{"_id":"5911cbf44f1c1b231f8514bd","slug":"ips-charu-nigam-denied-the-allegation-of-mla","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला आईपीएस ने विधायक के आरोपों को झूठा बताया ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
महिला आईपीएस ने विधायक के आरोपों को झूठा बताया
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 10 May 2017 01:11 AM IST
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नगर विधायक से झड़प के बाद भावुक चारू निगम।
- फोटो : Amar Ujala / File photo
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भाजपा विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल की तरफ से गर्भवती महिला को पीटने के आरोपों का बुधवार को महिला आईपीएस अफसर (सीओ गोरखनाथ) चारु निगम ने करारा जवाब दिया। आईपीएस अफसर ने विधायक का नाम लिए बगैर अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि गर्भवती महिला को पीटे जाने की खबर कभी मीडिया से छिपी है क्या? लाठीचार्ज की खबर भी मीडिया में नहीं आई, ऐसे में गर्भवती महिला को पीटने और लाठीचार्ज के आरोप मनगढ़ंत लगते हैं। इससे पहले भी महिला आईपीएस ने फेसबुक पर अपना दर्द बयां किया था। कहा था कि उनके आंसुओं को कमजोरी न समझा जाए। वह मजबूत इरादों वाली अफसर हैं।
चिलुआताल के कोईलहवा में शराब की दुकान बंद कराने को लेकर रविवार को बवाल हुआ था। इस दौरान भाजपा के नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने महिला आईपीएस अफसर और सीओ गोरखनाथ को डपट दिया था। इस कारण सीओ रो पड़ीं थीं। बाद में छह महिलाओं को नामजद करने के साथ ही 50 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ एफआईआर करा दी गई। इसके बाद भाजपा विधायक ने गोरखपुर प्रेस क्लब में प्रेस कांफ्रेंस की। विधायक ने आईपीएस अफसर पर गर्भवती महिलाओं को पीटने का आरोप मढ़ा। विधायक ने कहा कि लाठीचार्ज भी हुआ था। इसका सीधा जवाब महिला आईपीएस अफसर ने बुधवार को फेसबुक पेज पर दिया। चारु ने फेसबुक के जरिए विधायक के आरोपों पर कटाक्ष करते हुए प्रेग्नेंट लेडी और बच्चों पर लाठीचार्ज को बेतुका बताय्रा। बोलीं कि ऐसा कभी हुआ है क्या कि कहीं पर लाठीचार्ज हो, गर्भवती को पीटा जाए और मीडिया चुप रहे। यह आरोप निराधार और मनगढ़ंत है। किसी को पीटा नहीं गया था। जिन लोगों ने सड़क जाम किया था, उन्हें हटाने की कोशिश हुई और वे लोग हमलावर हो गए। बहरहाल, महिला आईपीएस के फेसबुक पोस्ट पर तरह-तरह के कमेंट भी आ रहे हैं। तमाम लोग महिला अफसर के स्टैंड को सही ठहरा रहे हैं। कुछ विधायक को सही बता रहे हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश
शराब की दुकान हटाने की मांग लेकर सड़क जाम करने वाले आरोपियों की जांच पुलिस ने तेज कर दी है। सोमवार और मंगलवार की देर रात पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिश डाली है। बुधवार को भी आरोपियों की तलाश की गई। पुलिस की कार्रवाई से ग्रामीण घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां शरण लेने लगे हैं। हालांकि पुलिस अभी दबिश की बात से इंकार कर रही है। पुलिस आरोपियों के जल्द गिरफ्तारी का भी दावा कर रही है।
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विवाद बढ़ा
महिला आईपीएस चारु निगम और विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के बीच पनपा विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां विधायक अवैध शराब दुकान के खिलाफ धरने की तैयारी में हैं तो वहीं दूसरी ओर महिला आईपीएस फेसबुक पर हमलावर हैं।
बैकफुट पर भाजपा
