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उरुवां में प्रधान और बीडीसी पर जानलेवा हमला
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Updated Thu, 26 May 2016 10:33 PM IST
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उरुवां के दशवतपुर में बुधवार की रात बांसगांव, भरौपुर के प्रधान और बीडीसी पर बदमाशों ने हमला कर दिया। उन्होंने पुलिया के पास उनकी जीप रोककर पांच राउंड से अधिक फायरिंग की। गोली लगने से प्रधान गंभीर रूप से घायल हो गए। गाड़ी में बैठे उनके भतीजे व बीडीसी की जेब में रखे मोबाइल पर गोली लगने से उनकी जान बच गई। पुलिस ने दोनों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। पुरानी रंजिश में गांव के एक परिवार पर हमला कराने का आरोप लगाते हुए प्रधान के भतीजे ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
धुरियापार, बांसगांव प्रतिनिधि के अनुसार बुद्धिराम यादव (56) भैरोपुर गांव के प्रधान हैं। उनका भतीजा नन्हे यादव (32) बीडीसी (क्षेत्र पंचायत सदस्य) है। बुधवार की रात वे जीप से गांव के रहने वाले बलदेव के बेटे की बारात में उरुवां के केशवापुर, चांड़ी गांव गए थे। रात 11:30 बजे प्रधान अपने भतीजे के साथ लौट रहे थे। जीप बुद्धिराम चला रहे थे। नन्हे आगे की सीट पर बगल में बैठा थे।
दशवतपुर पुलिया पास तीन बदमाशों ने ओवरटेक कर जीप को रोका और उसके आगे बाइक खड़ी कर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पांच राउंड गोली चलाने के बाद बदमाश फरार हो गए। एक गोली प्रधान बुद्धिराम के गले और दूसरी नन्हें के गर्दन को छूती हुई निकल गई। एक गोली नन्हें के बाएं तरफ जेब में रखे मोबाइल में लगी जिससे वह बच गए। नन्हे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को मेडिकल कॉलेेज में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद नन्हे को छुट्टी मिल गई।
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प्रधान की हालत खतरे से बाहर है। प्रधान ने गांव के विवेक सिंह और उनके चार सहयोगियों पर हमला करने का आरोप लगाया है। नन्हे ने घटना के संबंध में तहरीर दी है। एसओ उरुवां अमरजीत यादव ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश चल रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बांसगांव थाने के हिस्ट्रीशीटर है बुद्धिराम
भैरोपुर गांव के प्रधान बुद्धिराम यादव बांसगांव थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, बलवा, मारपीट, लूट के 18 मुकदमे दर्ज हैं। गांव के रहने वाले शिक्षक विवेक सिंह के परिवार से उनकी रंजिश है। रंजिश के चलते दोनों में कई बार विवाद हो चुका है। घटना के बाद से गांव में तनाव पैदा होेने से ऐहतियातन पीएसी लगा दी गई है।
इनसेट
2007 में हुई थी बेटे की हत्या
13 जनवरी 2007 को बुद्धिराम यादव के बेटे की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गांव विवेक सिंह पर केस दर्ज हुआ था। प्रतिशोध में बुद्धिराम ने विवेक और उनके शिक्षक भाई उमेश सिंह के परिवार की महिलाओं को घर में कैद कर जिंदा जलाने का प्रयास किया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति संभालते हुए सभी को मुक्त कराया था।
यह है मामला
2007 की घटना के बाद विवेक के भाई उमेश सिंह परिवार के साथ शहर में रहने लगे थे। यहीं से वह भटवली स्थित स्कूल जाते-आते हैं। जमानत मिलने के बाद विवेक महराजगंज में रहता है। गांव का मकान गिराकर उमेश सिंह आईटीआई कॉलेज बनवा रहे हैं। दो महीना पहले बुद्धिराम ने निर्माण रुकवा दिया था जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया था। तहसील प्रशासन के हस्तक्षेप पर विवाद खत्म हुआ था। इसके बाद आईटीआई कॉलेज का निर्माण शुरू हुआ है। इसी विवाद में बुद्धिराम हमला किए जाने का आरोप लगा रहे हैं।
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धुरियापार, बांसगांव प्रतिनिधि के अनुसार बुद्धिराम यादव (56) भैरोपुर गांव के प्रधान हैं। उनका भतीजा नन्हे यादव (32) बीडीसी (क्षेत्र पंचायत सदस्य) है। बुधवार की रात वे जीप से गांव के रहने वाले बलदेव के बेटे की बारात में उरुवां के केशवापुर, चांड़ी गांव गए थे। रात 11:30 बजे प्रधान अपने भतीजे के साथ लौट रहे थे। जीप बुद्धिराम चला रहे थे। नन्हे आगे की सीट पर बगल में बैठा थे।
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दशवतपुर पुलिया पास तीन बदमाशों ने ओवरटेक कर जीप को रोका और उसके आगे बाइक खड़ी कर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पांच राउंड गोली चलाने के बाद बदमाश फरार हो गए। एक गोली प्रधान बुद्धिराम के गले और दूसरी नन्हें के गर्दन को छूती हुई निकल गई। एक गोली नन्हें के बाएं तरफ जेब में रखे मोबाइल में लगी जिससे वह बच गए। नन्हे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को मेडिकल कॉलेेज में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद नन्हे को छुट्टी मिल गई।
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प्रधान की हालत खतरे से बाहर है। प्रधान ने गांव के विवेक सिंह और उनके चार सहयोगियों पर हमला करने का आरोप लगाया है। नन्हे ने घटना के संबंध में तहरीर दी है। एसओ उरुवां अमरजीत यादव ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश चल रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बांसगांव थाने के हिस्ट्रीशीटर है बुद्धिराम
भैरोपुर गांव के प्रधान बुद्धिराम यादव बांसगांव थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, बलवा, मारपीट, लूट के 18 मुकदमे दर्ज हैं। गांव के रहने वाले शिक्षक विवेक सिंह के परिवार से उनकी रंजिश है। रंजिश के चलते दोनों में कई बार विवाद हो चुका है। घटना के बाद से गांव में तनाव पैदा होेने से ऐहतियातन पीएसी लगा दी गई है।
इनसेट
2007 में हुई थी बेटे की हत्या
13 जनवरी 2007 को बुद्धिराम यादव के बेटे की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गांव विवेक सिंह पर केस दर्ज हुआ था। प्रतिशोध में बुद्धिराम ने विवेक और उनके शिक्षक भाई उमेश सिंह के परिवार की महिलाओं को घर में कैद कर जिंदा जलाने का प्रयास किया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति संभालते हुए सभी को मुक्त कराया था।
यह है मामला
2007 की घटना के बाद विवेक के भाई उमेश सिंह परिवार के साथ शहर में रहने लगे थे। यहीं से वह भटवली स्थित स्कूल जाते-आते हैं। जमानत मिलने के बाद विवेक महराजगंज में रहता है। गांव का मकान गिराकर उमेश सिंह आईटीआई कॉलेज बनवा रहे हैं। दो महीना पहले बुद्धिराम ने निर्माण रुकवा दिया था जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया था। तहसील प्रशासन के हस्तक्षेप पर विवाद खत्म हुआ था। इसके बाद आईटीआई कॉलेज का निर्माण शुरू हुआ है। इसी विवाद में बुद्धिराम हमला किए जाने का आरोप लगा रहे हैं।