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नए साल में गोरखपुर को मिलने जा रहे चिड़ियाघर में दिखेंगे ऐसे-ऐसे सांप, जाएंगे कांप
Mon, 23 Dec 2019 11:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 23 Dec 2019 11:12 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social media
नए साल में गोरखपुर के लिए मिलने जा रहे चिड़ियाघर में सांपों का संसार देखना सुलभ हो सकेगा। देश में पाए जाने वाले विभिन्न प्रजातियों के सांपों के अलावा दक्षिण अफ्रीका समेत कुछ अन्य देशों से भी कुछ सांपों को मंगाने की तैयारी है। दक्षिण अफ्रीका से इसे मंगाने के लिए विभागीय तैयारी शुरू कर दी गई है।
गोरखपुर चिड़ियाघर में 58 से ज्यादा प्रजाति के 387 वन्य जीव-जंतु रखे जाएंगे। इनमें विभिन्न प्रकार के पक्षियों के अलावा बब्बर शेर, बाघ, तेंदुआ, गैंडा, जेब्रा, दरियाई घोड़ा, लकड़बग्घा, भेड़िया, दो प्रजाति के भालू, तीन प्रजाति के बंदर, छह प्रजातियों के हिरण के अलावा घड़ियाल और मगरमच्छ भी रखे जाएंगे।
इसके अलावा तितली पार्क, मछलियों के एक्वेरियम आदि भी रखे जाएंगे। इन सभी में आकर्षण का केंद्र होगा स्नेक हाउस, यानी सांपों का घर। इसमें देश के विभिन्न प्रजातियों के सांपों के अलावा विदेशों से भी सांपों को मंगाने की तैयारी है। इनमें वाइपर, पिट वाइपर, किंग कोबरा, करैत, धामिन, अजगर आदि शामिल हैं।
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देश की विभिन्न प्रजातियों के सांपों के अलावा विदेशों से भी मंगाने की तैयारी हो रही है। इनकी लिस्ट तैयार हो चुकी है। इनमें वाइपर, पिट वाइपर समेत अन्य कई प्रजातियों के सांप शामिल हैं। साउथ अफ्रीका आदि देशों से भी कुछ सांप मंगाए जाएंगे। विभागीय स्तर पर इसकी प्रक्रिया शुरू की गई है। अजगर तो यहां रखा जाएगा। साथ ही जो भी अजगर सांप आसपास के इलाकों में पकड़े जाएंगे, उन्हें भी यहीं रखेंगे।
-संजय कुमार मल्ल, सहायक वन संरक्षक
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गोरखपुर चिड़ियाघर में 58 से ज्यादा प्रजाति के 387 वन्य जीव-जंतु रखे जाएंगे। इनमें विभिन्न प्रकार के पक्षियों के अलावा बब्बर शेर, बाघ, तेंदुआ, गैंडा, जेब्रा, दरियाई घोड़ा, लकड़बग्घा, भेड़िया, दो प्रजाति के भालू, तीन प्रजाति के बंदर, छह प्रजातियों के हिरण के अलावा घड़ियाल और मगरमच्छ भी रखे जाएंगे।
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इसके अलावा तितली पार्क, मछलियों के एक्वेरियम आदि भी रखे जाएंगे। इन सभी में आकर्षण का केंद्र होगा स्नेक हाउस, यानी सांपों का घर। इसमें देश के विभिन्न प्रजातियों के सांपों के अलावा विदेशों से भी सांपों को मंगाने की तैयारी है। इनमें वाइपर, पिट वाइपर, किंग कोबरा, करैत, धामिन, अजगर आदि शामिल हैं।
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देश की विभिन्न प्रजातियों के सांपों के अलावा विदेशों से भी मंगाने की तैयारी हो रही है। इनकी लिस्ट तैयार हो चुकी है। इनमें वाइपर, पिट वाइपर समेत अन्य कई प्रजातियों के सांप शामिल हैं। साउथ अफ्रीका आदि देशों से भी कुछ सांप मंगाए जाएंगे। विभागीय स्तर पर इसकी प्रक्रिया शुरू की गई है। अजगर तो यहां रखा जाएगा। साथ ही जो भी अजगर सांप आसपास के इलाकों में पकड़े जाएंगे, उन्हें भी यहीं रखेंगे।
-संजय कुमार मल्ल, सहायक वन संरक्षक
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अफ्रीकी देश का जहरीला सांप है ब्लैक मांबा
ब्लैक मांबा का घर, सांपों की टोकरी कहा जाने वाला अफ्र ीका महादेश है। 20 किलोमीटर प्रतिघंटे की तेज रफ्तार से सरकने की क्षमता वाला यह बेहद गुस्सैल सांप शिकार को लगातार कई बार डंसता है।
यह अपने एक डंक में इतना जहर शरीर में डाल देता है जिससे 10.25 वयस्कों की जान जा सकती है। इसके डसने पर आदमी 15 मिनट से लेकर तीन घंटे के अंदर मर जाता है।
देश में सिर्फ चार प्रजातियों के सांप ही होते हैं जहरीले
भारत में करीब 270 प्रजाति के सांप पाए जाते हैं, लेकिन इनमें से चार प्रजाति के सांप ही जहरीले होते हैं। इनमें कोबरा (नाग), करैत, रसेल, वाइपर और सॉव स्केल्ड वाइपर। ये चार प्रजाति के सांप ही डंसने के अधिकतर मामलों के प्रति जिम्मेदार होते हैं।
इनके अलावा किंग कोबरा, हंप नोज्ड पिट वाइपर और बैंडेड करैत भी जहरीले सांप हैं। परंतु ये काफ ी कम संख्या में हैं और इनके कारण बहुत कम लोग मारे जाते हैं। भारत के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रतिवर्ष दो हजार लोग सांप के जहर से मारे जाते हैं। इसके साथ ही वर्ष भर में 2.5 लाख से ज्यादा लोगों के सांप काटने की बात सामने आती है।
यह अपने एक डंक में इतना जहर शरीर में डाल देता है जिससे 10.25 वयस्कों की जान जा सकती है। इसके डसने पर आदमी 15 मिनट से लेकर तीन घंटे के अंदर मर जाता है।
देश में सिर्फ चार प्रजातियों के सांप ही होते हैं जहरीले
भारत में करीब 270 प्रजाति के सांप पाए जाते हैं, लेकिन इनमें से चार प्रजाति के सांप ही जहरीले होते हैं। इनमें कोबरा (नाग), करैत, रसेल, वाइपर और सॉव स्केल्ड वाइपर। ये चार प्रजाति के सांप ही डंसने के अधिकतर मामलों के प्रति जिम्मेदार होते हैं।
इनके अलावा किंग कोबरा, हंप नोज्ड पिट वाइपर और बैंडेड करैत भी जहरीले सांप हैं। परंतु ये काफ ी कम संख्या में हैं और इनके कारण बहुत कम लोग मारे जाते हैं। भारत के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रतिवर्ष दो हजार लोग सांप के जहर से मारे जाते हैं। इसके साथ ही वर्ष भर में 2.5 लाख से ज्यादा लोगों के सांप काटने की बात सामने आती है।