जिम्मेदार
जिला जेल कांड में अब तक जेल प्रशासन के जिम्मेदार लोगों ने अपने सगों को बचाया है। पहले हेड वार्डन मुन्ना पांडेय, वार्डन राकेश शर्मा और एक अन्य को निलंबित किया गया था।

मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और सीबीआई जांच के आदेश हुए तो जेलर मुकेश कटियार और इसके बाद जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय को निलंबित कर दिया गया। उस दिन बैरक में तैनात हरिनाथ यादव, जटाशंकर तिवारी, अनुपम और देवेंद्र पाठक ड्यूटी पर तैनात रहे है। 

जेल सूत्रों की मानें तो डीआईजी जेल का एक सगा इसमें फंस रहा था। उन्होंने अपनी जांच में इन लोगों को बचाने का पूरा प्रयास किया और अब तक सफल रहे। 

इस बाबत जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि जेल अधिकारियों और डीएम ने जांच कराई है। प्रथम दृष्टया जो दोषी मिले, उन पर कार्रवाई की गई। इसके बाद भी जो दोषी पाए जाएंगे, उन पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed