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यूनिवर्सिटी के अराजक माहौल से शिक्षकों में भय

Sat, 24 Dec 2016 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sat, 24 Dec 2016 01:10 AM IST
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Teachers are in fear due to scourge in Gorakhpur University
पिटाई से घायल छात्र। - फोटो : Shivharsh Dwivedi
गोरखपुर यूनिवर्सिटी कैंपस इन दिनों अराजक माहौल को लेकर चर्चा में है। अभी पिछले महीने ही हॉस्टल और सेंट्रल लाइब्रेरी में कई राउंड फायरिंग हुई थी। बुधवार को एक बार फिर गोली की गूंज से दहशत फैल गई। ललित कला एवं संगीत विभाग जहां गोली चली, वहां ग्रीटिंग कार्ड प्रदर्शनी चल रही थी। इसलिए मौके पर यूनिवर्सिटी समेत अन्य महाविद्यालयों के प्रतिभागी मौजूद थे। इस घटना के 48 घंटे बाद फिर यूनिवर्सिटी में अराजकता चरम पर दिखी। छात्र-छात्रा को पिटाई से बचाने के चक्कर में चीफ प्रॉक्टर खुद घायल हो गए। शिक्षक संघ एवं कर्मचारी संघ से जुड़े विभिन्न लोगों ने घटना की भर्त्सना की है।
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होमगार्ड्स की भूमिका पर उठे सवाल
डीन लॉ एवं पूर्व शिक्षक संघ अध्यक्ष प्रो. जितेंद्र तिवारी ने घटना की निंदा की। साथ ही सुरक्षा के नाम पर खर्च हो रहे लाखों रुपये की उपयोगिता पर सवाल उठाए। कहा कि पूर्व में भी चीफ प्रॉक्टर समेत कई शिक्षक सुरक्षा-व्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर वीसी से मिल चुके हैं। कई बार होमगार्डों की लापरवाही सामने आ चुकी है। इन घटनाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि कैंपस का माहौल दिन-ब-दिन अराजक होता जा रहा है।
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कर्मचारी भी आक्रोशित
कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष संतोष सिंह ने घटना की जोरदार निंदा की। कहा कि कैंपस के भीतर इस तरह की घटना नाकाबिले बर्दाश्त है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक और कर्मचारी कैंपस में ही सुरक्षित नहीं हैं तो हालात कितने कठिन होने की राह पर हैं, इसे महसूस किया जा सकता है। कहा कि चीफ प्रॉक्टर के साथ कर्मचारी संघ पूरी तरह से खड़ा है।
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