फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   land mafia killed worker

मजदूर की हत्या कर शव को खिड़की से लटकाया, तीन हिरासत में

Wed, 06 Nov 2019 10:15 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 06 Nov 2019 10:15 PM IST
विज्ञापन
land mafia killed worker
पीपीगंज में हत्या के मृतक जवाहर की फाइल फोटो
मजदूर की हत्या कर शव को खिड़की से लटकाया, तीन हिरासत में
विज्ञापन

पीपीगंज (गोरखपुर)। पीपीगंज कस्बे के वार्ड नंबर तीन बापू नगर में अपने हिस्से की जमीन नहीं बेचने पर भूमाफियाओं ने मंगलवार रात करीब नौ बजे घर में घुसकर मजदूर जवाहर यादव (46) की गला दबाकर हत्या कर दी। आत्महत्या दर्शाने के लिए शव को खिड़की से साड़ी के सहारे लटका दिया। मजदूर की पत्नी की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने रिपोर्ट के आने का भी इंतजार नहीं किया और हत्या के केस से आरोपियों को बचाने के लिए बुधवार सुबह ही सभासद, पूर्व सभासद समेत चार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर दिया। जबकि शाम को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और चेहरे पर चोट तथा दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है।
जवाहर यादव ने पांच वर्ष पूर्व कस्बे में स्थित कीमती जमीन 19 लाख में बेचकर महराजगंज जिले के फरेंदा में दस बीघा भूमि खरीदी। इस बैनामा में गवाही करने के नाम पर वार्ड नंबर 3 के सभासद अताउल्लाह और उनके प्रतिनिधि रामानंद मद्धेशिया ने अपना नाम डलवा लिया। इस पर किसी ने मुकदमा कर दिया। तीन माह पहले कोर्ट से उनके पक्ष में आर्डर आया। आरोप है कि उनके पक्ष में आर्डर आने के बाद सभासद अताउल्लाह, सभासद प्रतिनिधि रामानंद मद्धेशिया (वार्ड सात के पूर्व सभासद) 22 अक्टूबर को उनके बच्चों को मारने की धमकी दी और जवाहर यादव, उनकी पत्नी ज्ञानमती को जबरदस्ती फरेंदा ले जाकर उनके हिस्से की भूमि का एग्रीमेंट करा लिया। एग्रीमेंट में 13.25 लाख रुपये देने की बात कहीं गई, लेकिन आरोप है कि एक भी रुपया नहीं दिया गया। इस बीच आरोपी भूमि की रजिस्ट्री करने का दबाव बनाने लगे। जवाहर ने एग्रीमेंट की रकम मिलने के बाद ही भूमि रजिस्ट्री करने की बात कहीं।
विज्ञापन

जवाहर की पत्नी ज्ञानमती ने पुलिस को बताया कि मंगलवार की रात आठ बजे सभासद अताउल्लाह, सभासद प्रतिनिधि व पूर्व सभासद रामानंद मद्धेशिया, ब्रोकर इश्तियाक, गवाह मोहम्मद रजा उर्फ फैंसी उनके घर पहुंचे और पति को कमरे की खिड़की में बांध कर मारने-पीटने लगे। देर रात पत्नी जवाहर के कमरे की तरफ गई तो उनका शव खिड़की में फंदे के सहारे लटका हुआ था। शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे। उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर देर शाम पोस्टमार्टम से शव मिलने के बाद दाह संस्कार राप्ती के सिसई घाट पर पुलिस की मौजूदगी में किया गया। बड़े बेटे सूरज ने मुखाग्नि दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

.....
हत्या की तहरीर को दरोगा ने खुदकुशी में बदलवाया
मृतक जवाहर यादव की पत्नी ज्ञानमती ने पुलिस को पहले ही भूमि बैनामा नहीं करने पर सभासद और अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी। लेकिन आरोप है कि थाने पर मौजूद एक दरोगा ने दबाव बनाकर तहरीर बदलवा दी। बाद में भूमि रजिस्ट्री करने के दबाव में फंदे से लटकर खुदकुशी करने की तहरीर पर पुलिस ने वार्ड नंबर तीन के सभासद अताउल्लाह, इश्तियाक, मोहम्मद रजा उर्फ फैंसी और सभासद प्रतिनिधि वार्ड नंबर सात के पूर्व सभासद रामानंद मद्धेशिया के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने व मारपीट का केस दर्ज कर सभासद समेत तीन को हिरासत में ले लिया। सीओ कैंपियरगंज दिनेश सिंह भी बुधवार देर शाम थाने पहुंचे और आरोपियों से पूछताछ की।
...
पुलिस ने भी बनाया था जवाहर पर दबाव
आरोप है कि सभासद से मिलकर थाने के एक दरोगा जवाहर को बीते 13 अक्तूबर को थाने लाए थे। चर्चा है कि दरोगा ने थाने में उन्हें पीटा भी। बाद में दबाव बनाकर जमीन बेचने पर राजी कर सुलह कराया। आरोप है कि उसी दरोगा ने बुधवार को भी तहरीर बदलवाई है।
...
दो बेटे और पत्नी के साथ पीपीगंज में रहते थे जवाहर
जवाहर पीपीगंज में पत्नी ज्ञानमति बेटे सूरज (17) और धीरज (14) के साथ रहते थे। सूरज 10 वीं तो धीरज सातवीं का छात्र है । जवाहर लोगों के घरों में मजदूरी करते थे और उसी से परिवार का खर्च चलाता था।
सुलहनामे में यह लिखा है
थाने में हुए दस रूपये के रजिस्टर्ड सुलहनामें में लिखा है कि मैं प्रथम पक्ष जवाहिर पुत्र जगापन निवासी वार्ड तीन व द्वितीय पक्ष अताउल्लाह निवासी वार्ड नंबर तीन, दोनों पक्ष अपनी सहमति से इकरारनामा तकरीर करते हैं। यह कि हम प्रथम पक्ष मिश्रौलिया फरेंदा के बावत जो मेरी पत्नी ज्ञानमति के नाम से गाटा संख्या 810, 830, 1906 कुल 95 डिस्मिल है। द्वितीय पक्ष को 13.25 लाख रुपये में दिया था। जिसमें चेक और कैश के रुप में आठ लाख रुपये प्राप्त कर लिया है। शेष रकम एक लाख रुपये कार्य संपन्न होने पर द्वितीय पक्ष दे देगा। दोनों पक्षों के हस्ताक्षर हैं और 13 अक्तूबर का दिनांक है। आरोप है कि पुलिस ने दबाव बना कर यह इकरार नामा थाने में लिखवाया था। पत्नी का आरोप है कि उसके पति को एक भी रुपया नहीं मिला था।

वर्जन
दम घुटने से मौत की पुष्टि पोस्टमार्टम में हुई है। तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पर लगे आरोपों की भी जांच कराई जाएगी।- दिनेश कुमार सिंह, सीओ कैंपियरगंज
ये सवाल अनसुलझे
आत्महत्या के लिए खिड़की से लटकना
साड़ी के फंदे की गांठ दीवार के पीछे थी यानी कमरे के बाहर
मृतक फंदा लगाकर कैसे बाहर से गांठ लगाएगा
फंदा लगाकर लटक कर जान देने पर गले की हड्ड्ी टूट जाती है, गला लंबा हो जाता है और वी के निशान होते हैं
फंदा लगाकर आत्महत्या करने पर पोस्टमार्टम में दम घुटना क्यों आया
जानकारों के अनुसार दम घुटना अमूमन गला दबाए जाने पर आता है
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed