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इंसेफेलाइटिस से दिव्यांगों को समर्थ बनाने में संवेदना जरूरी : कमिश्नर

Tue, 03 Dec 2019 02:21 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 03 Dec 2019 02:21 AM IST
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insefelitise camp in brd medical college
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मस्तिष्क ज्वर से दिव्यांग हुए बच्चों के लिए आयोजित निशुल्क चिकित्सा एवं
इंसेफेलाइटिस से दिव्यांगों को समर्थ बनाने में संवेदना जरूरी : कमिश्नर
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सोमवार को ‘पहल’ संस्था की ओर से इंसेफेलाइटिस से विकंलाग बच्चों के लिए दो दिवसीय निशुल्क चिकित्सा एवं पुनर्वास शिविर का शुभारंभ कमिश्नर जयंत नर्लिकर ने किया। शिविर में 211 दिव्यांग बच्चे आए, जिसमें गोरखपुर के 110 और देवरिया के 101 बच्चे थे। सभी का डॉक्टरों ने जांच करने के बाद इलाज का परामर्श दिया। जांच में 66.6 प्रतिशत मानसिक, 33.4 प्रतिशत शारीरिक दिव्यांग पाए गए। दिव्यांगों का हौसला बढ़ाने के लिए 15 वर्ष की दिव्यांग खुशी को मुख्य अतिथि बनाया गया था, जिसने दिव्यांग बच्चों को उपकरण और कंबल दिए।
कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने कहा कि दिव्यांगों को समर्थ बनाने में सभी को मिलकर कार्य करना होगा। ऐसे कार्य में संवेदना और कुछ करने की इच्छाशक्ति की बहुत जरूरत होती है। दिव्यांग को कौशल विकास से जोड़ने के लिए कार्ययोजना तैयार किया जाए। उनका आर्थिक स्वावलंबन होगा तभी सही मायने में सशक्तीकरण होगा। कमिश्नर ने आईएएस ईरा सिंघल का उदाहरण देकर उनसे प्रेरणा लेने की सीख दी। कहा कि प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सभी को दिव्यांगों के लिए विशेष रूप से कार्य करना होगा। साथ ही उन्होंने सीआरसी द्वारा कार्यशाला कराने का निर्देश भी दिया।
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कमिश्नर ने कहा कि सिर्फ शिविर पर निर्भर नही रहें, बल्कि बच्चों को चिन्हित कर उनके पुनर्वास के लिए कार्य करना चाहिए। डीएम के विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि हजारों बच्चे जेई, एईएस से विकलांग होते थे। दो वर्षों से जेई और एईएस पर नियंत्रण किया गया है। प्रयास है कि अगले वर्ष इस बीमारी का खात्मा कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता को छिपाए नहीं, बल्कि जानकारी होते ही उसका इलाज कराएं।
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बीआरसी पर भी मिलेंगी दवाएं
दिव्यांग बच्चों को बीआरसी पर भी दवाएं निशुल्क दी जाएंगी। सभी को स्वास्थ्य निदेशक के निर्देश वाली एक बुकलेट भी दिया गया। इसमें लिखा था-जो भी दवाएं पर्चे पर लिखी गई हैं, उसे निशुल्क दें।
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