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अनूठा कॉलेज, 28 गांवों में फैलाया जागरूकता का अलख
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जंगल औराही गांव में साक्षरता शिविर लगाई गई (फाइल फोटो)
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अनूठा कॉलेज, 28 गांवों की सेहत-शिक्षा का उठाया बीड़ा
राजन राय
गोरखपुर। गोरक्षपीठ से संचालित होने वाले महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज, जंगल धूसड़ ने 28 गांवों की सेहत-शिक्षा का बीड़ा उठा रहा है। राज्यपाल की पहल पर शासन ने गांवों को गोद लेने का निर्देश अब जारी किया है, जबकि इस कॉलेज ने यह काम स्थापना के साथ ही शुरू कर दिया था।
इस कॉलेज का शिक्षा के साथ ही सामाजिक सरोकारों से भी गहरा वास्ता है। यहां आज भी गुरुकुल की पुरानी परंपरा कायम है। छोटे-बड़े भेद नहीं किया जाता। परिसर से लेकर शौचालय की सफाई सभी मिलकर करते हैं। अब ऐसे गांवों की संख्या 28 हो चुकी है जहां के लोगों को कॉलेज बाकायदा शिविर लगाकर शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति सचेत करता है। कॉलेज की स्थापना वर्ष 2005 में हुई। तत्कालीन प्रबंधक वर्तमान में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आसपास के गांवों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और साक्षरता मिशन के तहत कॉलेज के शिक्षकों को भेजना शुरू किया। इसके बाद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रदीप राव ने वर्ष भर में चार शिविर तय कर दिए। इसके लिए शिक्षकों की ड्यूटी भी लगा दी गई। समय के साथ गांव की संख्या और जागरूकता का दायरा बढ़ता गया। गांवों के लोग जागरूक हुए तो ऐसी सरकारी योजनाएं जिनके बारे में पहले जानते तक नहीं थे, उसका लाभ लेने लगे। यही नहीं गांव में लोग नियमित योग भी करने लगे हैं।
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कोट
10 किमी. परिक्षेत्र के गांवों के सामुदायिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्राणायाम, योग, स्वच्छता, श्रम की महत्ता के प्रति जन-जागरण की दृष्टि से महाविद्यालय कार्य करता है। प्रत्येक वर्ष चार शिविर तय हैं, इसके अलावा महीने में दो से तीन शिक्षक और विद्यार्थी स्वत: जाते हैं। इसका नतीजा है कि गांव में स्वास्थ्य के प्रति लोगों में जागरूकता आई है। कई गांव ऐसे हैं जहां सभी लोग साक्षर हैं।
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डॉ प्रदीप राव, प्राचार्य
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इन गांवों को लिया है गोद
छोटी रेतवहिया, बड़ी रेतवहिया, हैदरगंज, हनुमंत नगर, जंगल औराही, दहला हरसेवकपुर, शाहपुर, महुआचाफी, जंगल तिनकोनिया नं. एक, छोटी जमुनहिया, बसंतपुर, खुटवा, ककरहिया, मीरगंज, लालगंज, बड़ी जमुनहिया, धोधड़ा, लक्ष्मीपुर, रामपुर, भगवानपुर, हरिपुर, सेखवनिया, केवटहिया, धूसिया, तिनकोनिया, हसनगंज, मंझरिया, हसनगंज।
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शैक्षणिक सत्र में कॉलेज के तय शिविर
1. अगस्त का प्रथम रविवार।
2. विजयादशमी एवं दीपावली अवकाश के मध्य का रविवार।
3. फरवरी माह का प्रथम रविवार।
4. विश्वविद्यालय परीक्षा समाप्त होने के बाद का प्रथम रविवार।
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राजन राय
गोरखपुर। गोरक्षपीठ से संचालित होने वाले महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज, जंगल धूसड़ ने 28 गांवों की सेहत-शिक्षा का बीड़ा उठा रहा है। राज्यपाल की पहल पर शासन ने गांवों को गोद लेने का निर्देश अब जारी किया है, जबकि इस कॉलेज ने यह काम स्थापना के साथ ही शुरू कर दिया था।
इस कॉलेज का शिक्षा के साथ ही सामाजिक सरोकारों से भी गहरा वास्ता है। यहां आज भी गुरुकुल की पुरानी परंपरा कायम है। छोटे-बड़े भेद नहीं किया जाता। परिसर से लेकर शौचालय की सफाई सभी मिलकर करते हैं। अब ऐसे गांवों की संख्या 28 हो चुकी है जहां के लोगों को कॉलेज बाकायदा शिविर लगाकर शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति सचेत करता है। कॉलेज की स्थापना वर्ष 2005 में हुई। तत्कालीन प्रबंधक वर्तमान में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आसपास के गांवों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और साक्षरता मिशन के तहत कॉलेज के शिक्षकों को भेजना शुरू किया। इसके बाद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रदीप राव ने वर्ष भर में चार शिविर तय कर दिए। इसके लिए शिक्षकों की ड्यूटी भी लगा दी गई। समय के साथ गांव की संख्या और जागरूकता का दायरा बढ़ता गया। गांवों के लोग जागरूक हुए तो ऐसी सरकारी योजनाएं जिनके बारे में पहले जानते तक नहीं थे, उसका लाभ लेने लगे। यही नहीं गांव में लोग नियमित योग भी करने लगे हैं।
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कोट
10 किमी. परिक्षेत्र के गांवों के सामुदायिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्राणायाम, योग, स्वच्छता, श्रम की महत्ता के प्रति जन-जागरण की दृष्टि से महाविद्यालय कार्य करता है। प्रत्येक वर्ष चार शिविर तय हैं, इसके अलावा महीने में दो से तीन शिक्षक और विद्यार्थी स्वत: जाते हैं। इसका नतीजा है कि गांव में स्वास्थ्य के प्रति लोगों में जागरूकता आई है। कई गांव ऐसे हैं जहां सभी लोग साक्षर हैं।
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डॉ प्रदीप राव, प्राचार्य
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इन गांवों को लिया है गोद
छोटी रेतवहिया, बड़ी रेतवहिया, हैदरगंज, हनुमंत नगर, जंगल औराही, दहला हरसेवकपुर, शाहपुर, महुआचाफी, जंगल तिनकोनिया नं. एक, छोटी जमुनहिया, बसंतपुर, खुटवा, ककरहिया, मीरगंज, लालगंज, बड़ी जमुनहिया, धोधड़ा, लक्ष्मीपुर, रामपुर, भगवानपुर, हरिपुर, सेखवनिया, केवटहिया, धूसिया, तिनकोनिया, हसनगंज, मंझरिया, हसनगंज।
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शैक्षणिक सत्र में कॉलेज के तय शिविर
1. अगस्त का प्रथम रविवार।
2. विजयादशमी एवं दीपावली अवकाश के मध्य का रविवार।
3. फरवरी माह का प्रथम रविवार।
4. विश्वविद्यालय परीक्षा समाप्त होने के बाद का प्रथम रविवार।