{"_id":"5aad1df54f1c1ba8758b5f29","slug":"71521294837-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नकली नोटों के साथ शातिर त्रिभुवन साथी संग गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नकली नोटों के साथ शातिर त्रिभुवन साथी संग गिरफ्तार
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sat, 17 Mar 2018 08:30 PM IST
विज्ञापन
पकड़े गए आरोपी।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजघाट के नार्मल रोड के पास नकली नोटों के साथ पुलिस ने शातिर त्रिभुवन सिंह को उसके साथी मोहम्मद यूनिस के साथ गिरफ्तार किया है। वहीं उसका एक साथी पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पकड़े गए बदमाशों के पास से पुलिस ने 500 के 56 नकली नोट, पिस्टल, कारतूस, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस आदि सामान बरामद किया है। दोनों से पूछताछ के आधार पर पुलिस नकली नोटों के धंधे से जुड़े गिरोह की भी जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम को एसएसपी ने पांच हजार नकद पुरस्कार दिया।
सीओ क्राइम प्रवीण सिंह और सीओ कोतवाली तारकेश्वर पांडेय ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर बदमाशों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के आदेश पर पुलिस कोतवाली इलाके में हुई लूट में वांछित दानिश की तलाश में थी। नार्मल पुलिस चौकी के पास पुलिसकर्मी आपस में बात कर रहे थे। तभी मुखबिर ने तीन बदमाशों के आने की सूचना दी। पुलिस ने वहां पर चेकिंग शुरू कर दी। तीन बदमाश बाइक से आते दिखाई दिए। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो वे गाड़ी मोड़कर भागने लगे।
पीछा करने के दौरान ही बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। दो बदमाशों को पुलिस ने पकड़ लिया, लेकिन तीसरा बदमाश को चकमा देकर भागने में सफल रहा। पकड़े गए बदमाशों की पहचान चिलुआताल के काजीपुर निवासी त्रिभुवन उर्फ पिंटू सिंह और राजघाट के बसंतपुर निवासी मोहम्मद यूनिस के रूप में हुई है। दोनों हत्या, लूट जैसे मामलों में भी वांछित थे।
विज्ञापन
आईएसआई से भी जुड़े हो सकते हैं तार
पकड़े गए त्रिभुवन का संबंध परवेज टांडा से रहा है, जिस पर आईएसआई के एजेंट के रूप में काम करने का आरोप था। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है। वहीं अन्य जांच एजेंसियों ने भी त्रिभुवन से पूछताछ की है।
नेपाल से नकली नोट आने की आशंका
पुलिस की पूछताछ में त्रिभुवन ने नेपाल से नकली नोट लाने की बात कबूली है। हालांकि इसकी अभी कोई पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस नेपाल से नकली नोट के गिरोह की जांच तेज कर दी है।
अपराध की खातिर सीखा था नमाज पढ़ना
त्रिभुवन शातिर अपराधी रहे परवेज टांडा के गिरोह का सदस्य भी रह चुका है। परवेज की मौत के बाद ही त्रिभुवन नेपाल में रहकर नकली नोटों की तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था। इसी बीच एक हत्या के मामले में पुलिस ने त्रिभुवन को गिरफ्तार कर लिया था। कुछ महीने पहले ही वह जेल से जमानत पर छूटा और हत्या की साजिश रच रहा था। परवेज के साथ ही रहने के दौरान अपराध करने के लिए उसने नमाज पढ़ना भी सीखा था। पूछताछ में उसने बताया कि परवेज की पत्नी ने उसे नमाज पढ़ना सिखाया था।
त्रिभुवन पर दर्ज हैं 23 मुकदमे
