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रोहित के समर्थन में उतरे कॉलोनी वाले

Tue, 20 Jun 2017 06:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Tue, 20 Jun 2017 06:37 PM IST
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tredars rohit murder case.
क्राइम
बेतियाहाता के दवा व्यापारी नीरज रामरायका हत्याकांड के पर्दाफाश के खिलाफ रोहित के कॉलोनी वाले मुखर हो गए हैं। पुलिस के पर्दाफाश पर सवाल खड़ा करते हुए कॉलोनी के लोगों ने मंगलवार को चरणबद्ध आंदोलन का एलान किया है। मीडिया के सामने आए लोगों का कहना था कि पुलिस ने जल्दबाजी में एक निर्दोष को मुल्जिम बना दिया। रोहित का इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है। जिस वक्त पुलिस घर से उसे पकड़कर ले गई, हम लोग चश्मदीद हैं।
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रोहित को बेगुनाह बताते हुए राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि पुलिस ने सबसे पहले मेरे घर आकर गंगा सिंह के मकान का पता पूछा था। गंगा के मकान में ही रोहित माता-पिता के साथ किराए के मकान में रहता है। पुलिस उसे जबरन उठाकर ले गई और फिर फंसा दिया। अखिलेश गुप्ता, अरुण कुमार, मोहम्मद खालिद, विजय यादव, फिरोज आलम, राकेश वर्मा आदि ने कहा कि रोहित के परिवार को हम लोग लंबे समय से जानते हैं। वो ऐसा कर ही नहीं सकते। सीसीटीवी कैमरे में भी साफ दिख रहा है कि रोहित दस बजे के करीब घर जा रहा है। पुलिस जब उसे पकड़कर ले गई उस समय वह छत पर सोया था। पुलिस उसे ले जाने लगी तो हम लोग भी घर से बाहर आ गए थे। कॉलोनी वालों ने साफ कहा कि वे रोहित को बेगुनाह साबित करने के लिए लड़ाई लड़ेंगे। पैदल मार्च निकालेंगे, कैंडल जलाकर सीएम से न्याय की गुहार लगाएंगे।
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बेटे को न्याय नहीं मिला तो जान दे दूंगी : गीता

दवा व्यापारी नीरज हत्याकांड में आरोपी बनाए गए रोहित की मां गीता वर्मा ने फिर दोहराया कि बेटा निर्दोष है। पुलिस पर फंसाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि बेटे को न्याय नहीं मिला तो जान दे दूंगी। जहां भी जाना पड़ा, जाऊंगी लेकिन बेटे को निर्दोष साबित करके रहूंगी। मेरा बेटा गलत होता तो मैं चुप हो जाती लेकिन मैं सब कुछ जानती हूं। जिस रात घटना हुई, उस रात मेरा बेटा घर पर था। नीरज ने रुपये हड़प लिए। वह कानूनी लड़ाई लड़ रहा था, ऐसे में सिर्फ इसे आधार बनाकर पुलिस ने जल्दबाजी में बेटे को फंसा दिया। पुलिस वालों ने मुझसे खुद कहा था कि रोहित निर्दोष है लेकिन दबाव है, इस वजह से उसे जेल भेज रहे हैं।
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पुलिस के खुलासे पर लोगों ने उठाए सवाल

डीएम से मिलने रोहित कभी नहीं गया। यदि गया और धमकी दी तो उसपर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
सीसीटीवी फुटेज में 9:58 बजे रात रोहित बाइक से घर जाते दिखाई दे रहा है न कि घटनास्थल पर 
मकान मालिक, पड़ोसी भी दे रहे घर से रोहित की गिरफ्तारी की गवाही, क्यों नहीं माना जा रहा?
रकम हड़पने वाले की जान लेकर फंसी रकम वह और क्यों फंसाता?
15 जून की रात दो बजे पुलिस उसे घर से ले गई। इसकी फुटेज भी है, क्यों नहीं इसे देखा जाता?
नीरज ने कई लोगों से रुपये लिए थे, धमकी देने का केस भी एक व्यापारी पर कराया था, नीरज ही आरोपी क्यों?
यदि नीरज को मारने की धमकी रोहित ने दी थी तो भाई ने अज्ञात पर हत्या का केस क्यों दर्ज कराया?

मुख्यमंत्री से मिलकर करेंगे निष्पक्ष जांच की मांग

रोहित के भाई धीरज भूषण ने कहा कि मेरे भाई को फंसाया गया है। मैं मुख्यमंत्री से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग करूंगा। सीबीआई जांच हो तो सच्चाई सामने आ जाएगी। कोर्ट से भाई को न्याय मिल जाएगा, लेकिन उसके सिर लगे कलंक को मिटाने के लिए लड़ाई लड़ूंगा। 21 को योग दिवस होने की वजह से मुख्यमंत्री का समय नहीं मिल पा रहा है। इसके बाद जाऊंगा। फैक्स के जरिए मैंने सीएम से शिकायत कर दी है।
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