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एसएसपी ने शुरू की मानवेंद्र हत्याकांड की तफ्तीश
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jan 2016 09:29 PM IST
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गोरखपुर। इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे रेलवे लाइन किनारे हत्या कर छात्र की लाश फेंके जाने के मामले की जांच बुधवार को एसएसपी ने शुरू की। एसओ कैंट के साथ ही छात्र के घरवालों को लेकर दोपहर 12 बजे घटनास्थल पर पहुंचे एसएसपी ने दो घंटे तक घटना से जुड़े हर पहलू की जांच की।
मुकदमा दर्ज होने के बाद अब तक हुई कार्रवाई का रिकॉर्ड उन्होंने एसओ से मांगा है। कैंट पुलिस ने मामले को आत्महत्या बता अपना पल्ला झाड़ लिया था। छात्र के पिता ने प्रमुख सचिव गृह को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी।
महादेव, झारखंडी कॉलोनी के रहने वाले रमेश पांडेय का बेटा मानवेंद्र (15) कक्षा 11 का छात्र था। सात जून 2015 की शाम पांच बजे उसे घर से दोस्त बुलाकर साथ ले गए थे।
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एक घंटे बाद घरवालों को दोस्तों ने हादसे में मानवेंद्र की मौत होने की जानकारी दी थी। शाम सात बजे इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे रेलवे लाइन किनारे उसकी लाश मिली। रमेश ने दोस्तों पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए कैंट थाने में केस दर्ज कराया था।
पुलिस ने हिरासत में लेकर आरोपियों से पूछताछ की लेकिन दबाव में उन्हें छोड़ दिया। पुलिस स्टंट करते समय ट्रेन की चपेट में आने से मानवेंद्र की मौत होने का दावा करने लगी।
रमेश ने नेताओं के दबाव में मामले का अल्पीकरण करने का आरोप लगाते हुए प्रमुख सचिव गृह, एडीजी लॉ एंड आर्डर को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। अधिकारियों के निर्देश पर बुधवार की दोपहर एसएसपी लव कुमार कैंट पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
डेढ़ घंटे तक उन्होंने घटना से जुड़े सभी पहलुओं की छानबीन की। देर शाम पुलिस ने आरोपी बनाए गए युवकों से हिरासत में ले लिया। सभी से एसएसपी पूछताछ करेंगे।
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मुकदमा दर्ज होने के बाद अब तक हुई कार्रवाई का रिकॉर्ड उन्होंने एसओ से मांगा है। कैंट पुलिस ने मामले को आत्महत्या बता अपना पल्ला झाड़ लिया था। छात्र के पिता ने प्रमुख सचिव गृह को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी।
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महादेव, झारखंडी कॉलोनी के रहने वाले रमेश पांडेय का बेटा मानवेंद्र (15) कक्षा 11 का छात्र था। सात जून 2015 की शाम पांच बजे उसे घर से दोस्त बुलाकर साथ ले गए थे।
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एक घंटे बाद घरवालों को दोस्तों ने हादसे में मानवेंद्र की मौत होने की जानकारी दी थी। शाम सात बजे इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे रेलवे लाइन किनारे उसकी लाश मिली। रमेश ने दोस्तों पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए कैंट थाने में केस दर्ज कराया था।
पुलिस ने हिरासत में लेकर आरोपियों से पूछताछ की लेकिन दबाव में उन्हें छोड़ दिया। पुलिस स्टंट करते समय ट्रेन की चपेट में आने से मानवेंद्र की मौत होने का दावा करने लगी।
रमेश ने नेताओं के दबाव में मामले का अल्पीकरण करने का आरोप लगाते हुए प्रमुख सचिव गृह, एडीजी लॉ एंड आर्डर को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। अधिकारियों के निर्देश पर बुधवार की दोपहर एसएसपी लव कुमार कैंट पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
डेढ़ घंटे तक उन्होंने घटना से जुड़े सभी पहलुओं की छानबीन की। देर शाम पुलिस ने आरोपी बनाए गए युवकों से हिरासत में ले लिया। सभी से एसएसपी पूछताछ करेंगे।