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जेल में बच्चों को पढ़ा रहीं मधुमणि
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 07 Apr 2017 01:21 AM IST
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गोरखनाथ जेल।
- फोटो : Amar Ujala
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कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या और साजिश के कारण 12 साल से गोरखपुर जेल में बंद अमरमणि त्रिपाठी की पत्नी मधुमणि त्रिपाठी अब जेल की महिला बंदियों के बच्चों को पढ़ा रही हैं। यह काम मधुमणि दो साल से कर रही हैं। जेल के स्कूल में आठ बच्चे पढ़ते हैं।
कवयित्री की हत्या के बाद पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी को जेल भेज दिया गया था। उनकी पत्नी मधुमणि भी 2005 में गिरफ्तार की गईं। वह चार दिसंबर 2008 से गोरखपुर के जिला जेल में बंद हैं। मधुमणि को महाराजगंज जिला जेल से गोरखपुर शिफ्ट किया गया था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक शिव कुमार शर्मा ने बताया कि जेल में माइटी प्ले वे स्कूल है। इसमें महिला बंदियों के चार लड़के और इतनी ही लड़कियां पढ़ती हैं। इन सभी को पढ़ाने के लिए जेल प्रशासन ने मिथिलेश और मंजू को विशेष प्रशिक्षण दिया। इसके बाद स्कूल संचालित होने लगा।
वर्ष 2014 के बाद मधुमणि ने भी स्कूल में पढ़ाने की इच्छा जताई। जेल में बंदियों के सुधार कार्यक्रम के तहत उन्हें पढ़ाने की अनुमति दे दी गई। अब वह नियमित रूप से बच्चों को पढ़ाती हैं। गोरखपुर जेल में ही पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी भी बंद हैं।
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कवयित्री की हत्या के बाद पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी को जेल भेज दिया गया था। उनकी पत्नी मधुमणि भी 2005 में गिरफ्तार की गईं। वह चार दिसंबर 2008 से गोरखपुर के जिला जेल में बंद हैं। मधुमणि को महाराजगंज जिला जेल से गोरखपुर शिफ्ट किया गया था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक शिव कुमार शर्मा ने बताया कि जेल में माइटी प्ले वे स्कूल है। इसमें महिला बंदियों के चार लड़के और इतनी ही लड़कियां पढ़ती हैं। इन सभी को पढ़ाने के लिए जेल प्रशासन ने मिथिलेश और मंजू को विशेष प्रशिक्षण दिया। इसके बाद स्कूल संचालित होने लगा।
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वर्ष 2014 के बाद मधुमणि ने भी स्कूल में पढ़ाने की इच्छा जताई। जेल में बंदियों के सुधार कार्यक्रम के तहत उन्हें पढ़ाने की अनुमति दे दी गई। अब वह नियमित रूप से बच्चों को पढ़ाती हैं। गोरखपुर जेल में ही पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी भी बंद हैं।
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