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नदी में डूबने एक की मौत, दो भाई लापता

Wed, 12 Oct 2016 06:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Wed, 12 Oct 2016 06:42 PM IST
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One died drowning in to rapti, two missing
नदी में डूबे बच्‍चों को तलाशते गोताखोर व मौके पर मौजूद पुलिस। - फोटो : Rajesh Kumar
राप्ती नदी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के बाद नहाने के चक्कर में मंगलवार की रात दो चचेरे भाई डूब गए। हालांकि दोनों की लाश नहीं मिली। उधर, एक किशोर की मौत बांस खिंचने के दौरान डूबने से हुई। हालांकि वह अच्छा तैराक था और उसका डूब जाना लोगों के गले नहीं उतर रहा।
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मूर्ति विसर्जन के बाद राप्ती नदी में नहाने गए तीन किशोर बुधवार की दोपहर में डूब गए। एक की तो लोगों ने जान बचा ली, जबकि दो चचेरे भाइयों का अभी तक पता नहीं चल सका है। कैंट के गोपलापुर की दुर्गा प्रतिमा को विसर्जन के लिए बुधवार को मोहल्ले के लोग राप्ती नदी में ले गए थे। गांव के सुदर्शन का 10 वर्षीय बेटा भीम व 12 वर्षीय धनंजय तथा सुदर्शन के भाई अवधेश का 17 वर्षीय बेटा दीपू भी मुहल्ले के लोगों के साथ गया था। नदी के किनारे बने कृत्रिम पोखरे में विसर्जन के बाद मौहल्ले के लड़कों के साथ तीनों नदी में नहाने चले गए।
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इस दौरान गहरे पानी में चले जाने से तीनों तेज धारा में बहने लगे। उनके साथ गए ट्यूशन टीचर कमलेश ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन वह भी डूबने लगे। उन्होंने तो अपने आप को किसी तरह से बचा लिया, लेकिन दोनों भाई दीपू और धनंजय तेज धारा में बह गए। घटना के बाद एसपी सिटी हेमराज मीणा सहित कई पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच गए। एनडीआरएफ  का दल दोनों को ढूंढ़ने में जुट गया।
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उधर, बेलीपार के कलानी गांव के फरसही टोला निवासी उमेश निषाद का 14 साल का बेटा संदीप मंगलवार की दोपहर गांव के दो अन्य किशोरों के साथ राप्ती नदी के किनारे गया था। वह विसर्जन के दौरान बहकर आ रही दुर्गा प्रतिमाओं की बांस की लकड़ियों को खींच रहा था। मूर्ति विसर्जन के बाद जब लोग चले गए तो संदीप हाथ में रस्सी बांधकर नदी में कूद गया। वह मूर्ति में रस्सी बांधकर उसे किनारे लाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान वह डूबने लगा।


मौके पर पहुंचे लोगों में से जाने किसने नदी में संदीप को मगरमच्छ द्वारा खिंचे जाने की अफवाह फैला दी। मगरमच्छ का नाम सुनते ही कोई भी नदी में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। बाद में नाव मंगाकर जब तक संदीप के हाथ में बंधी रस्सी पकड़कर लोगों ने उसे बाहर निकाला, उसकी मौत हो चुकी थी।
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