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साथी मिले, सम्मान मिला, परेशानियां हुईं दूर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 18 Apr 2016 12:18 AM IST
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भूतपूर्व सैनिक एवं वीरनारी कल्याण और चिकित्सा शिविर में नाटक की प्रस्तुति करते विद्यार्थी।
- फोटो : shivharsh
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गोरखा रिकार्ड ऑफिस जीआरडी के तत्वावधान में रविवार को आर्मी पब्लिक स्कूल के मैदान में आयोजित भूतपूर्व सैनिक एवं वीर नारी कल्याण शिविर में गोरखपुर-बस्ती मंडल के सैकड़ों पूर्व सैनिक और वीर नारियां जुटीं। इनमें तमाम ऐसे पूर्व सैनिक भी थे जो ड्यूटी के दौरान एक साथ तैनात थे। लंबे समय बाद ये पूर्व सैनिक जब एक ही जगह पर जुटे तो पुरानी यादें ताजा हो गईं।
सभी ने एक-दूसरे का हाल जाना और अपने सुख-दुख को साझा किया। कार्यक्रम के दौरान दो सौ पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को आर्थिक मदद देने के साथ ही उन्हें सम्मानित भी किया गया। सेना के साथ ही प्रशासनिक अफसरों ने उनकी समस्याएं सुनीं और कई का मौके पर ही निस्तारण भी कराया। जो समस्याएं नहीं सुलझ सकीं, उन्हें जल्द निस्तारित कराने का आश्वासन दिया।
इस मौके पर स्वास्थ्य की जांच के लिए हेल्थ कैंप का भी आयोजन हुआ जिसका तमाम पूर्व सैनिकों और वीर नारियों ने लाभ उठाया। सेना के अफसरों ने उन्हें सरकार की तरफ से दी जाने वाली सुविधाओं और लाभकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में लेफ्टिनेंट जनरल मध्य कमान आरपी शाही ने कहा कि सेना में भर्ती होने को लेकर युवाओं में चाहत तो है मगर जुनून नहीं। जब तक जुनून नहीं होगा वह अपने को सेना के लिए तैयार नहीं कर सकेंगे। जरूरी है कि वे सेना की मांग के मुताबिक अपने को ठीक से तैयार करें।
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इसके पूर्व कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के लिए कई योजनाएं हैं मगर जानकारी न होने से वे उसका लाभ नहीं उठा पाते। ऐसे में उन्हें जागरूक होना होगा। उन्होंने कहा कि सैनिक शब्द अनुशासन, शिष्टाचार व श्रेष्ठ नागरिक होने का बोध कराता है। सेना और सैनिक पर लोगों को भरोसा है और आने वाले दिनों में यह और बढ़ेगा।
पूर्व सैनिक कल्याण निगम के अध्यक्ष व रिटायर्ड ब्रिगेडियर आरडी सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिकों, वीर नारियों व उनके आश्रितों के लिए सेना व शासन की तरफ से दी जाने वाली सुविधाओं में काफ ी बढ़ोतरी हुई है। द्वितीय विश्वयुद्ध के सैनिकों की पेंशन जहां बढ़ी है वहीं सेना मेडल प्राप्त सैनिकों, शहीदों के सम्मान राशि में भारी वृद्धि की है।
डीएम ओएन सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिकों की समस्याएं दूर की जाएंगी। जहां तक शस्त्रों के लाइसेंस के नवीनीकरण व राशन की दुकानों का मामला है उसमें नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन सूबेदार एसके सिंह ने किया।
इस दौरान पूर्व सैनिक सेवा परिषद गोरखपुर के संरक्षक रिटायर्ड मेजर जनरल एसके जायसवाल, वीएसएमए ब्रिगेडियर अमूल्य मोहन, मेजर जनरल एसके सिंह. जीओसी इलाहाबाद सब एरिया जीआरडी कमांडेंट ब्रिगेडियर एसके सगोच, रिटायर्ड ब्रिगेडियर केबीपी सिंह, ब्रिगेडियर गोविंद जी मिश्र, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी मेजर राम मोहन पांडेय सहित सेना के तीनों अंगों के कई पूर्व सैनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
कृषि विभाग और बैंकों ने लगाए स्टॉल
