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बेलीपार में सिपाही के घर डकैती, भाई की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 22 Nov 2015 01:02 AM IST
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गोरखपुर। बेलीपार के मेहरौली में शुक्रवार की देर रात डकैतों ने एक सिपाही के घर एक घंटे लूटपाट की। विरोध करने पर उन्होंने सिपाही के भाई की पीटकर हत्या कर दी। हमले में सात महिलाएं भी घायल हुई हैं। डकैत वारदात के बाद सभी को कमरे में बंद कर भाग निकले। सिपाही की बहन का शुक्रवार को तिलक था। परिवार के सभी पुरुष सदस्य तिलक चढ़ाने पिपराइच गए थे।
बेलीपार प्रतिनिधि के अनुसार मेहरौली गांव के लालजी पाल के पांच बेटे और चार बेटियां हैं। तीसरे नंबर का बेटा रामसंवारे छत्तीसगढ़ पुलिस में सिपाही है। उनकी बेटी सरिता (22) की 25 नवंबर को शादी होनी है। शुक्रवार को तिलक था। लालजी, उनके बेटे और रिश्तेदार तिलक चढ़ाने पिपराइच के बैलो गांव गए थे।
बीएससी में पढ़ने वाला लालजी का छोटा बेटा श्रीराम (19) रात 12:30 बजे घर लौट आया। वह बरामदे में सोया था, जबकि सरिता अपनी बहनों के अलावा महिलाओं के साथ टीवी देख रही थी। रात करीब 1:30 बजे 20 की संख्या में डकैत घर के पश्चिम तरफ की दीवार फांदकर आंगन में घुस गए।
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इसके बाद उन्होंने महिलाओं को बंधक बनाकर पिटाई शुरू कर दी। बच्चों को मारने की धमकी देकर सभी के गहने छीन लिए। प्रतिकार करने पर उन्होंने सरिता, बहन विद्यावती (35), चंद्रकला (38), मौसी मीरा देवी (45), लीलावती देवी (50), मामी इसरावती देवी (40), रिंकी (25) की पिटाई कर दी। शोर सुनकर श्रीराम जब अंदर गया तो डकैतों ने रॉड और डंडे से हमला कर उसे अधमरा कर दिया।
लूटपाट के बाद घर में रखे मोबाइल और सिमकार्ड तोड़कर डकैत फरार हो गए। जाते वक्त उन्होंने महिलाओं को कमरे में बंद कर दिया। आधे घंटे बाद दरवाजा तोड़कर बाहर निकलीं महिलाओं ने एक अन्य मोबाइल से लालजी को सूचना दी। घरवालों के बताने पर 4:30 बजे फोर्स के साथ पहुंचे एसओ बेलीपार पीयूष सिंह घायलों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टर ने श्रीराम को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायलों विद्यावती, चंद्रकला, मीरा और इसरावती का इलाज चल रहा है।
फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे एसएसपी लव कुमार ने घायलों से घटना की जानकारी ली। रामसंवारे ने अपने रिश्तेदार पर ही घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया है। लालजी की तहरीर पर 10-15 अज्ञात बदमाशों पर हत्या और डकैती का केस किया गया है।
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बेलीपार प्रतिनिधि के अनुसार मेहरौली गांव के लालजी पाल के पांच बेटे और चार बेटियां हैं। तीसरे नंबर का बेटा रामसंवारे छत्तीसगढ़ पुलिस में सिपाही है। उनकी बेटी सरिता (22) की 25 नवंबर को शादी होनी है। शुक्रवार को तिलक था। लालजी, उनके बेटे और रिश्तेदार तिलक चढ़ाने पिपराइच के बैलो गांव गए थे।
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बीएससी में पढ़ने वाला लालजी का छोटा बेटा श्रीराम (19) रात 12:30 बजे घर लौट आया। वह बरामदे में सोया था, जबकि सरिता अपनी बहनों के अलावा महिलाओं के साथ टीवी देख रही थी। रात करीब 1:30 बजे 20 की संख्या में डकैत घर के पश्चिम तरफ की दीवार फांदकर आंगन में घुस गए।
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इसके बाद उन्होंने महिलाओं को बंधक बनाकर पिटाई शुरू कर दी। बच्चों को मारने की धमकी देकर सभी के गहने छीन लिए। प्रतिकार करने पर उन्होंने सरिता, बहन विद्यावती (35), चंद्रकला (38), मौसी मीरा देवी (45), लीलावती देवी (50), मामी इसरावती देवी (40), रिंकी (25) की पिटाई कर दी। शोर सुनकर श्रीराम जब अंदर गया तो डकैतों ने रॉड और डंडे से हमला कर उसे अधमरा कर दिया।
लूटपाट के बाद घर में रखे मोबाइल और सिमकार्ड तोड़कर डकैत फरार हो गए। जाते वक्त उन्होंने महिलाओं को कमरे में बंद कर दिया। आधे घंटे बाद दरवाजा तोड़कर बाहर निकलीं महिलाओं ने एक अन्य मोबाइल से लालजी को सूचना दी। घरवालों के बताने पर 4:30 बजे फोर्स के साथ पहुंचे एसओ बेलीपार पीयूष सिंह घायलों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टर ने श्रीराम को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायलों विद्यावती, चंद्रकला, मीरा और इसरावती का इलाज चल रहा है।
फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे एसएसपी लव कुमार ने घायलों से घटना की जानकारी ली। रामसंवारे ने अपने रिश्तेदार पर ही घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया है। लालजी की तहरीर पर 10-15 अज्ञात बदमाशों पर हत्या और डकैती का केस किया गया है।