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तीन घंटे विश्वविद्यालय गेट पर तालाबंदी, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Feb 2017 06:12 PM IST
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प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समझाते सीओ कैंट।
- फोटो : shivharsh
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छात्रसंघ अध्यक्ष अमन यादव पर रंगदारी का केस दर्ज करने के विरोध में विद्यार्थियों ने तीन घंटे तक विश्वविद्यालय गेट में ताला बंदी कर जमकर हंगामा किया। इस दौरान छात्रों की एसपी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, चीफ प्रॉक्टर समेत अन्य अधिकारियों से भी काफी धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। केस दर्ज कराने वाले ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त कर दिए जाने की सूचना और मामले की निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद विद्यार्थी शांत हुए। इस दौरान काफी संख्या में छात्रों और शिक्षकों को गेट से ही वापस लौटना पड़ा।
गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष अमन यादव के खिलाफ विश्वविद्यालय में निर्माण कार्य करा रहे एक ठेकेदार ने रंगदारी मांगने का केस दर्ज कराया था। फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय के छात्रनेताओं के अलावा अन्य कॉलेज के विद्यार्थियों ने सोमवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय के गेट में तालाबंदी कर दी। शिक्षकों, कर्मचारियों के अलावा विद्यार्थियाें को विश्वविद्यालय परिसर में जाने से रोकने के साथ ही छात्रनेताओं ने छात्रसंघ अध्यक्ष पर दर्ज केस की निष्पक्ष जांच करने और ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त करने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी करते रहे। सूचना मिलने के बाद एसपी सिटी हेमराज और सिटी मजिस्ट्रेट जेपी श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। चुनाव आचार संहित लागू होने के बाद धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए प्रदर्शन खत्म करने की अपील की, लेकिन काफी देर तक छात्रनेताओं ने इसे अनसुना किए रखा। इस दौरान एसपी सिटी ने थोड़ी सख्ती दिखाई तो छात्रनेताओं ने भी हंगामा शुरू कर दिया। एसपी सिटी के सप्ताह भर में निष्पक्ष जांच करने के आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन खत्म हुआ। इस दौरान छात्रसंघ महामंत्री ऋचा चौधरी, पूर्व महामंत्री नीरज शाही, पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. उमाशंकर यादव, डॉ. राजेश यादव, डॉ. हितेश सिंह, कपिल मुनि यादव, त्रिलोकीनाथ यादव, अमर सिंह पासवान, अनूप मद्देशिया, पवन कुमार, सुनील पासवान, भाष्कर चौधरी, राघवेंद्र यादव, छत्रधारी यादव, भारतेंदु यादव, हेमंत यादव, शक्ति सिंह समेत बड़ी संख्या में छात्रनेता और विद्यार्थी मौजूद रहे।
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विश्वविद्यालय गेट पर धरना-प्रदर्शन के दौरान काफी संख्या में बाहरी छात्र के अलावा पूर्व छात्रनेता भी शामिल थे। इससे हंगामा ज्यादा था। इस स्थिति को देखते हुए एसपी सिटी ने बाहरी छात्रों और एक पूर्व छात्रनेता को अलग बुलाकर चेतावनी दी। एसपी सिटी की सख्ती देख कुछ छात्रनेता वहां से खिसक लिए।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष अमन यादव के खिलाफ विश्वविद्यालय में निर्माण कार्य करा रहे एक ठेकेदार ने रंगदारी मांगने का केस दर्ज कराया था। फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय के छात्रनेताओं के अलावा अन्य कॉलेज के विद्यार्थियों ने सोमवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय के गेट में तालाबंदी कर दी। शिक्षकों, कर्मचारियों के अलावा विद्यार्थियाें को विश्वविद्यालय परिसर में जाने से रोकने के साथ ही छात्रनेताओं ने छात्रसंघ अध्यक्ष पर दर्ज केस की निष्पक्ष जांच करने और ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त करने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी करते रहे। सूचना मिलने के बाद एसपी सिटी हेमराज और सिटी मजिस्ट्रेट जेपी श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। चुनाव आचार संहित लागू होने के बाद धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए प्रदर्शन खत्म करने की अपील की, लेकिन काफी देर तक छात्रनेताओं ने इसे अनसुना किए रखा। इस दौरान एसपी सिटी ने थोड़ी सख्ती दिखाई तो छात्रनेताओं ने भी हंगामा शुरू कर दिया। एसपी सिटी के सप्ताह भर में निष्पक्ष जांच करने के आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन खत्म हुआ। इस दौरान छात्रसंघ महामंत्री ऋचा चौधरी, पूर्व महामंत्री नीरज शाही, पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. उमाशंकर यादव, डॉ. राजेश यादव, डॉ. हितेश सिंह, कपिल मुनि यादव, त्रिलोकीनाथ यादव, अमर सिंह पासवान, अनूप मद्देशिया, पवन कुमार, सुनील पासवान, भाष्कर चौधरी, राघवेंद्र यादव, छत्रधारी यादव, भारतेंदु यादव, हेमंत यादव, शक्ति सिंह समेत बड़ी संख्या में छात्रनेता और विद्यार्थी मौजूद रहे।
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कर्मचारी का कॉलर पकड़ने पर बिगड़ी बात
मुख्य नियंता कार्यालय के एक कर्मचारी ने जब दूसरा गेट खोला तो छात्रनेता उग्र हो गए। एक छात्रनेता ने कर्मचारी का कॉलर पकड़ कर उसे बाहर खींच लिया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। हालांकि इस दौरान कुछ छात्रनेता भी मामला शांत करते नजर आए।
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