{"_id":"5d2b972d8ebc3e6d16352133","slug":"hawala-karobar-in-gorakhpur-gorakhpur-city-news-gkp313874035","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोलकाता तक फैला हवाला कारोबार का नेटवर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोलकाता तक फैला हवाला कारोबार का नेटवर्क
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फॉलोअप
कोलकाता तक फैला हवाला कारोबार का नेटवर्क
- बैंकाक से रोजाना गोरखपुर आता है एक किलोग्राम सोना
- डीआरआई की कार्रवाई से सहमे कमीशन देकर सोना तस्करी करवाने वाले कुछ व्यापारी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सोना तस्करी और हवाला कारोबार का नेटवर्क कोलकाता तक फैला है। हवाला कारोबार के जरिए बैंकाक से जो सोना आता था, उसकी 70 फीसदी खपत गोरखपुर में होती थी। 30 फीसदी खपत कोलकाता में की जाती थी। डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) के अफसरों की मानें तो बैंकाक से रोजाना एक किलोग्राम सोना आता था। दिल्ली, लखनऊ, कोलकाता और मुंबई एयरपोर्ट से बाहर ले जाया जाता था। इस काम में कुछ व्यापारी मददगार हैं।
हवाला कारोबार और सोना तस्करी में गोरखपुर के आठ लोगों की गिरफ्तारी के बाद डीआरआई ने जांच तेज कर दी है। अब तक की छानबीन से पता चला है कि बैंकाक से सोना तस्करी और हवाला कारोबार के नेटवर्क में गोरखपुर के कई बड़े व्यापारी भी शामिल हैं। इन सबके नेटवर्क को खंगाला जा रहा हैं। हवाला का पूरा कारोबार कमीशन पर चलता था। इसके लिए बड़ा गिरोह सक्रिय था। इसका सरगना जयनारायण मद्धेशिया था। वह अपने घर से ही हवाला कारोबार को ऑपरेट कर रहा था। वह व्यापारियों से संपर्क साधता था, फिर कमीशन पर बैंकाक से सोना मंगवाता था। जयनारायन भी इस कारोबार में कूद पड़ा था। डीआरआई लखनऊ के सूत्रों के मुताबिक जयनारायण ने भी चार करोड़ रुपये लगाए हैं। इस काम में जयनारायण का भतीजा ऋषिकेश मददगार था। ऋषिकेश ही कपड़ा कारोबार का झांसा देकर युवाओं की भर्ती गिरोह में कराता था। पकड़े गए ज्यादातर आरोपियों को यह पता नहीं था कि वह तस्करी कर रहे हैं। वह खुद को कपड़ा कारोबार से जुड़ा हुआ मान रहे थे।
गगहा, गजपुर और कौड़ीराम से अब तक 20 की गिरफ्तारी
हवाला कारोबार और सोना तस्करी का सबसे बड़ा नेटवर्क गोरखपुर के गगहा, गजपुर और कौड़ीराम में है। डीआरआई ने इन क्षेत्रों से दो महीने के अंदर ही करीब 20 युवकों को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। डीआरआई लखनऊ के सूत्रों ने बताया कि गिरोह में बड़े पैमाने पर भर्ती हुई है। कपड़ा कारोबार की बात कहकर युवकों को जोड़ा जाता है, फिर उन्हें 20-20 युवकों की चेन बनाने की जिम्मेदारी दी जाती है। गोरखपुर और आसपास के जिलों में बड़ा नेटवर्क है, जिसे खंगाला जा रहा है।
विज्ञापन
बैंकाक में हैं हवाला कारोबारी
हवाला कारोबार का पूरा नेटवर्क बैंकाक में है। आठ से 10 लोग हैं, जो विदेशी मुद्रा के एवज में सोना देते थे। डीआरआई की सख्ती और कार्रवाई से हवाला कारोबारी सहमे हैं। अब माल नहीं आएगा। डीआरआई की कोशिश ज्यादा से ज्यादा जब्त करने की है। अब भी बाजार में बड़े पैमाने पर सोना पड़ा है। विदेशी मुद्रा डंप की गई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की गई है। जल्द ही छापेमारी करके और लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।
