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गोरखपुर में बच्चों को जहर देकर मां ने जान दी
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 26 Mar 2016 02:28 AM IST
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घर के बाहर जुटी भीड़
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गोरखपुर (ब्यूरो)। आर्थिक तंगी की वजह से होली नहीं मना पाने पर मजबूर मां ने कलेजे पर पत्थर रखकर बच्चों को जहर देकर मार दिया और फंदे से लटक कर अपनी जान दे दी। दिल को हिला देने वाली यह घटना हुई गोरखनाथ के नेताजी सुभाष चंद्र बोस कॉलोनी (बिलंदपुर खत्ता) में।
जहां नेपालगंज के रूपहीडीहा के रहने वाले सुरेश गुप्ता किराए के घर में पत्नी रूपा गुप्ता (32), सात माह की बेटी माही, डेढ़ साल के बेटे अनमोल के साथ रहता था। सुरेश सिक्योरिटी गार्ड है और गोलघर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम पर ड्यूटी करता है। सुरेश को महीने में 5,500 रुपये तनख्वाह मिलती है, जिसमें से 2800 रुपये मकान का किराया दे देता था। आर्थिक तंगी के कारण परिवार की अन्य जरूरतें पूरी नहीं हो पाती थीं, जिससे घर में अक्सर कलह होती थी। बृहस्पतिवार को होली पर सामान और रंग न आने से परिवार ने होली नहीं मनाई। दोपहर में इसे लेकर सुरेश और पत्नी में झगड़ा भी हुआ।
शाम छह बजे वह एटीएम पर ड्यूटी करने चला गया। उसकी ड्यूटी सुबह आठ बजे तक थी, लेकिन दूसरे साथी के न आने से दोपहर दो बजे तक वह खाली नहीं हो पाया। ढाई बजे घर लौटा तो चैनल में अंदर से ताला बंद था। आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर दूसरी चाभी से ताला खोलकर सुरेश अंदर गया तो बरामदे में बिस्तर पर बेटी माही और बेटे अनमोल की लाशें पड़ी थीं। उनके मुंह से झाग निकला था। पास में दवाई की शीशी (बच्चों का सिरप) और खाली पडे़ कुछ टेबलेट के पत्ते, जिनके रैपर उड़े हुए मिले। अंदर के कमरे में पंखे से रूपा की लटकी हुई लाश मिली। सुरेश के शोर मचाने पर जुटे मोहल्ले के लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।
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फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंचे एसपी (सिटी) हेमराज मीना, सीओ गोरखनाथ डीएन शुक्ल, एसओ गोरखनाथ सदानंद सिंह ने छानबीन के बाद शवों को कब्जे में ले लिया। एसपी (सिटी) ने बताया कि बच्चों को मारने के बाद महिला ने पंखे से लटककर जान दी है।
जहां नेपालगंज के रूपहीडीहा के रहने वाले सुरेश गुप्ता किराए के घर में पत्नी रूपा गुप्ता (32), सात माह की बेटी माही, डेढ़ साल के बेटे अनमोल के साथ रहता था। सुरेश सिक्योरिटी गार्ड है और गोलघर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम पर ड्यूटी करता है। सुरेश को महीने में 5,500 रुपये तनख्वाह मिलती है, जिसमें से 2800 रुपये मकान का किराया दे देता था। आर्थिक तंगी के कारण परिवार की अन्य जरूरतें पूरी नहीं हो पाती थीं, जिससे घर में अक्सर कलह होती थी। बृहस्पतिवार को होली पर सामान और रंग न आने से परिवार ने होली नहीं मनाई। दोपहर में इसे लेकर सुरेश और पत्नी में झगड़ा भी हुआ।
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शाम छह बजे वह एटीएम पर ड्यूटी करने चला गया। उसकी ड्यूटी सुबह आठ बजे तक थी, लेकिन दूसरे साथी के न आने से दोपहर दो बजे तक वह खाली नहीं हो पाया। ढाई बजे घर लौटा तो चैनल में अंदर से ताला बंद था। आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर दूसरी चाभी से ताला खोलकर सुरेश अंदर गया तो बरामदे में बिस्तर पर बेटी माही और बेटे अनमोल की लाशें पड़ी थीं। उनके मुंह से झाग निकला था। पास में दवाई की शीशी (बच्चों का सिरप) और खाली पडे़ कुछ टेबलेट के पत्ते, जिनके रैपर उड़े हुए मिले। अंदर के कमरे में पंखे से रूपा की लटकी हुई लाश मिली। सुरेश के शोर मचाने पर जुटे मोहल्ले के लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।
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फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंचे एसपी (सिटी) हेमराज मीना, सीओ गोरखनाथ डीएन शुक्ल, एसओ गोरखनाथ सदानंद सिंह ने छानबीन के बाद शवों को कब्जे में ले लिया। एसपी (सिटी) ने बताया कि बच्चों को मारने के बाद महिला ने पंखे से लटककर जान दी है।