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पुलिस को सबक सिखाने के लिए युवक बना फर्जी सीओ
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 27 Feb 2016 10:03 PM IST
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फर्जी सीओ बनकर एसएसपी को फोन करने वाले युवक को शनिवार को जालसाजी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया। शुक्रवार की रात गिरफ्तार किए गए युवक ने पूछताछ में बताया कि प्रेमिका के साथ पकड़े जाने के बाद जटेपुर पुलिस से प्रताड़ित होकर उन्हें सबक सिखाने के लिए उसने ऐसा ड्रामा रचा था।
तिवारीपुर, माधोपुर के रहने वाले युवक सौरभ सिंह को कुछ दिनों पहले सिविल लाइंस इलाके में प्रेमिका के साथ घूमते हुए जटेपुर पुलिस ने पकड़ा था। बाद में उसकी प्रेमिका को छोड़ दिया गया। लेकिन सौरभ का आरोप है कि पुलिस ने थाने में उसे प्रताड़ित किया। बाद में तिवारीपुर थाने के एक सिपाही की सिफारिश पर उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद जटेपुर पुलिस चौकी पर तैनात सिपाहियों को सबक सिखाने के लिए उसने खुद को बागपत जिले के बड़ौत थाने का सीओ अरविंद सिंह बताते हुए एसएसपी और सीओ कैंट के पास फोन कर शिकायत की। एसएसपी के निर्देश पर कैंट पुलिस ने जब इसकी जांच की तो वहां के एसओ ने इस नाम के सीओ की पोस्टिंग होने से इन्कार कर दिया और नंबर बताने पर युवक के फर्जी होने की जानकारी दी।
शुक्रवार की रात सर्विलांस की मदद से कैंट पुलिस ने सौरभ को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पूछताछ में उसके इस ड्रामे की सच्चाई सामने आई। पुलिस को तलाशी में उसके पास से पांच सिमकार्ड मिले, जिसमें दो फर्जी नाम और पते पर लिए गए थे। सौरभ पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने और 66 आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर शनिवार दोपहर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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सिपाही ने थाने में पहुंचकर दी सफाई
तिवारीपुर थाने में तैनात सिपाही ने शनिवार सुबह कैंट थाने पहुंच अपनी सफाई दी। पूछताछ में पता चला कि तिवारीपुर थाने पर तैनात सिपाही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करता है। कोचिंग सेंटर पर पढ़ाने वाले सौरभ से थाने आते-जाते समय उसकी दोस्ती हुई थी। घटना में उसकी कोई भूमिका नहीं है।
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तिवारीपुर, माधोपुर के रहने वाले युवक सौरभ सिंह को कुछ दिनों पहले सिविल लाइंस इलाके में प्रेमिका के साथ घूमते हुए जटेपुर पुलिस ने पकड़ा था। बाद में उसकी प्रेमिका को छोड़ दिया गया। लेकिन सौरभ का आरोप है कि पुलिस ने थाने में उसे प्रताड़ित किया। बाद में तिवारीपुर थाने के एक सिपाही की सिफारिश पर उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद जटेपुर पुलिस चौकी पर तैनात सिपाहियों को सबक सिखाने के लिए उसने खुद को बागपत जिले के बड़ौत थाने का सीओ अरविंद सिंह बताते हुए एसएसपी और सीओ कैंट के पास फोन कर शिकायत की। एसएसपी के निर्देश पर कैंट पुलिस ने जब इसकी जांच की तो वहां के एसओ ने इस नाम के सीओ की पोस्टिंग होने से इन्कार कर दिया और नंबर बताने पर युवक के फर्जी होने की जानकारी दी।
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शुक्रवार की रात सर्विलांस की मदद से कैंट पुलिस ने सौरभ को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पूछताछ में उसके इस ड्रामे की सच्चाई सामने आई। पुलिस को तलाशी में उसके पास से पांच सिमकार्ड मिले, जिसमें दो फर्जी नाम और पते पर लिए गए थे। सौरभ पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने और 66 आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर शनिवार दोपहर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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सिपाही ने थाने में पहुंचकर दी सफाई
तिवारीपुर थाने में तैनात सिपाही ने शनिवार सुबह कैंट थाने पहुंच अपनी सफाई दी। पूछताछ में पता चला कि तिवारीपुर थाने पर तैनात सिपाही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करता है। कोचिंग सेंटर पर पढ़ाने वाले सौरभ से थाने आते-जाते समय उसकी दोस्ती हुई थी। घटना में उसकी कोई भूमिका नहीं है।