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तीमारदार के हंगामे पर डॉक्टर का इस्तीफा

Sun, 23 Apr 2017 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sun, 23 Apr 2017 01:32 AM IST
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Doctor regined due to ruckus of attendents in women hospital
जिला महिला अस्पताल, गोरखपुर। - फोटो : Amar Ujala
जिला महिला अस्पताल के ओपीडी में बच्चे का इलाज कर रहे डॉक्टर पर दूसरे बच्चे के परिजन ने इलाज के लिए दबाव बनाया तो डॉक्टर ने टेबल पर रखे सादे पेपर पर इस्तीफा लिख दिया। हालांकि, जिला अस्पताल के एसआईसी ने इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है।
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जिला महिला अस्पताल में रोज की तरह सुबह नौ बजे से ओपीडी शुरू हुई । बाल रोग के ओपीडी में डॉ. जय कुमार लाइन से बच्चों का इलाज कर रहे थे। बाल रोग विभाग में काफी भीड़ थी, तभी एक व्यक्ति अपने डेढ़ साल के बच्चे को लेकर डॉ. जय कुमार से स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंचा। डॉक्टर ने बच्चे को देखने के बाद इलाज और दवा के संबंध में उचित सलाह दी लेकिन परिजन सलाह मानने की जगह डॉक्‍टर से ही उलझ गया। परिजन की जिद थी कि जब बच्चा यहीं पैदा हुआ है तो उसे इलाज क्यों नहीं बेहतर उपलब्ध कराया जा रहा है। जिस पर डॉक्टर ने उसे समझाने का प्रयास किया, मगर उनकी बात परिजन समझने को तैयार नहीं थे। इसी बात को लेकर डॉक्‍टर और परिजनों के बीच कहासुनी होने लगी। इससे नाराज होकर डॉक्‍टर ने ओपीडी छोड़कर सीधा एसआईसी के कमरे में जाकर इस्तीफा दे दिया। 
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ओपीडी में भिड़ गईं दो महिलाएं
जिला महिला अस्पताल के ओपीडी नौ नंबर में शनिवार की दोपहर इलाज के लिए आई दो महिलाएं आपस में भिड़ गईं। एक महिला ने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई। दोनों को समझाने के बाद मामले को शांत करवाया। बताते चलें कि सुबह ओपीडी में मरीजों की काफी भीड़ थी। जल्दी दिखाने के चक्कर में लाइन में खड़ीं दो महिलाओं में कहासुनी हो गई।  अपने को जल्दी दिखाने के चक्कर में मौके पर मौजूद दो महिलाओं में कहासुनी हो गई।
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डॉक्टर ने इस्तीफा भेज दिया है। लेकिन अभी उसे स्वीकृत नहीं किया गया है। डॉक्टर को समझा-बुझाकर इस्तीफा वापस करवाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, ओपीडी में महिलाओं के विवाद का मामला भी प्रकाश में आया है। समस्याओं को दूर करने के लिए ओपीडी को दो चरणों में बांटा जाएगा। ताकि उनकी समस्याएं दूर की जा सकें।
-डॉ. एके पांडेय, एसआईसी महिला अस्पताल। 
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