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मंडलीय कारागार में लगेगी पोल डिटेक्टिव मशीन
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 15 Feb 2016 08:29 PM IST
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जेलों की सुरक्षा चाक चौबंद करने के लिए प्रदेश की 20 जेलों में पोल डिटेक्टिव मशीन लगाई जाएगी। इसके लिए शासन स्तर से दो करोड़ 65 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। मार्च तक यह मशीन लगा दी जाएगी। प्रदेश की जिन जेलों में यह मशीन लगाई जाएगी, उनमें मंडलीय कारागार गोरखपुर भी शामिल है।
जेलों से धमकी देने और अन्य आपत्तिजनक सामान मिलने की शिकायत आए दिन मिलती रहती है। छानबीन के बाद भी आपत्तिजनक सामान जेल में पहुंच जाता है। प्रदेश की सभी जेलों से मुलाकातियों के माध्यम से सामान अंदर पहुंचने की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। इसके बाद शासन ने प्रदेश की 20 अतिसंवेदनशील और संवेदनशील जेलों में एयरपोर्ट की तर्ज पर पोल डिटेक्टिव मशीन लगाने का निर्देश दिया। इसके लिए धन भी जारी कर दिया गया है। एक मशीन की कीमत लगभग 26 लाख रुपये है। जहां तक मंडलीय कारागार गोरखपुर की बात है तो यहां आए दिन जेल के अंदर से सामान बरामद होते रहते हैं। ऐसे भी मामले पकड़ में आ चुके हैं जिनमें मुलाकाती कपड़े में छुपाकर सामान अंदर ले जा रहे थे। पोल डिटेक्टिव मशीन लग जाने के बाद बंदी रक्षक अंदर भेजे जा रहे सामान आसानी से पकड़ लेंगे।
मुलाकाती ने क्या रखा है, बता देगी मशीन
मंडलीय कारागार में मशीन लग जाने से बंदी रक्षकों का काम आसान हो जाएगा। उन्हें रोज लगभग 250 मुलाकातियों को चेक नहीं करना होगा। मशीन खुद बता देगी कि मुलाकाती ने अपने पास क्या रखा है।
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पोल डिटेक्टिव मशीन लगाने के लिए गोरखपुर जेल को भी चुना गया है। मार्च तक जेल के मुख्यद्वार पर मशीन लग जाएगी। इसके बाद काम में काफी आसानी होगी।
- एसके शर्मा, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
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जेलों से धमकी देने और अन्य आपत्तिजनक सामान मिलने की शिकायत आए दिन मिलती रहती है। छानबीन के बाद भी आपत्तिजनक सामान जेल में पहुंच जाता है। प्रदेश की सभी जेलों से मुलाकातियों के माध्यम से सामान अंदर पहुंचने की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। इसके बाद शासन ने प्रदेश की 20 अतिसंवेदनशील और संवेदनशील जेलों में एयरपोर्ट की तर्ज पर पोल डिटेक्टिव मशीन लगाने का निर्देश दिया। इसके लिए धन भी जारी कर दिया गया है। एक मशीन की कीमत लगभग 26 लाख रुपये है। जहां तक मंडलीय कारागार गोरखपुर की बात है तो यहां आए दिन जेल के अंदर से सामान बरामद होते रहते हैं। ऐसे भी मामले पकड़ में आ चुके हैं जिनमें मुलाकाती कपड़े में छुपाकर सामान अंदर ले जा रहे थे। पोल डिटेक्टिव मशीन लग जाने के बाद बंदी रक्षक अंदर भेजे जा रहे सामान आसानी से पकड़ लेंगे।
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मुलाकाती ने क्या रखा है, बता देगी मशीन
मंडलीय कारागार में मशीन लग जाने से बंदी रक्षकों का काम आसान हो जाएगा। उन्हें रोज लगभग 250 मुलाकातियों को चेक नहीं करना होगा। मशीन खुद बता देगी कि मुलाकाती ने अपने पास क्या रखा है।
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पोल डिटेक्टिव मशीन लगाने के लिए गोरखपुर जेल को भी चुना गया है। मार्च तक जेल के मुख्यद्वार पर मशीन लग जाएगी। इसके बाद काम में काफी आसानी होगी।
- एसके शर्मा, वरिष्ठ जेल अधीक्षक