महिला आईपीएस अफसर के खिलाफ नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के तेवर से भाजपा बैकफुट पर है। क्षेत्रीय, महानगर और जिला इकाई के पदाधिकारी मामले में खुलकर बोलने से बच रहे हैं लेकिन इतना जरूर कह रहे हैं कि विधायक के कामकाज से सरकार की छवि धूमिल हो रही है। समाज में सरकार के स्टैंड और कानून-व्यवस्था को लेकर गलत संदेश जा रहा है। इसी का नतीजा है कि पूरे मामले से पार्टी आलाकमान को अवगत कराया गया है। साथ ही सिफारिश की गई है कि विधायक की सरकार विरोधी गतिविधियां रोकी जाएं। इसका संज्ञान पार्टी नेतृत्व ने भी लिया है। बड़े नेताओं ने फीडबैक के साथ मामले के समाधान का भरोसा दिलाया है।
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चिलुआताल के कोईलहवा में शराब की दुकान बंद कराने को लेकर रविवार को बवाल हुआ था। इस दौरान भाजपा के नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने महिला आईपीएस अफसर और सीओ गोरखनाथ को डपट दिया था। इस कारण सीओ रो पड़ीं थीं। बाद में छह महिलाओं को नामजद करने के साथ ही 50 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ एफआईआर करा दी गई। इसके बाद भाजपा विधायक ने गोरखपुर प्रेस क्लब में प्रेस कांफ्रेंस की। विधायक ने आईपीएस अफसर पर गर्भवती महिलाओं को पीटने का आरोप मढ़ा। विधायक ने कहा कि लाठीचार्ज भी हुआ था। इसका सीधा जवाब महिला आईपीएस अफसर ने बुधवार को फेसबुक पेज पर दिया। चारु ने फेसबुक के जरिए विधायक के आरोपों पर कटाक्ष करते हुए प्रेग्नेंट लेडी और बच्चों पर लाठीचार्ज को बेतुका बताय्रा। बोलीं कि ऐसा कभी हुआ है क्या कि कहीं पर लाठीचार्ज हो, गर्भवती को पीटा जाए और मीडिया चुप रहे। यह आरोप निराधार और मनगढ़ंत है। किसी को पीटा नहीं गया था। जिन लोगों ने सड़क जाम किया था, उन्हें हटाने की कोशिश हुई और वे लोग हमलावर हो गए। बहरहाल, महिला आईपीएस के फेसबुक पोस्ट पर तरह-तरह के कमेंट भी आ रहे हैं। तमाम लोग महिला अफसर के स्टैंड को सही ठहरा रहे हैं। कुछ विधायक को सही बता रहे हैं।
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आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश
शराब की दुकान हटाने की मांग लेकर सड़क जाम करने वाले आरोपियों की जांच पुलिस ने तेज कर दी है। सोमवार और मंगलवार की देर रात पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिश डाली है। बुधवार को भी आरोपियों की तलाश की गई। पुलिस की कार्रवाई से ग्रामीण घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां शरण लेने लगे हैं। हालांकि पुलिस अभी दबिश की बात से इंकार कर रही है। पुलिस आरोपियों के जल्द गिरफ्तारी का भी दावा कर रही है।
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विवाद बढ़ा
महिला आईपीएस चारु निगम और विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के बीच पनपा विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां विधायक अवैध शराब दुकान के खिलाफ धरने की तैयारी में हैं तो वहीं दूसरी ओर महिला आईपीएस फेसबुक पर हमलावर हैं।
बैकफुट पर भाजपा
महिला आईपीएस अफसर के खिलाफ नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के तेवर से भाजपा बैकफुट पर है। क्षेत्रीय, महानगर और जिला इकाई के पदाधिकारी मामले में खुलकर बोलने से बच रहे हैं लेकिन इतना जरूर कह रहे हैं कि विधायक के कामकाज से सरकार की छवि धूमिल हो रही है। समाज में सरकार के स्टैंड और कानून-व्यवस्था को लेकर गलत संदेश जा रहा है। इसी का नतीजा है कि पूरे मामले से पार्टी आलाकमान को अवगत कराया गया है। साथ ही सिफारिश की गई है कि विधायक की सरकार विरोधी गतिविधियां रोकी जाएं। इसका संज्ञान पार्टी नेतृत्व ने भी लिया है। बड़े नेताओं ने फीडबैक के साथ मामले के समाधान का भरोसा दिलाया है।