{"_id":"5db9edf58ebc3e93be635dfd","slug":"farmer-comlained-krishi-mantri-shahi-gorakhpur-city-news-gkp327381976","type":"story","status":"publish","title_hn":"साहब! 10 परसेंट कमीशन पर ही बनता है किसान क्रेडिट कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साहब! 10 परसेंट कमीशन पर ही बनता है किसान क्रेडिट कार्ड
Thu, 31 Oct 2019 01:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 31 Oct 2019 01:39 AM IST
विज्ञापन
डेमो
- फोटो : डेमो
एनेक्सी भवन में बुधवार को आयोजित रबी उत्पादकता गोष्ठी में किसानों ने बैंकों समेत कई सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही और मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी की मौजूदगी में जैसे ही पूर्वांचल बैंक के चेयरमैन एके सिन्हा ने संबोधन शुरू किया, एक-एक कर दो किसानों ने उनकी बात बीच में ही काट दी।
विज्ञापन
कहा- साहब! योजनाओं का लाभ पाने में चप्पलें घिस जा रहीं हैं। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के लिए 10 परसेंट कमीशन मांगा जा रहा है। अगर किसान के पास रुपये होते तो वह केसीसी क्यों बनवाता? इसके बाद अफसर सकते में आ गए और एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। कुछ क्षणों तक सभागार में सन्नाटा पसरा रहा। स्थिति को संभालते हुए बैंक के चेयरमैन ने कहा कि ऐसी कोई समस्या हो तो शिकायत करें, संबंधित पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
रबी उत्पादकता गोष्ठी में हर जिले से किसानों को भी बुलाया गया था। ज्यादातर सरकारी योजनाएं बैंकों के सहयोग से ही क्रियान्वित होती हैं, इसलिए पूर्वांचल बैंक के चेयरमैन एके सिन्हा को भी आमंत्रित किया गया था।
विज्ञापन
कृषि मंत्री के कहने पर चेयरमैन ने उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि वर्तमान में पूर्वांचल बैंक की 548 शाखाएं कार्य कर रहीं हैं। 1.22 करोड़ खाताधारक हैं। जो भी किसान चाहे, उनके बैंक से आसानी से केसीसी प्राप्त कर सकता है। जैसे ही उन्होंने केसीसी को लेकर यह दावा किया।
कुशीनगर के किसान महेंद्र मणि त्रिपाठी खड़े हो गए। उन्होंने तेज आवाज में कहा - आपके वहां से बिना कमीशन के केसीसी नहीं बनता। कमीशन के तौर पर केसीसी के क्रेेडिट की 10 परसेंट रकम मांगी जाती है। किसान के पास रुपया होता तो वह भला केसीसी क्यों बनवाता।
उनकी बात अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि एक और किसान खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा कस्टमर हायरिंग सेंटर के लिए सरकार की तरफ से जो सब्सिडी दी जा रही है, उसको पाने में किसानों की चप्पलें घिस जा रहीं हैं। वे खुद और उनके जानने वाले चार अन्य किसान इसके उदाहरण हैं।