{"_id":"58fcb56b4f1c1b9c5c8b5c79","slug":"wife-killed-husband-with-her-lover","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रेमी के साथ मिलकर किया पति का कत्ल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
प्रेमी के साथ मिलकर किया पति का कत्ल
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 24 Apr 2017 01:43 AM IST
विज्ञापन
विवेक की हत्या के बाद घर में बिलखते लोग।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैंट थाना क्षेत्र के झारखंडी टुकड़ा नंबर एक विशुनपुरवा में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति विवेक सिंह का कत्ल कर दिया। हत्या के बाद प्रेमी अपने दो अन्य साथियों के साथ बाइक से विवेक का शव ठिकाने लगाने की फिराक में था लेकिन पुलिस की उसपर नजर पड़ गई। शव फेंकने भागने के दौरान पुलिस ने महिला के प्रेमी और उसके एक साथी को दबोच लिया। पुलिस विवेक की पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। विवेक के पिता की तहरीर पर कैंट पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। वारदात में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश में देर रात तक पुलिस दबिश देती रही।
विशुनपुरवा निवासी देवेंद्र प्रताप सिंह के एकलौते बेटे 35 वर्षीय विवेक प्रताप सिंह प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। रोज की तरह शनिवार की रात विवेक घर की ऊपरी मंजिल स्थित अपने कमरे में सोने चले गए। साथ में पत्नी और बेटा आरुष भी था। उधर, देर रात साढ़े 12 बजे पत्नी सुषमा सिंह ने योजना के तहत अपने प्रेमी डब्लू को बुला लिया। वह अपने तीन साथियों राधेश्याम, अनिल मौर्या और सुनील के साथ पहुंचा। चारों ने चार पहिया वाहन घर से कुछ दूरी पर स्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दफ्तर के पास खड़ा किया और विवेक के घर पहुंच गए। पत्नी ने दरवाजा खोला तो चारों बेडरूम में पहुंच गए।
वहां उन्होंने ईंट से कूंचकर विवेक की हत्या कर दी। इसके बाद उन्होंने विक्की का शव छत से नीचे फेंक दिया। इसके बाद वे विवेक की बाइक पर शव लादकर उसे ठिकाने लगाने ले जाने लगे। बाइक डब्लू चला रहा था और राधेश्याम पीछे बैठा था, जबकि अनिल और सुनील पैदल जा रहे थे। जैसे ही दोनों सड़क पर पहुंचे, तभी गश्त कर रही पुलिस की नजर उनपर पड़ गई। पुलिस को देखते ही दोनों बाइक और शव फेंककर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने दौड़ाकर दोनों को पकड़ लिया, जबकि पैदल चल रहा सुनील भाग निकला।
विज्ञापन
विज्ञापन
विशुनपुरवा निवासी देवेंद्र प्रताप सिंह के एकलौते बेटे 35 वर्षीय विवेक प्रताप सिंह प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। रोज की तरह शनिवार की रात विवेक घर की ऊपरी मंजिल स्थित अपने कमरे में सोने चले गए। साथ में पत्नी और बेटा आरुष भी था। उधर, देर रात साढ़े 12 बजे पत्नी सुषमा सिंह ने योजना के तहत अपने प्रेमी डब्लू को बुला लिया। वह अपने तीन साथियों राधेश्याम, अनिल मौर्या और सुनील के साथ पहुंचा। चारों ने चार पहिया वाहन घर से कुछ दूरी पर स्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दफ्तर के पास खड़ा किया और विवेक के घर पहुंच गए। पत्नी ने दरवाजा खोला तो चारों बेडरूम में पहुंच गए।
विज्ञापन
वहां उन्होंने ईंट से कूंचकर विवेक की हत्या कर दी। इसके बाद उन्होंने विक्की का शव छत से नीचे फेंक दिया। इसके बाद वे विवेक की बाइक पर शव लादकर उसे ठिकाने लगाने ले जाने लगे। बाइक डब्लू चला रहा था और राधेश्याम पीछे बैठा था, जबकि अनिल और सुनील पैदल जा रहे थे। जैसे ही दोनों सड़क पर पहुंचे, तभी गश्त कर रही पुलिस की नजर उनपर पड़ गई। पुलिस को देखते ही दोनों बाइक और शव फेंककर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने दौड़ाकर दोनों को पकड़ लिया, जबकि पैदल चल रहा सुनील भाग निकला।
विज्ञापन