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आईएएस, आईपीएस के शस्त्र लाइसेंस होंगे निरस्त

Thu, 04 May 2017 01:57 AM IST
शिवम सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर।
शिवम सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Thu, 04 May 2017 01:57 AM IST
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Weapon license of IAS and IPS officer will be cancellled
बंदूक
डीएम, एसपी रहने के दौरान शस्त्र लाइसेंस लेने वाले अफसरों के लाइसेंस अब निरस्त होंगे। कैंट थाने में ऐसे दर्जनों अफसरों के नाम पर लाइसेंस हैं, जिनके वर्तमान पते के बारे में पुलिस को जानकारी ही नहीं है। विधानसभा चुनाव में असलहे जमा करने के दौरान तमाम ऐसे लाइसेंस सामने आए थे, जिनकी वर्तमान स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी। ऐसे में डीएम राजीव रौतेला ने थाना और शस्त्र लिपिक से लाइसेंस के मिलान का आदेश दिया है। पते और वर्तमान स्थिति स्पष्ट न होने पर ये लाइसेंस अब निरस्त कर दिए जाएंगे।
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विधानसभा चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में असलहों के लाइसेंस का पता नहीं लग सका था। अकेले कैंट थाने में करीब तीन हजार लाइसेंस हैं, जिसमें से 1500 लाइसेंस ऐसे हैं, जिनके पते की जगह पर महज गोरखपुर लिखा हुआ है। कई पुलिस अफसरों के वर्तमान पता मिलने पर लाइसेंस स्थानांतरित भी कराए गए, लेकिन कई ऐसे अफसर हैं जो काफी समय पहले यहां डीएम, एसपी या सीओ पद पर तैनात रहे, इन लाइसेंसधारियों के बारे में कोई वर्तमान जानकारी नहीं है। चुनाव के दौरान इन सभी की अलग सूची तैयार की गई, लेकिन फिर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। पुराने पुलिस अफसरों की माने तो ज्यादातर लाइसेंसधारियों का निधन हो चुका है। उनके घरवालों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया होगा। इसलिए आज तक किसी ने भी लाइसेंस के स्थानांतरण या फिर निरस्त करने का आवेदन नहीं किया। अब कैंट थाने के निरीक्षण के दौरान लाइसेंस के पते की जानकारी न होने पर डीएम ने चार दिन में लाइसेंस के मिलान का आदेश दिया है।
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कालिका प्रसाद के नाम है दो लाइसेंस
डीएम रहने के दौरान कालिका प्रसाद के नाम से दो असलहों के लाइसेंस कैंट थाने के रिकॉर्ड में दर्ज हैं। यहां से स्थानांतरण के बाद उनका पता क्या है, इसकी जानकारी पुलिस विभाग को नहीं मिल पाई।
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अमिताभ ठाकुर ने कराया था स्थानांतरण
एसपी रहने के दौरान अमिताभ ठाकुर के नाम से भी कैंट थाने में असलहे के लाइसेंस थे। लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद पुलिस विभाग को उनके पते मालूम थे, जिसके बाद उन्हें जानकारी दी गई और फिर उन्होंने लाइसेंस का पता बदलवा लिया।

यह नियम
- लाइसेंस पर पूरा पता होना चाहिए
- पता बदलने पर इसकी जानकारी थाने को देनी होती है
- रिकॉर्ड में दर्ज पते पर लंबे समय तक असलहाधारी के न होने की स्थिति में लाइसेंस निरस्त कर दिया जाता है।

 
सभी थानों को शस्त्र लाइसेंस मिलान का आदेश दिया गया है। शस्त्र लिपिक चार दिन में लाइसेंस का मिलान कर रिपोर्ट देंगे।
- राजीव रौतेला, डीएम
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