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आईजी एसटीएफ ने की नितिन के घर वालों से पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 12 Apr 2017 01:21 AM IST
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नितिन अपनी पत्नी के साथ (फाइल फोटो)।
- फोटो : Amar Ujala
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हरवंश गली के ज्वैलर्स नितिन अग्रवाल की मौत की जांच आईजी एसटीएफ राम कुमारने खुद संभाल ली है। मंगलवार को आईजी नितिन के घर गए। वहां बंद कमरे में घर वालों, करीबियों और दोस्तों से पूछताछ की। फिर हरवंश गली से सहजवां तक जाने वाले संभावित रास्तों से होकर घटनास्थल पहुंचे। कॉल डिटेल खंगाली और जिस कार में आग लगी थी, उसकी जांच-पड़ताल की। मामला हाई प्रोफाइल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संसदीय क्षेत्र से संबंधित है, इसलिए पूरे मामले की मानीटरिंग यूपी के डीजीपी जावीद अहमद कर रहे हैं।
रविवार (नौ अप्रैल) को दोपहर 12 बजे ज्वैलर्स नितिन अग्रवाल की सहजनवां फोरलेन के पास जलती कार में दम घुटने से मौत हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि नितिन को जलाकर मारा गया। जिस वक्त आग पर काबू पाया गया, उसके अंदर से नितिन का शव बरामद हुआ। नितिन के हाथ-पैर बंधे थे। आग लगने से पहले कुछ लोगों को नितिन की कार से उतरते और दूसरी कार से जाते देखने की बात भी कही गई थी।
इसकी छानबीन पुलिस ने शुरू की लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद इस हाई प्रोफाइल मामले की जांच एसटीएफ को दे दी गई। इसी का नतीजा रहा कि आईजी एसटीएफ ने सोमवार की रात से ही गोरखपुर में डेरा डाल दिया। सभी पहलुओं की जांच की और नितिन के घर वाले, करीबियों से पूछताछ कर रिपोर्ट तैयार की। यह सिलसिला रात तक चलता रहा।
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आईजी एसटीएफ की अगुवाई वाली टीम देर शाम फिर नितिन के घर पहुंची। परिवार वालों से पूछताछ चल रही है। एसटीएफ की जांच-पड़ताल भी नितिन के करीबियों के इर्द-गिर्द ही घूम रही है। एसटीएफ के सूत्रों का कहना है कि घटना का खुलासा जल्द ही कर दिया जाएगा। जांच-पड़ताल और पूछताछ से तमाम साक्ष्य मिले हैं। एसटीएफ की टीम इनकी गहनता से छानबीन कर रही है। जल्द ही सारे साक्ष्य डीजीपी और सीएम दफ्तर भेज दिए जाएंगे। इस प्रकरण की रेग्युलर मानीटरिंग गृह विभाग से की जा रही है। प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा एसटीएफ के अफसरों के संपर्क में हैं। आईजी एसटीएफ के साथ ही आईजी, डीआईजी, एसएसपी और पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ विकास त्रिपाठी भी निगाह गड़ाए हुए हैं।
लखनऊ की फोरेंसिक टीम ने की जांच
लखनऊ से आई फोरेंसिक विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अरुण शर्मा के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय टीम ने मंगलवार को नितिन हत्याकांड का दोबारा डेमो किया। कार चलाई, फिर हादसा सहित अन्य पहलुओं की जांच की। फोरेंसिक टीम ने दुर्घटना, खुदकुशी और हत्या तीनों को देखते हुए डेमो कर रही है। फोरेंसिक टीम तेनुआ टोल प्लाजा भी गई। कार के टॉयर, पेंट, सीट कवर और स्टेयरिंग से कुछ सैंपल जुटाए। इसकी जांच फोरेंसिंक लैब में होगी। टीम ने उस वीडियो को भी देखा, जिसमें कार जलने के बाद का धुआं कैद हुआ है।
समय के साथ बढ़ी जांच
सुबह 9:45 बजे- आईजी एसटीएफ नितिन अग्रवाल के घर पहुंचे
दोपहर 12 बजे- संभावित रास्तों से होते हुए आईजी एसटीएफ टोल प्लाजा गए और रास्तों में सीसीटीवी कैमरों की जांच भी की
