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रिटायर्ड डीएफओ ने खुद को गोली मार दी जान
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 01 Apr 2016 12:52 AM IST
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गोरखपुर। तिवारीपुर के इलाहीबाग में बृहस्पतिवार की शाम रिटायर्ड डीएफओ ने खुद को गोली मार आत्महत्या कर ली। इकलौते बेटे और उसकी पत्नी के बीच दो साल से चल रहे विवाद को लेकर वह परेशान थे।
लाइसेंसी बंदूक को कब्जे में लेकर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। रिटायर्ड डीएफओ चंद्रभूषण श्रीवास्तव (73) तिवारीपुर के इलाहीबाग में रहते थे। वर्ष 2000 में बीमारी के कारण उनकी पत्नी की मौत हो गई।
वह बेटे कमलराज और उनके बच्चों के साथ रहते थे। बृहस्पतिवार की शाम साढ़े सात बजे चंद्रभूषण अपने कमरे में थे। बच्चों के साथ कमलराज अपने कमरे में थे। गोली चलने की आवाज सुनकर वह पिता के कमरे में गए तो वह खून से लथपथ कुर्सी पर पड़े मिले।
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पड़ोसियों की मदद से अचेत हाल में उन्हें लेकर जिला अस्पताल आए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची तिवारीपुर पुलिस ने चंद्रभूषण श्रीवास्तव के कमरे में कुर्सी के पास पड़ी उनकी लाइसेंसी दो नाली बंदूक कब्जे में ली।
एसओ रामज्ञा सिंह ने बताया कि कमरे में छत पर भी मांस व गोली के बारूद के निशान मिले। ऐसा लगता है कि डीएफओ ने कुर्सी पर बैठ कर बंदूक की नाल गले के पास लगाकर पैर से ट्रिगर दबाया है।
तलाकशुदा बहू से चल रहा था विवाद
इकलौते बेटे कमलराज की पत्नी के व्यवहार से चंद्रभूषण काफी दुखी थे। परिवार को बसाने के लिए उन्होंने अपनी तरफ से पूरा प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। समझाने के बाद भी बहू ने बात नहीं मानी और पति से तलाक ले लिया।
बच्चे चंद्रभूषण के पास ही रहते थे। संपत्ति में को लेकर विवाद होने पर उन्होंने बेतियाहाता का अपना मकान उसे दे दिया था। इसके बाद भी वह संपत्ति में हिस्सा चाहती थी। स्थानीय न्यायालय में मुकदमा खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में वाद दायर किया गया था। कमलराज ने बताया कि पत्नी की हरकत से पिता काफी परेशान थे। इसी वजह से उन्होंने आत्महत्या कर ली।
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लाइसेंसी बंदूक को कब्जे में लेकर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। रिटायर्ड डीएफओ चंद्रभूषण श्रीवास्तव (73) तिवारीपुर के इलाहीबाग में रहते थे। वर्ष 2000 में बीमारी के कारण उनकी पत्नी की मौत हो गई।
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वह बेटे कमलराज और उनके बच्चों के साथ रहते थे। बृहस्पतिवार की शाम साढ़े सात बजे चंद्रभूषण अपने कमरे में थे। बच्चों के साथ कमलराज अपने कमरे में थे। गोली चलने की आवाज सुनकर वह पिता के कमरे में गए तो वह खून से लथपथ कुर्सी पर पड़े मिले।
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पड़ोसियों की मदद से अचेत हाल में उन्हें लेकर जिला अस्पताल आए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची तिवारीपुर पुलिस ने चंद्रभूषण श्रीवास्तव के कमरे में कुर्सी के पास पड़ी उनकी लाइसेंसी दो नाली बंदूक कब्जे में ली।
एसओ रामज्ञा सिंह ने बताया कि कमरे में छत पर भी मांस व गोली के बारूद के निशान मिले। ऐसा लगता है कि डीएफओ ने कुर्सी पर बैठ कर बंदूक की नाल गले के पास लगाकर पैर से ट्रिगर दबाया है।
तलाकशुदा बहू से चल रहा था विवाद
इकलौते बेटे कमलराज की पत्नी के व्यवहार से चंद्रभूषण काफी दुखी थे। परिवार को बसाने के लिए उन्होंने अपनी तरफ से पूरा प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। समझाने के बाद भी बहू ने बात नहीं मानी और पति से तलाक ले लिया।
बच्चे चंद्रभूषण के पास ही रहते थे। संपत्ति में को लेकर विवाद होने पर उन्होंने बेतियाहाता का अपना मकान उसे दे दिया था। इसके बाद भी वह संपत्ति में हिस्सा चाहती थी। स्थानीय न्यायालय में मुकदमा खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में वाद दायर किया गया था। कमलराज ने बताया कि पत्नी की हरकत से पिता काफी परेशान थे। इसी वजह से उन्होंने आत्महत्या कर ली।