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लाइनमैन की करंट से मौत पर जेई और एसएसओ पर गैर इरादतन हत्या का केस
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 15 Dec 2017 07:46 PM IST
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बिजली विभाग की लापरवाही की वजह से लाइनमैन की मौत के मामले में खोराबार थाने में शुक्रवार को अवर अभियंता और सब स्टेशन ऑपरेटर (एसएसओ) के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया। लाइनमैन धर्मवीर की मां मालती देवी ने तहरीर दी थी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
खोराबार सबस्टेशन के रामगढ़ फीडर से जुड़े इलाके में गुरुवार शाम फाल्ट को दुरुस्त करने के दौरान करंट से दम तोड़ने वाले संविदा कर्मचारी धर्मवीर पासवान के परिवार के पक्ष में शुक्रवार को गांववाले लामबंद हो गए। हिंदू युवा वाहिनी के नेता रामलक्ष्मण की अगुवाई में लोगों ने अधीक्षण अभियंता ग्रामीण के कार्यालय पर प्रदर्शन किया। साथ ही पीड़ित परिवार के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। कहा कि मुआवजे की रकम जिम्मेदारों के वेतन से काट कर दी जाए, ताकि उन्हें अपनी लापरवाही का एहसास हो सके।
इस मामले में प्रदर्शनकारी और कुछ बिजली अभियंताओं में नोकझोंक भी हुई थी। बाद में अधीक्षण अभियंता एके सिंह दफ्तर पहुंचे और पांच लाख रुपये मुआवजा के तौर पर देने का आश्वासन दिया। इसके बाद गांववालों ने आंदोलन वापस ले लिया। दूसरी ओर शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को हुआ, फिर दाह संस्कार कर दिया गया। लाइनमैन के परिजनों के साथ कई लोग खोराबार थाने भी पहुंचे। तहरीर के आधार पर पुलिस ने जेई, एसएसओ के खिलाफ केस दर्ज किया। अधीक्षण अभियंता एके सिंह का कहना है कि इस घटना में खोराबार उपकेंद्र के एसएसओ की लापरवाही सामने आ रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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घर के कमाऊ बेटे की मौत से मातम
लाइनमैन धर्मवीर की मौत से घर में चीख-पुकार मची है। अब परिवार के सामने भरण-पोषण चुनौती बन गई है। धर्मवीर के बाबा तूफानी, दादी, मां के अलावा तीन बहनें भी हैं। धर्मवीर के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। अकेला धर्मवीर की कमाई से ही घर चलता था। उसकी मौत ने परिवार वालों को झकझोर दिया है।
यह था मामला
बृहस्पतिवार की शाम शट डाउन लेकर संविदा पर तैनात लाइनमैन धर्मवीर सोनवे गांव में बिजली का फाल्ट ठीक कर रहा था। इसी दौरान बिजली की सप्लाई शुरू कर दी गई। इससे करंट की चपेट में आए लाइनमैन की झुलसकर मौत हो गई। उसके बाद भी सप्लाई जारी रही। करीब डेढ़ घंटे तक लाइनमैन का शव तार पर लटका रहा। कोई जिम्मेदार अफसर मौके पर नहीं पहुंचा। इससे नाराज मृत शख्स के परिजन और आसपास के लोगों ने हंगामा किया। इसके बाद अफसर चेते और बिजली आपूर्ति बंद कराई। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह शव उतरवाया जा सका।
जेई शाहजहां, एसएसओ राहुल की थी तैनाती
बिजली विभाग के रिकार्ड के मुताबिक लाइनमैन धर्मवीर के साथ जिस वक्त हादसा हुआ, उस वक्त जेई शाहजहां की तैनाती थी। एसएसओ राहुल शर्मा बिजली आपूर्ति का काम देख रहे थे। अभी एफआईआर अज्ञात के खिलाफ हुई है। प्रारंभिक विवेचना के बाद जेई, एसएसओ को नामजद किया जा सकता है।
दो एसडीओ को जांच