त्रिभुवन पर गंभीर धाराओं में 23 मुकदमे दर्ज हैं। कुशीनगर के कसया में हत्या, साजिश, गोरखनाथ, तिवारीपुर, कैंट, चिलुआताल थाने में भी हत्या, लूट, डकैती, धमकी देने थे, आर्म्स एक्ट के केस दर्ज है। इसके अलावा यूनिस पर राजघाट में चार और कैंट में लूट का एक केस दर्ज है।
गिरफ्तारी टीम में यह थे शामिल
गिरफ्तारी करने वाली टीम में राजघाट एसओ सत्य प्रकाश सिंह, स्वाट टीम के रविंद्र सिंह यादव, राजमंगल सिंह, कामेश्वर दुबे, शशिकांत राय, रशिद अख्तर खां, सनातन सिंह, राजीव शुक्ला, शिवानंद उपाध्याय, योगेश सिंह, जितेंद्र मौर्या शामिल थे।
विज्ञापन
सीओ क्राइम प्रवीण सिंह और सीओ कोतवाली तारकेश्वर पांडेय ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर बदमाशों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के आदेश पर पुलिस कोतवाली इलाके में हुई लूट में वांछित दानिश की तलाश में थी। नार्मल पुलिस चौकी के पास पुलिसकर्मी आपस में बात कर रहे थे। तभी मुखबिर ने तीन बदमाशों के आने की सूचना दी। पुलिस ने वहां पर चेकिंग शुरू कर दी। तीन बदमाश बाइक से आते दिखाई दिए। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो वे गाड़ी मोड़कर भागने लगे।
विज्ञापन
पीछा करने के दौरान ही बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। दो बदमाशों को पुलिस ने पकड़ लिया, लेकिन तीसरा बदमाश को चकमा देकर भागने में सफल रहा। पकड़े गए बदमाशों की पहचान चिलुआताल के काजीपुर निवासी त्रिभुवन उर्फ पिंटू सिंह और राजघाट के बसंतपुर निवासी मोहम्मद यूनिस के रूप में हुई है। दोनों हत्या, लूट जैसे मामलों में भी वांछित थे।
विज्ञापन
आईएसआई से भी जुड़े हो सकते हैं तार
पकड़े गए त्रिभुवन का संबंध परवेज टांडा से रहा है, जिस पर आईएसआई के एजेंट के रूप में काम करने का आरोप था। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है। वहीं अन्य जांच एजेंसियों ने भी त्रिभुवन से पूछताछ की है।
नेपाल से नकली नोट आने की आशंका
पुलिस की पूछताछ में त्रिभुवन ने नेपाल से नकली नोट लाने की बात कबूली है। हालांकि इसकी अभी कोई पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस नेपाल से नकली नोट के गिरोह की जांच तेज कर दी है।
अपराध की खातिर सीखा था नमाज पढ़ना
त्रिभुवन शातिर अपराधी रहे परवेज टांडा के गिरोह का सदस्य भी रह चुका है। परवेज की मौत के बाद ही त्रिभुवन नेपाल में रहकर नकली नोटों की तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था। इसी बीच एक हत्या के मामले में पुलिस ने त्रिभुवन को गिरफ्तार कर लिया था। कुछ महीने पहले ही वह जेल से जमानत पर छूटा और हत्या की साजिश रच रहा था। परवेज के साथ ही रहने के दौरान अपराध करने के लिए उसने नमाज पढ़ना भी सीखा था। पूछताछ में उसने बताया कि परवेज की पत्नी ने उसे नमाज पढ़ना सिखाया था।
त्रिभुवन पर दर्ज हैं 23 मुकदमे
त्रिभुवन पर गंभीर धाराओं में 23 मुकदमे दर्ज हैं। कुशीनगर के कसया में हत्या, साजिश, गोरखनाथ, तिवारीपुर, कैंट, चिलुआताल थाने में भी हत्या, लूट, डकैती, धमकी देने थे, आर्म्स एक्ट के केस दर्ज है। इसके अलावा यूनिस पर राजघाट में चार और कैंट में लूट का एक केस दर्ज है।
गिरफ्तारी टीम में यह थे शामिल
गिरफ्तारी करने वाली टीम में राजघाट एसओ सत्य प्रकाश सिंह, स्वाट टीम के रविंद्र सिंह यादव, राजमंगल सिंह, कामेश्वर दुबे, शशिकांत राय, रशिद अख्तर खां, सनातन सिंह, राजीव शुक्ला, शिवानंद उपाध्याय, योगेश सिंह, जितेंद्र मौर्या शामिल थे।