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बैंक से लोन दिलाने के नाम पर की जालसाजी, चार गिरफ्तार

Mon, 02 Dec 2019 01:09 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 02 Dec 2019 01:09 AM IST
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four arrest in loan fraud
गोरखनाथ पुलिस द्वारा पकड़े गए जालसाज
बैंक से कर्ज दिलाने के नाम पर जालसाजी, चार गिरफ्तार
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गोरखपुर। क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम और गोरखनाथ पुलिस ने बैंक से कर्ज दिलाने का झांसा देकर प्रोसेसिंग फीस के चेक पर अंकित रकम को मिटाकर मनचाही रकम भर कर निकालने वाले गिरोह के चार सदस्यों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर चारों को रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ा। जालसाजों में एक महिला भी है। गैंग का सरगना फरार हो गया है।
सीओ गोरखनाथ प्रवीण सिंह ने बताया कि सितंबर में गोरखपुर के व्यापारियों के साथ लोन दिलाने के नाम पर जालसाजों ने फर्जीवाड़ा कर तीन से चार लाख रुपये निकाल लिए थे। गोरखनाथ के सुमेर सागर पर दुकान चलाने वाले व्यापारी मुख्तार अहमद, मोहम्मद नदीम की तहरीर पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही थी।
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रविवार को मुखबिर से सूचना मिली की जालसाजी के आरोपी रेलवे स्टेशन के पास हैं। यहां पहुंचकर पुलिस ने एक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उनकी पहचान पश्चिम बंगाल के तोपेशिया रोड निवासी असगर अली, कोलकाता के इब्राहिम रोड निवासी विलाल अहमद, पेमेंटली स्ट्रीट निवासी अब्दुल नसर और टोला निवासी संगीता घोष के रूप में हुई। इनके पास से बड़ी संख्या में नकली आधार कार्ड सहित एक प्राइवेट बैंक के फार्म सहित अन्य कागजात बरामद हुए। सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। सीओ ने बताया कि गैंग का सरगना मौका देखकर फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रही है।
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ऐसे करते थे जालसाजी
गैंग के सदस्य अलग-अलग जिलों में जाकर दो से तीन दिन होटल में रूकते थे। इसके बाद वे कुछ व्यापारियों का नंबर जुटा कर उन्हें फोन कर लोन दिलाने की बात करते थे। इच्छुक व्यापारियों के पास पहले महिला जाती थी। वो अलग-अलग व्यापारियों से अपना नाम बदलकर बताती थी, उसका आधार कार्ड भी वो रखती थी। इसके बाद महिला प्राइवेट बैंक का फार्म भरवाती थी। प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 150 से 200 रुपये का बीयरर और एकाउंटपेई चेक लेती थी। बाद में गैंग के सदस्य इरेजर पेन से व्यापारी द्वारा भरी गई रकम को मिटाकर अपनी रकम भर देते और उनके बैंक जाकर रुपये निकाल लेते थे।
गोरखपुर में इन व्यापारियों के साथ हुई जालसाजी
जिले के गोरखनाथ के सुमेर सागर निवासी मुख्तार अहमद, राजघाट के रहमत नगर निवासी मोहम्मद नदीम और कैंट इलाके के एक ऑटोमोबाइल व्यापारी के साथ 5 अक्तूबर को जालसाजी की थी। मुख्तार और मोहम्मद नदीम की सुमेर सागर पर डायमंड स्टील के नाम से फर्म है। इनकी सुमेर सागर पर हिंदुस्तान ऑटो बाजार के नाम से दुकान है। दोनों व्यापारियों के नंबर पर 25 सितंबर को प्राइवेट बैंक के नाम से फोन आया था और 5 अक्तूबर को प्रिया नाम की लड़की और प्रकाश यादव नाम के लड़के के साथ तीन लोग आए थे। प्रोसेसिंग फीस के नाम पर एचडीएफसी बैंक नथमलपुर का 185-185 रुपये का चेक लिया। बाद में प्रकाश यादव ने चेक से 98500 रुपये निकाल लिया।
सीसीटीवी फुटेज और एकाउंट से पकड़े गए जालसाज
सुमेर सागर स्थित दुकान पर लगे सीसीटीवी फुटेज में लड़की और युवक की तस्वीर कैद हो गई थी। जो कि पुलिस के लिए मददगार साबित हुई। वहीं रकम जिस एकाउंट में डालकर निकाली गई थी। उसके आधार पर भी पुलिस जालसाजों के करीब पहुंची।
पूर्वांचल के कई जिलों और कई प्रदेशों में है नेटवर्क
सीओ ने बताया कि गिरोह के सदस्य पूर्वांचल के देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती सहित कई जिलों में जालसाजी की घटनाओं को अंजाम दिया है। साथ ही यूपी के साथ बिहार, असम आदि जगहों पर भी जालसाजी की वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस सभी जगहों से जांच कर रही है। जालसाज अधिकांश रूप से प्राइवेट बैंकों से लोन दिलाने की बात कहते थे।

स्थानीय सपोर्ट देता था अमित कुमार शाह
गैंग के सदस्यों को गोरखपुर में अमित कुमार शाह नाम का युवक स्थानीय मदद मुहैया कराता था। वह अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। वहीं पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी अब्दुल नसर अभी हाल ही में गैंग में शामिल हुआ था।
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