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अब जीडीए से नक्शा पास कराना होगा महंगा
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गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) से अब मानचित्र स्वीकृत कराना और महंगा होगा। अंबार और निरीक्षण शुल्क बढ़ने की वजह से लोगों की जेब पर भार बढ़ेगा। अंबार शुल्क बढ़ने से नगर निगम का खजाना भी बढ़ेगा जबकि निरीक्षण शुल्क मंहगा होने से जीडीए की आमदनी में इजाफा होगा। शासन के निर्देश के बाद दोनों मदों में बढ़े चार्ज के मुताबिक प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसी महीने के पहले पखवारे में प्रस्तावित प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में स्वीकृति मिलते ही बढ़े शुल्क के मुताबिक मानचित्र स्वीकृति की फीस जमा कराई जाएगी।
वर्तमान में मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए 700 रुपये प्रति वर्ग मीटर विकास शुल्क के अलावा अंबार शुल्क और निरीक्षण शुल्क भी लिया जाता है। इसके अलावा वाह्य विकास शुल्क 16 रुपये प्रति वर्ग मीटर और सेस भी लगता है। प्राधिकरण के सूत्रों के मुताबिक आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने अब अंबार शुल्क 13.50 रुपये की जगह 40 रुपये प्रति वर्ग मीटर जबकि निरीक्षण शुल्क प्रति वर्ग मीटर पांच रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये कर दिया है।
कोट
अंबार शुल्क और निरीक्षण शुल्क में बढ़ोत्तरी हुई है। जीडीए बोर्ड बैठक में स्वीकृति मिलते ही नए शुल्क के मुताबिक मानचित्र स्वीकृति की फीस जमा करनी होगी। - राम सिंह गौतम, सचिव, जीडीए
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वर्तमान में मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए 700 रुपये प्रति वर्ग मीटर विकास शुल्क के अलावा अंबार शुल्क और निरीक्षण शुल्क भी लिया जाता है। इसके अलावा वाह्य विकास शुल्क 16 रुपये प्रति वर्ग मीटर और सेस भी लगता है। प्राधिकरण के सूत्रों के मुताबिक आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने अब अंबार शुल्क 13.50 रुपये की जगह 40 रुपये प्रति वर्ग मीटर जबकि निरीक्षण शुल्क प्रति वर्ग मीटर पांच रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये कर दिया है।
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अंबार शुल्क और निरीक्षण शुल्क में बढ़ोत्तरी हुई है। जीडीए बोर्ड बैठक में स्वीकृति मिलते ही नए शुल्क के मुताबिक मानचित्र स्वीकृति की फीस जमा करनी होगी। - राम सिंह गौतम, सचिव, जीडीए
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