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40 हजार उपभोक्ताओं को नहीं पता कहां से लें सिलिंडर

Sat, 19 Oct 2019 01:42 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Oct 2019 01:42 AM IST
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cyliendra gas crisis
40 हजार उपभोक्ताओं को मालूम ही नहीं कहां से लें सिलिंडर
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विवेक सिंह
गोरखपुर। गैस कंपनियों की मनमानी की वजह से जिले के 40 हजार उपभोक्ताओं को पता नहीं चल पा रहा है कि उन्हें सिलिंडर कहां से लेना है। जब ये उपभोक्ता गैस एजेंसी पर पहुंच रहे हैं तो उन्हें एजेंसी बदलने की जानकारी मिल रही है। बिना सूचना एजेंसी बदलने से उपभोक्ताओं की सांसत बढ़ गई है। दिवाली की तैयारियों के बीच सिलिंडर को लेकर यह फैसला उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत बन गया है।
जानकारी के अनुसार गैस कंपनियां पुरानी गैस एजेंसियों से उपभोक्ताओं का लोड कम करने में जुटी हैं। उपभोक्ताओं को नई गैस एजेंसियों में शिफ्ट किया जा रहा है। लेकिन, बिना किसी सर्वे के कंपनियों ने उपभोक्ताओं को बेहद खामोशी से इधर से उधर कर दिया। बताया जाता है कि जिन्हें इसकी जरूरत नहीं थी उन्हें दस किलोमीटर दूर ट्रांसफर कर दिया। जो ट्रांसफर चाहते हैं उन उपभोक्ताओं को इसका लाभ नहीं मिला।
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नंदानगर के मो. इनामुल, इमरान, प्रवीण पांडेय और राधिका सिंह ने बताया कि कंपनी का ये मनमाना रवैया गले से नीचे नहीं उतर रहा है। बिना उपभोक्ता से पूछे या किसी आधार के गैस कंपनियों ने नई एजेंसी मालिकों को लाभ पहुंचाने के लिए उपभोक्ताओं को बलि का बकरा बना दिया।
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हर एजेंसी से हटाएं दो से ढाई हजार उपभोक्ता
गैस कंपनियों ने एजेंसी से उपभोक्ताओं को ट्रांसफर करने में जमकर मनमानी की। मसलन, एक एजेंसी पर, अगर 19 हजार और दूसरी एजेंसी पर 13 हजार उपभोक्ता हैं। तो दोनों ही एजेंसियों से कंपनी ने दो-ढाई हजार उपभोक्ताओं को दूसरी जगह भेज दिया। गैस एजेंसियों का कहना है कि ज्यादा उपभोक्ता वाली एजेंसियों से ज्यादा कटौती होनी चाहिए।
जिले में गैस उपभोक्ताओं की संख्या
इंडियन ऑयल कारपोरेशन- 496018
भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन- 169000
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन- 326377
कुल - 991365
ग्राहकों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए कंपनियां समय-समय पर एजेंसी में बदलाव करती हैं। इसकी सूचना भी एसएमएस के माध्यम से दी जाती है। एजेंसी दूर हो या पास उपभोक्ता के घर सिलिंडर हॉकर की ओर से पहुंचाया जाता है। इससे उन्हें कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मुनीष गुप्ता, चीफ एरिया मैनेजर
हॉकरों पर मुकदमा, एजेंसी को अभयदान
गोरखपुर। रसोई गैस चोरी के मामले में इसबार भी हॉकरों पर केस दर्ज कर अफसरों ने कार्रवाई पूरी कर ली। एजेंसी मालिकों या कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। एजेंसियों को इसी अभयदान की वजह से गैस चोरी का पांव पसार रहा है।
दिवाली नजदीक आने के साथ ही गैस चोरी का धंधा चरम पर है। कम सप्लाई की वजह से धंधेबाज लोगों से 100-110 रुपये प्रति किलो के हिसाब से रिफिलिंग के रुपये वसूलते हैं। गांवों में तो ऐसे धंधेबाजों की करतूत जगजाहिर है। पर जिम्मेदार आंख मूंदे हुए हैं।
आपूर्ति विभाग ने की पूछताछ
गुरुवार को ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रथमेश कुमार और पूर्ति निरीक्षक अरुण सिंह ने नार्मल के ग्राउंड में छापा मारक र रिफिलिंग कर रहे पांच लोगों में हिरासत में लेने के साथ ही 30 सिलिंडर और एक टेंपो जब्त कर लिया था। सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/5 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। आपूर्ति विभाग ने शुक्रवार को इस क्षेत्र में आने वाली गैस एजेंसियों के कर्मचारियों से पूछताछ भी की है, मगर उन्हें किसी की संलिप्तता नजर नहीं आई।

जिला पूर्ति अधिकारी आनंद सिंह ने कहा कि जिन आरोपियों को गैस चौरी करते पकड़ा गया उनकी जांच में वो किसी एजेंसी से जुड़े नहीं मिले हैं। सभी आरोपी अपने रिश्तेदारों और मित्रों के नाम पर गैस कनेक्शन लेकर धंधा कर रहे हैं। एजेंसी की संलिप्तता मिलने पर कठोर कार्रवाई होगी।
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