विज्ञापन
कोलकाता तक फैला हवाला कारोबार का नेटवर्क
- बैंकाक से रोजाना गोरखपुर आता है एक किलोग्राम सोना
- डीआरआई की कार्रवाई से सहमे कमीशन देकर सोना तस्करी करवाने वाले कुछ व्यापारी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सोना तस्करी और हवाला कारोबार का नेटवर्क कोलकाता तक फैला है। हवाला कारोबार के जरिए बैंकाक से जो सोना आता था, उसकी 70 फीसदी खपत गोरखपुर में होती थी। 30 फीसदी खपत कोलकाता में की जाती थी। डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) के अफसरों की मानें तो बैंकाक से रोजाना एक किलोग्राम सोना आता था। दिल्ली, लखनऊ, कोलकाता और मुंबई एयरपोर्ट से बाहर ले जाया जाता था। इस काम में कुछ व्यापारी मददगार हैं।
हवाला कारोबार और सोना तस्करी में गोरखपुर के आठ लोगों की गिरफ्तारी के बाद डीआरआई ने जांच तेज कर दी है। अब तक की छानबीन से पता चला है कि बैंकाक से सोना तस्करी और हवाला कारोबार के नेटवर्क में गोरखपुर के कई बड़े व्यापारी भी शामिल हैं। इन सबके नेटवर्क को खंगाला जा रहा हैं। हवाला का पूरा कारोबार कमीशन पर चलता था। इसके लिए बड़ा गिरोह सक्रिय था। इसका सरगना जयनारायण मद्धेशिया था। वह अपने घर से ही हवाला कारोबार को ऑपरेट कर रहा था। वह व्यापारियों से संपर्क साधता था, फिर कमीशन पर बैंकाक से सोना मंगवाता था। जयनारायन भी इस कारोबार में कूद पड़ा था। डीआरआई लखनऊ के सूत्रों के मुताबिक जयनारायण ने भी चार करोड़ रुपये लगाए हैं। इस काम में जयनारायण का भतीजा ऋषिकेश मददगार था। ऋषिकेश ही कपड़ा कारोबार का झांसा देकर युवाओं की भर्ती गिरोह में कराता था। पकड़े गए ज्यादातर आरोपियों को यह पता नहीं था कि वह तस्करी कर रहे हैं। वह खुद को कपड़ा कारोबार से जुड़ा हुआ मान रहे थे।
विज्ञापन
गगहा, गजपुर और कौड़ीराम से अब तक 20 की गिरफ्तारी
हवाला कारोबार और सोना तस्करी का सबसे बड़ा नेटवर्क गोरखपुर के गगहा, गजपुर और कौड़ीराम में है। डीआरआई ने इन क्षेत्रों से दो महीने के अंदर ही करीब 20 युवकों को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। डीआरआई लखनऊ के सूत्रों ने बताया कि गिरोह में बड़े पैमाने पर भर्ती हुई है। कपड़ा कारोबार की बात कहकर युवकों को जोड़ा जाता है, फिर उन्हें 20-20 युवकों की चेन बनाने की जिम्मेदारी दी जाती है। गोरखपुर और आसपास के जिलों में बड़ा नेटवर्क है, जिसे खंगाला जा रहा है।
विज्ञापन
बैंकाक में हैं हवाला कारोबारी
हवाला कारोबार का पूरा नेटवर्क बैंकाक में है। आठ से 10 लोग हैं, जो विदेशी मुद्रा के एवज में सोना देते थे। डीआरआई की सख्ती और कार्रवाई से हवाला कारोबारी सहमे हैं। अब माल नहीं आएगा। डीआरआई की कोशिश ज्यादा से ज्यादा जब्त करने की है। अब भी बाजार में बड़े पैमाने पर सोना पड़ा है। विदेशी मुद्रा डंप की गई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की गई है। जल्द ही छापेमारी करके और लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।