लाइनमैन की मौत के बाद बिजली विभाग ने एसडीओ नीति मिश्रा और पुनीत निगम को मामले की जांच दी है। इन अफसरों से दो दिन में रिपोर्ट तलब की गई है। इसी आधार पर आरोपी जेई, एसएसओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
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खोराबार सबस्टेशन के रामगढ़ फीडर से जुड़े इलाके में गुरुवार शाम फाल्ट को दुरुस्त करने के दौरान करंट से दम तोड़ने वाले संविदा कर्मचारी धर्मवीर पासवान के परिवार के पक्ष में शुक्रवार को गांववाले लामबंद हो गए। हिंदू युवा वाहिनी के नेता रामलक्ष्मण की अगुवाई में लोगों ने अधीक्षण अभियंता ग्रामीण के कार्यालय पर प्रदर्शन किया। साथ ही पीड़ित परिवार के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। कहा कि मुआवजे की रकम जिम्मेदारों के वेतन से काट कर दी जाए, ताकि उन्हें अपनी लापरवाही का एहसास हो सके।
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इस मामले में प्रदर्शनकारी और कुछ बिजली अभियंताओं में नोकझोंक भी हुई थी। बाद में अधीक्षण अभियंता एके सिंह दफ्तर पहुंचे और पांच लाख रुपये मुआवजा के तौर पर देने का आश्वासन दिया। इसके बाद गांववालों ने आंदोलन वापस ले लिया। दूसरी ओर शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को हुआ, फिर दाह संस्कार कर दिया गया। लाइनमैन के परिजनों के साथ कई लोग खोराबार थाने भी पहुंचे। तहरीर के आधार पर पुलिस ने जेई, एसएसओ के खिलाफ केस दर्ज किया। अधीक्षण अभियंता एके सिंह का कहना है कि इस घटना में खोराबार उपकेंद्र के एसएसओ की लापरवाही सामने आ रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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घर के कमाऊ बेटे की मौत से मातम
लाइनमैन धर्मवीर की मौत से घर में चीख-पुकार मची है। अब परिवार के सामने भरण-पोषण चुनौती बन गई है। धर्मवीर के बाबा तूफानी, दादी, मां के अलावा तीन बहनें भी हैं। धर्मवीर के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। अकेला धर्मवीर की कमाई से ही घर चलता था। उसकी मौत ने परिवार वालों को झकझोर दिया है।
यह था मामला
बृहस्पतिवार की शाम शट डाउन लेकर संविदा पर तैनात लाइनमैन धर्मवीर सोनवे गांव में बिजली का फाल्ट ठीक कर रहा था। इसी दौरान बिजली की सप्लाई शुरू कर दी गई। इससे करंट की चपेट में आए लाइनमैन की झुलसकर मौत हो गई। उसके बाद भी सप्लाई जारी रही। करीब डेढ़ घंटे तक लाइनमैन का शव तार पर लटका रहा। कोई जिम्मेदार अफसर मौके पर नहीं पहुंचा। इससे नाराज मृत शख्स के परिजन और आसपास के लोगों ने हंगामा किया। इसके बाद अफसर चेते और बिजली आपूर्ति बंद कराई। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह शव उतरवाया जा सका।
जेई शाहजहां, एसएसओ राहुल की थी तैनाती
बिजली विभाग के रिकार्ड के मुताबिक लाइनमैन धर्मवीर के साथ जिस वक्त हादसा हुआ, उस वक्त जेई शाहजहां की तैनाती थी। एसएसओ राहुल शर्मा बिजली आपूर्ति का काम देख रहे थे। अभी एफआईआर अज्ञात के खिलाफ हुई है। प्रारंभिक विवेचना के बाद जेई, एसएसओ को नामजद किया जा सकता है।
दो एसडीओ को जांच
लाइनमैन की मौत के बाद बिजली विभाग ने एसडीओ नीति मिश्रा और पुनीत निगम को मामले की जांच दी है। इन अफसरों से दो दिन में रिपोर्ट तलब की गई है। इसी आधार पर आरोपी जेई, एसएसओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।