भूतपूर्व सैनिक एवं वीर नारी कल्याण शिविर में विभिन्न सेना इकाइयों के अलावा कृषि, कृषि रक्षा विभाग, एसबीआई, पीएनबी, आईसीआईसीआई, पूर्वांचल आदि बैंक ने अपने स्टॉल लगा रखे थे। वहां से पूर्व सैनिकों और वीर नारियों ने जानकारियां हासिल कीं। स्टॉल में कई ने भवन और वाहन ऋण के लिए अपना पंजीकरण भी कराया। सेना की इकाइयों में गोरखा रिकॉर्ड ऑफि स बंगाल इंजीनियर्स, सिगनल कोर बिहार, राजपूत, डोंगरा रेजीमेंट, डीपीडीओ के अलावा इलाहाबाद जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कार्यालय ने भी कैंप लगाए थे।
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सभी ने एक-दूसरे का हाल जाना और अपने सुख-दुख को साझा किया। कार्यक्रम के दौरान दो सौ पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को आर्थिक मदद देने के साथ ही उन्हें सम्मानित भी किया गया। सेना के साथ ही प्रशासनिक अफसरों ने उनकी समस्याएं सुनीं और कई का मौके पर ही निस्तारण भी कराया। जो समस्याएं नहीं सुलझ सकीं, उन्हें जल्द निस्तारित कराने का आश्वासन दिया।
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इस मौके पर स्वास्थ्य की जांच के लिए हेल्थ कैंप का भी आयोजन हुआ जिसका तमाम पूर्व सैनिकों और वीर नारियों ने लाभ उठाया। सेना के अफसरों ने उन्हें सरकार की तरफ से दी जाने वाली सुविधाओं और लाभकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में लेफ्टिनेंट जनरल मध्य कमान आरपी शाही ने कहा कि सेना में भर्ती होने को लेकर युवाओं में चाहत तो है मगर जुनून नहीं। जब तक जुनून नहीं होगा वह अपने को सेना के लिए तैयार नहीं कर सकेंगे। जरूरी है कि वे सेना की मांग के मुताबिक अपने को ठीक से तैयार करें।
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इसके पूर्व कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के लिए कई योजनाएं हैं मगर जानकारी न होने से वे उसका लाभ नहीं उठा पाते। ऐसे में उन्हें जागरूक होना होगा। उन्होंने कहा कि सैनिक शब्द अनुशासन, शिष्टाचार व श्रेष्ठ नागरिक होने का बोध कराता है। सेना और सैनिक पर लोगों को भरोसा है और आने वाले दिनों में यह और बढ़ेगा।
पूर्व सैनिक कल्याण निगम के अध्यक्ष व रिटायर्ड ब्रिगेडियर आरडी सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिकों, वीर नारियों व उनके आश्रितों के लिए सेना व शासन की तरफ से दी जाने वाली सुविधाओं में काफ ी बढ़ोतरी हुई है। द्वितीय विश्वयुद्ध के सैनिकों की पेंशन जहां बढ़ी है वहीं सेना मेडल प्राप्त सैनिकों, शहीदों के सम्मान राशि में भारी वृद्धि की है।
डीएम ओएन सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिकों की समस्याएं दूर की जाएंगी। जहां तक शस्त्रों के लाइसेंस के नवीनीकरण व राशन की दुकानों का मामला है उसमें नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन सूबेदार एसके सिंह ने किया।
इस दौरान पूर्व सैनिक सेवा परिषद गोरखपुर के संरक्षक रिटायर्ड मेजर जनरल एसके जायसवाल, वीएसएमए ब्रिगेडियर अमूल्य मोहन, मेजर जनरल एसके सिंह. जीओसी इलाहाबाद सब एरिया जीआरडी कमांडेंट ब्रिगेडियर एसके सगोच, रिटायर्ड ब्रिगेडियर केबीपी सिंह, ब्रिगेडियर गोविंद जी मिश्र, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी मेजर राम मोहन पांडेय सहित सेना के तीनों अंगों के कई पूर्व सैनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
कृषि विभाग और बैंकों ने लगाए स्टॉल
भूतपूर्व सैनिक एवं वीर नारी कल्याण शिविर में विभिन्न सेना इकाइयों के अलावा कृषि, कृषि रक्षा विभाग, एसबीआई, पीएनबी, आईसीआईसीआई, पूर्वांचल आदि बैंक ने अपने स्टॉल लगा रखे थे। वहां से पूर्व सैनिकों और वीर नारियों ने जानकारियां हासिल कीं। स्टॉल में कई ने भवन और वाहन ऋण के लिए अपना पंजीकरण भी कराया। सेना की इकाइयों में गोरखा रिकॉर्ड ऑफि स बंगाल इंजीनियर्स, सिगनल कोर बिहार, राजपूत, डोंगरा रेजीमेंट, डीपीडीओ के अलावा इलाहाबाद जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कार्यालय ने भी कैंप लगाए थे।