दोपहर 12:15 बजे- फोरेंसिक टीम से घटना का डेमो कराया गया
दोपहर 1: 35 बजे- मामले की छानबीन करने वाली टीम पिपरौली चौकी पर पहुंची
दोपहर 1: 40 बजे- दोबारा आईजी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, फिर थाने पहुंचे। थाने में ही जमे रहे
शाम 6:30 बजे- आईजी एसटीएफ टीम के साथ दोबारा नितिन के घर पहुंचे और फिर पूछताछ की
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रविवार (नौ अप्रैल) को दोपहर 12 बजे ज्वैलर्स नितिन अग्रवाल की सहजनवां फोरलेन के पास जलती कार में दम घुटने से मौत हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि नितिन को जलाकर मारा गया। जिस वक्त आग पर काबू पाया गया, उसके अंदर से नितिन का शव बरामद हुआ। नितिन के हाथ-पैर बंधे थे। आग लगने से पहले कुछ लोगों को नितिन की कार से उतरते और दूसरी कार से जाते देखने की बात भी कही गई थी।
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इसकी छानबीन पुलिस ने शुरू की लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद इस हाई प्रोफाइल मामले की जांच एसटीएफ को दे दी गई। इसी का नतीजा रहा कि आईजी एसटीएफ ने सोमवार की रात से ही गोरखपुर में डेरा डाल दिया। सभी पहलुओं की जांच की और नितिन के घर वाले, करीबियों से पूछताछ कर रिपोर्ट तैयार की। यह सिलसिला रात तक चलता रहा।
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आईजी एसटीएफ की अगुवाई वाली टीम देर शाम फिर नितिन के घर पहुंची। परिवार वालों से पूछताछ चल रही है। एसटीएफ की जांच-पड़ताल भी नितिन के करीबियों के इर्द-गिर्द ही घूम रही है। एसटीएफ के सूत्रों का कहना है कि घटना का खुलासा जल्द ही कर दिया जाएगा। जांच-पड़ताल और पूछताछ से तमाम साक्ष्य मिले हैं। एसटीएफ की टीम इनकी गहनता से छानबीन कर रही है। जल्द ही सारे साक्ष्य डीजीपी और सीएम दफ्तर भेज दिए जाएंगे। इस प्रकरण की रेग्युलर मानीटरिंग गृह विभाग से की जा रही है। प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा एसटीएफ के अफसरों के संपर्क में हैं। आईजी एसटीएफ के साथ ही आईजी, डीआईजी, एसएसपी और पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ विकास त्रिपाठी भी निगाह गड़ाए हुए हैं।
लखनऊ की फोरेंसिक टीम ने की जांच
लखनऊ से आई फोरेंसिक विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अरुण शर्मा के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय टीम ने मंगलवार को नितिन हत्याकांड का दोबारा डेमो किया। कार चलाई, फिर हादसा सहित अन्य पहलुओं की जांच की। फोरेंसिक टीम ने दुर्घटना, खुदकुशी और हत्या तीनों को देखते हुए डेमो कर रही है। फोरेंसिक टीम तेनुआ टोल प्लाजा भी गई। कार के टॉयर, पेंट, सीट कवर और स्टेयरिंग से कुछ सैंपल जुटाए। इसकी जांच फोरेंसिंक लैब में होगी। टीम ने उस वीडियो को भी देखा, जिसमें कार जलने के बाद का धुआं कैद हुआ है।
समय के साथ बढ़ी जांच
सुबह 9:45 बजे- आईजी एसटीएफ नितिन अग्रवाल के घर पहुंचे
दोपहर 12 बजे- संभावित रास्तों से होते हुए आईजी एसटीएफ टोल प्लाजा गए और रास्तों में सीसीटीवी कैमरों की जांच भी की
दोपहर 12:15 बजे- फोरेंसिक टीम से घटना का डेमो कराया गया
दोपहर 1: 35 बजे- मामले की छानबीन करने वाली टीम पिपरौली चौकी पर पहुंची
दोपहर 1: 40 बजे- दोबारा आईजी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, फिर थाने पहुंचे। थाने में ही जमे रहे
शाम 6:30 बजे- आईजी एसटीएफ टीम के साथ दोबारा नितिन के घर पहुंचे और फिर पूछताछ की